April 22, 2026

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राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया अब होंगे असम के राज्यपाल

राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया अब होंगे असम के राज्यपाल

नई दिल्ली/जयपुर

आज देश के 13 राज्यों के राज्यपाल/उपराज्यपाल बदल दिए गए हैं। इनमें राजस्थान के भाजपा के दिग्गज नेता और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, लेफ्टिनेंट जनरल कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल, लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को सिक्किम का राज्यपाल, सीपी राधाकृष्णन को झारखंड का राज्यपाल और शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के राज्यपाल बनते ही सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं ने बधाई देना शुरू कर दिया। ट्वीटर पर भी गुलाबचंद कटारिया का नाम ट्रेंड करने लगा है। गुलाबचंद कटारिया के राज्यपाल बनने के बाद अब बीजेपी का नेता प्रतिपक्ष कौन होगा ये एक बड़ा सवाल है। वो कौन नाम है जो नेता प्रतिपक्ष बनने की रेस में सबसे आगे हैं?

अभी तक राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया 8 बार विधायक रह चुके हैं। कटारिया राजस्थान सरकार के गृह मंत्री रहे। वे राजस्थान में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और पार्टी की केन्द्रीय कार्य समिति के सदस्य हैं। वे उदयपुर के निवासी हैं और वहां से 9वीं लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। पूर्व में वे राजस्थान सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री भी रहे।

कटारिया के बारे में यह भी जानें

गुलाब चंद कटारिया का जन्म 13 अक्टूबर 1944 को हुआ। वह 2014 से 2018 तक राजस्थान सरकार में गृह मंत्री रहे हैं। सीबीआई ने शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था।
1977 में गुलाब चंद कटारिया ने पहली बार 6वीं राजस्थान विधानसभा के लिए उदयपुर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन भरा और विजय हुए। यहां से वे लगातार जीतते आ रहे हैं। 1980 में हुए 7वीं राजस्थान विधानसभा के चुनाव भी फिर से जीत कर गुलाब चंद दूसरी बार विधान सभा सदस्य बने। इसी दौरान वे 1980-1981 तक राजस्थान विधानसभा के प्राक्कलन समिति के सदस्य भी रहे। 1981-1985 तक विधायक रहते हुए राजस्थान विधानसभा में प्राक्कलन समिति (अ) के सदस्य भी रहे। गुलाब चंद का राजनीतिक जीवन बहुत प्रगतिशील रहा है। अपने कुछ बयानों से वह विवादों में भी रहे।

कटारिया ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई उम्मीद नहीं थी। हालांकि, दो दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर हालचाल जाने थे, लेकिन राज्यपाल बनने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी।

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