बूंदी: जिला कलक्टर रेणु जयपाल का बेमिसाल न्याय, खातेदारों को 71 साल बाद मिला हक
एनसीआई@बूंदी
जिला कलक्टर रेणु जयपाल ने ग्राम रेबारपुरा के दो खातेदारों को 71 साल बाद खातेदारी अधिकार प्रदान कर न्याय प्रदान किया है। इससे इन परिवारों को अब जाकर बड़ी राहत मिली है। परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मामले के अनुसार ग्राम रेबारपुरा निवासी फतेह लाल व कन्हैयालाल को 1951 में 20 बीघा भूमि आवंटित हुई थी। इस पर उन्हें उसी समय कुआं खुदवाने की अनुमति भी प्रदान कर दी गई थी। इस पर इन्होंने कुआं खुदवाया और जमीन को खेती योग्य बनाया। मगर इन खातेदारों को नियमानुसार खातेदारी का अधिकार नहीं मिला था। तब 20 साल बाद 1970 में इन खातेदारों ने अधिवक्ता सोहन लाल जैन के माध्यम से खातेदारी अधिकार प्राप्त करने के लिए सहायक कलक्टर बूंदी न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया। इस वाद पर न्यायालय ने 14/12/ 72 को खातेदारी अधिकार देने के आदेश के साथ डिक्री पारित कर दी। खातेदारों ने इस आदेश की पालना के लिए वर्ष 1973 में इजराय प्रस्तुत की। तहसीलदार केशवरायपाटन ने इस इजराय की पालना में 5/2 /77 को नामांतरकरण खोल दिया, मगर यह नामांतरण गलत खोला गया। वहीं, खातेदार इस विश्वास में रह गए कि वह कागजों में खातेदार दर्ज हो चुके हैं, क्योंकि वर्ष 2010 में पटवारी ने जमाबंदी की नकल दी तो वे उसमें खातेदार दर्ज थे। मगर इस मामले में गलती का खुलासा वर्ष 2016 में उस वक्त हुआ जब खेती में हुए नुकसान का मुआवजा प्राप्त करने के लिए खातेदारों ने नकल प्राप्त की। इस नकल में खातेदारों को गैर खातेदार दर्शा रखा था। इससे वे सन्न रह गए।
तब खातेदारों ने तहसील कार्यालयों सहित कई शिविरों जाकर इस गलती को सुधारने के लिए प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर इनकी ओर से दुबारा वर्ष 2016 में एडवोकेट सोहनलाल जैन व अनुराग शर्मा के माध्यम से विवादित नामांतरण की अपील जिला कलक्टर न्यायालय में प्रस्तुत की। जिला कलक्टर न्यायालय ने नामांतरण की पत्रावली को तलब करने के लिए तहसील केशवरायपाटन व तहसील इंद्रगढ़ दोनों जगह कई तहरीरें भेजीं, लेकिन नामांतरण की पंजिका जिला कलक्टर न्यायालय में नहीं भेजी गई।इस दौरान कई कलक्टर इस पद पर आए और गए।
वर्तमान जिला कलक्टर रेणु जयपाल के सामने जब यह प्रकरण आया तो उन्होंने पत्रावली पर मौजूद दस्तावेजों का ध्यानपूर्वक अवलोकन कर जमीन को खातेदारों के नाम दर्ज करने के आदेश दिए। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अब ग्राम रेबारपुरा केपाटन तहसील से इंद्रगढ़ तहसील में शामिल हो चुका है।
