मुख्यमंत्री गहलोत के समर्थन वाले विवादित आदेश को एसीबी ने दो दिन में ही वापस लिया, आरोपी के फोटो और नाम सार्वजनिक हो सकेंगे
एनसीआई@जयपुर
एंटी करप्शन ब्यूरो राजस्थान के कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने दो दिन बाद ही अपने बेहद विवादित आदेश को वापस ले लिया है। हर तरफ से हो रहे इस आदेश के विरोध को देखते हुए उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा है।
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उल्लेखनीय है कि 4 जनवरी को ही हेमंत प्रियदर्शी ने एक आदेश निकाल कर ब्यूरो के सभी चौकी प्रभारियों सहित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि ट्रेप किए गए किसी भी व्यक्ति के फोटो और उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया जाए। साथ ही अभिरक्षा के दौरान ऐसे व्यक्ति की सुरक्षा के माकूल प्रबंध करने के आदेश भी दिए थे। उनके इस आदेश की विरोधी पक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने भी कड़ी आलोचना की थी। जन भावना भी इसके विरोध में दिख रही थी। माना जा रहा था कि उनका यह आदेश भ्रष्टाचारी अधिकारियों/ कर्मचारियों की छवि को खराब होने से बचाने का प्रयास है। इस मामले में खास बात यह है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस आदेश के समर्थन में बयान दिया था। उनके मंत्री इसका विरोध कर रहे थे।
