राजस्थान: मंत्री के बेटे की शादी के जश्न में जमकर लहराई बंदूकें और हुई फायरिंग, बंदूक डांस का भी दिखा नजारा
एनसीआई@बांसवाड़ा
गहलोत मंत्रिमंडल में केबिनेट मिनिस्टर महेन्द्रजीत सिंह मालवीया के बेटे और पूर्व भाजपा सरकार में राज्य मंत्री रहे धनसिंह रावत की बेटी की शादी के रिसेप्शन के जश्न में जमकर फायरिंग की गई। सोमवार को हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में मेहमान शामिल हुए। समारोह में जमकर फायर किए गए। उस समय मंत्री मालवीय भी मौजूद रहे।
इस शादी समारोह के जश्न में बंदूकों से गोलियां दागने के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। इनमें दिखाई दे रहा है कि मेहमानों के साथ घर वाले भी गेर नृत्य कर रहे हैं। इस नृत्य के दौरान कुछ लोगों के हाथ में बंदूकें हैं। इस बीच रुक कर दो लोगों ने तीन बंदूकों से एक साथ फायर किए। वहीं लोगों ने तालियां बजाकर जश्न मनाया।

कॉलेज में डायरेक्टर हैं चंद्रवीर
यह विवाह समारोह धनसिंह रावत के हाउसिंग बोर्ड स्थिति निवास पर बनाए गए पांडाल में आयोजित किया गया था। इसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। मंत्री मालवीया के बेटे चन्द्रवीर सिंह मालवीया कॉलेज के डायरेक्टर हैं। उनके पिता मालवीया पिछले दिनों हुए मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान ही केबिनेट मंत्री बनाए गए थे। पिछली गहलोत सरकार में भी वे मंत्री थे।
ट्रेफिक डायवर्ट, रोडवेज बसों को घूम कर जाना पड़ा
इस शादी समारोह के लिए लम्बा-चौड़ा पांडाल बनाया गया था। इस कारण पुलिस ने आसपास के ट्रेफिक को डायवर्ट भी कर दिया था। इसके चलते रोडवेज की बसों को भी घुमाकर लम्बे रास्ते से निकाला गया। बसों को करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त लम्बा रास्ता तय करना पड़ा। इससे यात्री परेशान होते रहे।
कांग्रेस सरकार में मंत्री, भाजपा सरकार के पूर्व मंत्री के समधी बने
कांग्रेस के महेन्द्रजीत सिंह मालवीया और भाजपा के धनसिंह रावत आपस में अब समधी बन गए हैं। दोनों के समधी बनने की सभी जगह चर्चा है। मालवीया कांग्रेस सरकार में मंत्री हैं और रावत पूर्व में भाजपा सरकार में राज्य मंत्री रहे हैं। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी भी कर चुके हैं। बाद में पार्टी ने चुनाव के दौरान रावत को निलम्बित कर दिया था, लेकिन अब वे फिर से भाजपा में शामिल हो गए हैं। दोनों ही दलों के दिग्गजों के समधी बनने और उनके बेटे व बेटी के विवाह समारोह में फायरिंग का मामले पर दोनों दलों में चुप्पी है।
यह है कानून
आर्म्स एक्ट में संशोधन के बाद केन्द्र सरकार ने शादी या अन्य समारोह में किसी भी प्रकार के हथियारों से फायरिंग को बैन कर दिया था। बहुत से लाइसेंसधारी शादियों में जश्न के लिए हवा में फायर करते हैं। कुछ सालों में ऐसे करने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद ही यह संशोधन किया गया था। इसके बावजूद भी अक्सर इस कानून की धज्जियां उड़ने की खबरें आती रहती हैं।
