मां अपनी पेंशन के लिए चक्कर काटते हुए मर गई, अब बेटे को भी कर्मचारी ऐसे ही परेशान कर रहा था, 25 हजार रुपए रिश्वत लेते हो गया ट्रेप
एनसीआई@जयपुर
महिला सफाई कर्मी सेवानिवृत्ति के बाद 5 साल तक अपनी पेंशन पाने के लिए कार्यालय के चक्कर काटती रही, मगर कर्मचारी रिश्वत लेने पर अड़ा रहा। अंततः उस सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी की मौत हो गई। इसके बाद उसका पुत्र अपनी मां की राशि के लिए प्रयास करने लगा, मगर तब भी सम्बन्धित कर्मचारी का रवैया वही रहा। इसके बाद परेशान होकर उस बेटे ने एंटी करप्शन ब्यूरो की शरण ली। इस पर आज मंगलवार को एसीबी ने कार्रवाई कर उस कर्मचारी को 25 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए ट्रेप कर लिया।
यह मामला जयपुर नगर निगम हेरिटेज के आदर्श नगर कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक मेघराज चावरिया से जुड़ा हुआ है। परेशान होकर पीड़ित ने एसीबी मुख्यालय पहुंच कर एडीजी दिनेश एमएन को सारी बात बताई। इस पर एसीबी ने शिकायत का सत्यापान कर आज ट्रेप की इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
यह था पूरा मामला
एडीजी एसीबी दिनेश एमएन ने बताया कि आरोपी मेघराज निगम में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात है। वह एक मृत सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन पास करने की एवज में उसके बेटे से पैसे मांग रहा था। इस पर पीड़ित कई बार मेघराज से गुहार लगा चुका था, लेकिन उसके बाद भी वह रिश्वत लेने की मांग पर अड़ा हुआ था। इस सम्बन्ध में इस सेवानिवृत्त कर्मचारी की ओर से निगम सीईओ को भी लिखित में जानकारी दी गई, लेकिन निगम सीईओ ने कोई एक्शन नहीं लिया। इसके बाद ही उसने एंटी करप्शन ब्यूरो की शरण ली। एसीबी मुख्यालय ने सत्यापन के बाद आज एएसपी हिमांशु कुलदीप को ट्रेप के आदेश दिए। इस पर मेघराज को कार्यालय में ट्रेप कर लिया गया। इसके पास से रिश्वत की राशि 25 हजार रुपए भी बरामद हो गई।
घर और अन्य ठिकानों पर सर्च जारी
इस ट्रेप कार्रवाई के बाद एसीबी मेघराज चावरिया के आवास और अन्य ठिकानों पर सर्च कर रही है। तीन ठिकानों पर सर्च की जा रही है। बाद में मेघराज को जयपुर एसीबी मुख्यालय में ले जाया गया। यहां आगे की कार्रवाई की जानी है।
रिटायरमेंट के बाद पांच साल तक नहीं दी पेंशन
एडिशनल एसपी हिमांशु ने बताया कि पेंशन लेने वाली महिला की वर्ष 2021 में मौत हो गई थी। वह जयपुर नगर निगम में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात थी। वर्ष 2018 में महिला सेवानिवृत्त हुई थी। इसके बाद से वह पेंशन के लिए निगम कार्यालय में चक्कर लगाती रही, लेकिन उसकी पेंशन जारी नहीं की गई। हर बार कोई ना कोई अडंगा लगाकर उसका काम रोक दिया जाता था। वर्ष 2021 में महिला की तो मौत हो गई। वर्ष 2018 से वर्ष 2021 तक की पेंशन और रिटायरमेंट लाभ लेने के लिए तब से मृतका का बेटा कार्यालय के चक्कर काट रहा था। इसके बावजूद भी मेघराज फाइल आगे बढाने के लिए पैसा मांगने पर अड़ा रहा था।
