नाबालिग दोस्त साक्षी को बॉय फ्रेंड साहिल ने सरेआम चाकू से दनादन वार कर मार डाला
दिल्ली दिलवालों की नहीं, मुर्दों की बस्ती, बिना किसी प्रतिक्रिया के लोग देखते रहे
एनसीआई@नई दिल्ली
राजधानी नई दिल्ली के रोहिणी के शाहबाद डेयरी इलाके में रविवार रात साक्षी नामक नाबालिग लड़की की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। आरोपी साहिल पुत्र सरफराज है। सामने आई जानकारी के अनुसार साहिल लड़की का बॉयफ्रेंड था। इनके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद साक्षी ने साहिल से बात करने से मना कर दिया था। इससे वो इतना भड़का कि इस नृशंस वारदात को अंजाम दे डाला। लड़की पर चाकू से 21 वार किए। इससे भी उसका मन नहीं भरा तो पत्थर से भी उसे कुचल डाला। दिल्ली पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी के लिए 6 टीमें बनाई थीं। एक टीम ने सोमवार दोपहर आरोपी को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है। बड़ी बात यह है कि साहिल की गिरफ्तारी के बाद सामने आए फोटो में उसकी कलाई पर कलावा बंधा हुआ दिख रहा है, जबकि वह मुस्लिम है।

इस मामले में चिंता और हैरानी की बात यह है कि गली में साहिल जब उस नाबालिग को चाकुओं से गोद रहा था तो कोई बीच-बचाव करने नहीं आया। लोग आसपास से गुजरते रहे या फिर यह नजारा देख कर मुड़ गए। साहिल वारदात को अंजाम देने के बाद लड़की को जख्मी कर मौके से फरार हो गया। इलाज के दौरान नाबालिग की मौत हो गई।

इस जघन्य हत्याकांड को लेकर दिल्ली पुलिस ने बताया कि साक्षी और साहिल रिलेशनशिप में थे। बीते दिन दोनों के बीच किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया था। इसी खुन्नस में साहिल ने साक्षी को मौत के घाट उतारने का मन बना लिया। इसकी तस्दीक इस बात से होती है कि साहिल अपने साथ चाकू रखकर ले गया था और उसने वार करते समय साक्षी को बचने का कोई मौका तक नहीं दिया।
सीसीटीवी फुटेज में दिख रही है हैवानियत
सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि साक्षी पर वार कर रहे साहिल को एक युवक रोकने की कोशिश करता है, लेकिन किसी और ने इसका साथ नहीं दिया। आरोपी के सिर पर ऐसी वहशत सवार थी कि उसने इस युवक को दूर भगा दिया और लड़की की खोपड़ी में चाकू से सीधे वार करने शुरू कर दिए। एक के बाद एक करीब 40 वार झेलने के बाद साक्षी लहूलुहान होकर नीचे गिर पड़ी। जब इतने से भी दरिंदे साहिल का मन नहीं भरा तो उसने नाली ढकने वाला एक भारी पत्थर उठाया और लड़की को उससे कुचल डाला।
सनकी साहिल को किसी ने क्यों नहीं रोका

वीडियो में वारदात के वक्त घटनास्थल पर करीब 10 लोग दिखाई दे रहे हैं। इनमें तीन- चार महिलाएं भी हैं। मगर इन सब की इंसानियत मर चुकी थी। साहिल सरेआम साक्षी पर चाकू बरसाता रहा, मगर किसी ने उसे रोकने की जहमत नहीं उठाई। यहां तक कि कोई चीखा-चिल्लाया तक नहीं। एक शख्स ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी उसका साथ नहीं दिया तो वह भी भाग गया। इस दौरान चुप रहे इन लोगों को अगर ‘मुर्दा’ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। साहिल को इनमें से अगर दो लोग भी पकड़ लेते तो साक्षी की जान बच सकती थी।
पार्किंग में जगह के लिए सुबह-शाम भिड़ने वाले दिल्लीवालों का जमीर एक कत्ल को लाइव देखते हुए भी नहीं जागा। हैरानी होती है कि 2-3 लोग खड़े होकर देखते रहे, जैसे मदारी कोई खेल दिखा रहा हो। वारदात को अंजाम देकर हल्की सफेद टीशर्ट वाला लड़का बड़े आराम से जेब में हाथ डाले चला जाता है। वैसे तो गली में पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो या पड़ोसियों के बीच का बवाल, लोग इतने फ्री होते हैं कि गाड़ी खड़ी करके मौज लेने से नहीं चूकते, मगर यहां एक लड़की की जान ली जा रही थी और ये मुर्दे बन गए थे।
आपकी बेटी होती तो क्या देखते रहते?
उन 9-10 लोगों और खासतौर से महिलाओं से कोई पूछे कि क्या आपके घर की बेटी होती तो भी आप ऐसे ही मूर्ति बने रहते? महिलाओं का तो मां का दिल होता है, उनका भी दिल क्यों नहीं पसीजा? अपनी जान बचाकर भागना तो ठीक था, लेकिन एक बच्ची की जान बचाने के लिए कम से कम हमलावर पर पत्थर तो फेंका होता। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि पास में कुछ पत्थर पड़े हुए थे, अगर आरोपी पर लोग पत्थर भी मारने लगते तो वह हत्यारा वारदात को अंजाम नहीं दे पाता, पकड़ा जा सकता था। गली में कई लोगों के घर हैं और उस समय पौने नौ बजे थे। मतलब सब लोग सोए नहीं थे, फिर भी वहां किसी ने भी हिम्मत नहीं दिखाई।
बिना ब्लर वाला वीडियो आप देखेंगे तो कलेजा मुंह को आ जाएगा। वो बच्ची पहले अपने हाथों से उस दरिंदे के वार को रोकने की कोशिश करती है। हत्यारा लगातार वार करता जाता है। कुछ ही देर में लड़की नाली के पास बैठ जाती है। उस लाचार के शरीर पर वह जालिम घाव करता रहा, करता रहा। आरोपी साहिल एसी रिपेयरिंग का काम करता है।
