श्री राम कथा में शिव सती प्रसंग से हुई आंखें नम, शिव-पार्वती विवाह पर लगे जयकारे
नगर निगम की ओर से 10 स्थानों पर श्री राम कथा आयोजित
एनसीआई@कोटा
नगर निगम कोटा की ओर से राष्ट्रीय दशहरा मेला 2022 के अवसर पर शहर भर में 10 स्थानों पर श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को व्यास पीठ से शिव सती के प्रसंग पर कथा श्रोताओं की आंखें नम हो गईं। वहीं शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग ने सभी को आनंदित कर दिया। इस दौरान शिव पार्वती के जयकारों से आसमान गूंज उठा।

रामानंद आश्रम पर पं. आचार्य जगदीश वेदी, मानपुरा जगन्नाथपुरा में पं. अनिल दीक्षित, दुर्गा माता मंदिर चौपड़ा फार्म में पं. महेश शर्मा, डडवाडा पर पं. महेश शर्मा, रणबंका चौराहा, यूआईटी ग्राउंड पर पं. ओमप्रकाश पांडेय, केशवपुरा में पं. गौरव कृष्ण तिवारी, मंशापूर्ण बालाजी मंदिर शिवपुरा पर पं. कृष्णकांत पाराशर, रंगबाड़ी में सुदामा पार्क पर पं. गौरव कृष्ण तिवारी, ओंकारेश्वर महादेव मंदिर विवेकानंद नगर में पं. रामावतार शर्मा शास्त्री तथा वीर हनुमान मंदिर रामचंद्रपुरा छावनी में पं. मनोज शर्मा ने व्यास पीठ से श्रीराम कथा की।
श्री राम का गुणगान, शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनाया
सत्येश्वर महादेव मंदिर जय हिंद नगर में बालिका संत राधिका किशोरी ने व्यासपीठ से श्रीराम का गुणगान किया। उन्होंने शिव-पार्वती विवाह एवं शिव चरित्र का वर्णन करते हुए शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। उनके सुंदर-सुंदर भजनों ‘शिव को ब्याहने चले’, ‘भोले की बारात चली सज धज चली’ सहित अन्य पर श्रद्धालुओं ने नाचते -झूमते आनंद लिया। शिव विवाह प्रसंग का वर्णन सुन भक्तजन मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने कहा कि जीवन रूपी नैया को पार करने के लिए राम नाम ही एक मात्र सहारा है।
वर्तमान दौर में ऐसा कोई मनुष्य नहीं है जो दुखी न हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता है कि हम भगवान का स्मरण करना ही छोड़ दें। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। राम नाम का स्मरण करने मात्र से हर एक विषम परिस्थिति को पार किया जा सकता है, लेकिन, अमूमन सुख हो या दुख हम भगवान को भूल जाते हैं। दुखों के लिए उन्हें दोष देना उचित नहीं है।
यह रहे मौजूद
इस दौरान केशवपुरा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, पार्षद मनोज गुप्ता, कुलदीप गौतम व रुद्रेश तिवारी ने आरती की। वहीं रणबंका चौराहे पर पार्षद धनराज गुर्जर ने आरती की।
