राजस्थान: 30 जिलों में रात को पुलिस की हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई, यह मिली बड़ी सफलता
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान में लगातार बढ़ रहे अपराधों से एक और पुलिस और सरकार की भारी किरकिरी हो रही है तो इन पर लगाम लगाने के लिए भी पुलिस भारी मशक्कत कर रही है। इसी के तहत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर देर रात राज्य के 30 जिलों के एसपी ने एक साथ बदमाशों के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान बड़ी संख्या में अवैध हथियार, मादक पदार्थ और चोरी की गाड़ियां बरामद करने के साथ 1500 से ज्यादा वांटेड और आदतन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

एडीजी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया- पिछले कुछ समय से रेंज में छापेमारी की जा रही थी। बदमाश पकड़े जा रहे थे। इसका फीडबैक सीएमओ तक जा रहा है। सरकार चाहती है कि एक साथ पूरे राज्य में पुलिस की टीमें बदमाशों को पकड़ने के लिए छापेमारी करें।
दिनेश एमएन ने बताया- इस पर देर रात सभी जिलों और कमिश्नर को इस रेड की जानकारी दी गई। रेड के दौरान पुलिस अधीक्षक-डीसीपी अपनी पुलिस फोर्स के साथ बदमाशों के ठिकानों पर पहुंचे। उनके घर को सर्च किया गया। करीब 1500 से ज्यादा आदतन और वांटेड बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा। इस दौरान अन्य राज्यों के भी कुछ ऐसे बदमाश पुलिस के हाथ लगे, जो राजस्थान में फरारी काट रहे थे।

गहलोत दे चुके यह बड़ी चेतावनी
जयपुर के आरपीए (राजस्थान पुलिस अकेडमी) में हुए एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ कर दिया था कि वह क्राइम को लेकर जीरो टॉलरेंस पर काम कर रहे हैं। अपराधियों के साथ किसी भी प्रकार से समझौता नहीं किया जाएगा। अगर कोई अपराधी फरार हो कर सोच रहा है कि वह बच जाएगा तो वह ध्यान में रखे कि उसे समय रहते सरेंडर करना चाहिए। नहीं तो अपराधी को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।

तीन जिलों में इसलिए नहीं हुई छापेमारी
टोंक, भरतपुर और उदयपुर में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण इन जिलों में छापेमारी की यह कार्रवाई नहीं हुई। इन जिलों के एसपी को सर्च में शामिल नहीं किया गया। बस इन जिलों के एसपी को अपने जिले में रेड के दौरान आने वाले बदमाशों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी अन्य जिले में रेड होने के दौरान बदमाश उनके जिले में न चले आएं।
