डाइटिशियन युवती ने लिखा-कम्पनियां अपने कर्मचारियों को हार्डवर्क के अनुसार सैलरी दें, उनका फायदा ना उठाएं, फिर दे दी जान
एनसीआई@जयपुर
सेक्टर-8, प्रताप नगर के एक फ्लेट में किराए से रह रही सवाई माधोपुर निवासी 32 वर्षीय डाइटिशियन राधिका मंगल ने सोमवार रात अपने हॉस्पिटल से आने के बाद आत्महत्या कर ली। इसके लिए उसने नींद की गोलियों के साथ इंसुलिन की ओवरडोज ली। उसके सुसाइड नोट से साफ लग रहा है कि वह अपने हॉस्पिटल मैनेजमेंट के द्वारा सैलरी नहीं बढ़ाए जाने से मानसिक रूप से परेशान थी। इसीलिए उसने यह कदम उठाया। जिस हॉस्पिटल में वह काम करती थी, वह राज्य का जाना माना अस्पताल है।

जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार भाई का फोन नहीं उठाने पर मकान मालिक ने प्रताप नगर थाना पुलिस को सूचना देकर बुलाया। पुलिस गेट तोड़कर अंदर गई तो वह बेहोशी की हालत में बिस्तर पर पड़ी मिली। एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने सिटी एफएसएल टीम की मदद से मौके से सबूत जुटाए। शव के पास से सुसाइड नोट मिला है।

पुलिस ने यह बताया
एसएचओ मानवेन्द्र सिंह ने बताया- सवाई माधोपुर निवासी राधिका मंगल ढाई साल से सेक्टर-8 प्रताप नगर में किराए के फ्लेट में रहती थी। वह महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में डायटिशियन की पोस्ट पर काम कर रही थी। सोमवार रात उसने फ्लेट पर पहुंचने के बाद सुसाइड नोट लिखा। इसके बाद नींद की गोलियां और इंसुलिन की ओवर डोज ले ली। वह इससे बेहोश होकर बेड पर गिर गई।
भाई ने मकान मालिक को दी सूचना
इसके बाद राधिका के छोटे भाई ने उसे कॉल किया। कई बार कॉल करने के बाद भी राधिका ने जवाब नहीं दिया तो उसने मकान मालिक को कॉल कर बहन से बात कराने के लिए कहा। मकान मालिक इस पर राधिका के फ्लेट पर गए, वह अंदर से लॉक था। काफी आवाजें देने और गेट खटखटाने के बावजूद भी नहीं खोला गया। इस पर अनहोनी की आशंका से मकान मालिक ने प्रताप नगर थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही रात करीब 10 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और गेट को तोड़कर अंदर पहुंची। वहां बेड पर राधिका बेहोशी की हालत में पड़ी मिली। उसके पास दवाइयों के खाली पाउच भी पड़े हुए थे।

हॉस्पिटल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
पुलिस उसे तुरंत नारायणा हॉस्पिटल लेकर पहुंची। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने से राधिका को एसएमएस हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार दोपहर परिजनों के आने के बाद शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा कर उन्हें सौंप दिया।
यह लिखा सुसाइड नोट में

राधिका ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है-मुझे किसी से कोई परेशानी नहीं है। मुझे पिछले 5-6 महीने से मेंटल हेल्थ की दिक्कत है। मेरी फायनेन्शियल स्थिति भी ठीक नहीं है। मैंने एचआर से कई बार सैलरी बढ़ाने के लिए कहा, लेकिन कुछ सुधार नहीं हुआ। मेरी सोच नाकारात्मक होती गई। काम का प्रेशर भी मेरे दिमाग पर हावी हो गया। नींद के लिए दवाइयां खाने लगी। हमेशा गुस्सा रहने लगी। इसे मैं सहन नहीं कर पा रहा हूं।
मैं इस जिंदगी से आजादी चाहती हूं। मेरी सभी कम्पनियों और ऑर्गेनाइजेशन से अपील है कि अपने कर्मचारी को उसके हार्ड वर्क के अनुसार सैलरी दें। अपने कर्मचारी का फायदा न उठाएं।
10 दिन पहले भाई गया था गांव
एसएचओ मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि राधिका के साथ पिछले 10 महीने से उसका छोटा भाई भी रह रहा था। वह यहां एक प्राइवेट कॉलेज में पढ़ता है। दस दिन पहले ही वह अपने सवाई माधोपुर के अपने गांव गया था। सोमवार रात को उसने ही राधिका को कॉल किया तब यह सारी बात सामने आई। पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है।
