पहलवानों के आंदोलन के अगुवा तीनों बड़े पहलवान अपनी रेलवे की नौकरी पर लौटे, मगर आंदोलन के बारे में कही यह बात
विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया के नेतृत्व में पहलवानों ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला था। महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ये पहलवान 23 अप्रेल से जंतर मंतर पर धरना दे रहे थे, हालांकि 28 मई को पुलिस ने जंतर मंतर पर धरने वाली जगह को खाली करा दिया था।
एनसीआई@नई दिल्ली
कुश्ती संघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे रट पहलवान बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट रेलवे में अपनी नौकरी पर वापस लौट आए, हालांकि
साक्षी मलिक ने पहलवानों के आंदोलन से पीछे हटने की खबर से इनकार कर दिया। साक्षी का कहना है कि सत्याग्रह के साथ रेलवे में अपनी जिम्मेदारी को निभा रही हूं।
दरअसल, खबरें थीं कि साक्षी मलिक पहलवानों के आंदोलन से पीछे हट गई हैं, हालांकि, साक्षी मलिक ने इन खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि इंसाफ की लड़ाई में हम में से कोई न पीछे हटा है और न हटेगा। इंसाफ मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। इससे पहले साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत कादियान ने भी आंदोलन से पीछे हटने की खबरों को गलत बताया।
दरअसल, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया के नेतृत्व में तमाम पहलवानों ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ये पहलवान 23 अप्रेल से जंतर मंतर पर धरना दे रहे थे। पहलवानों ने बृजभूषण शरण पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इससे पहले जनवरी में भी पहलवानों ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ धरना दिया था, हालांकि तब खेल मंत्रालय के दखल के बाद पहलवान वापस लौट गए थे।
बृजभूषण के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज किए दो मामले
7 महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ 21 अप्रेल को कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन शिकायतों के आधार पर 28 अप्रेल को दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के दो मामले दर्ज किए हैं। पहली प्राथमिकी नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर है। इसमें पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरी एफआईआर अन्य पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से सम्बन्धित है। इन मामलों में पुलिस की जांच जारी है।
पहलवानों ने अमित शाह से की थी मुलाकात
इससे पहले शनिवार रात पहलवानों ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत कादियान ने इस बात की पुष्टि की थी। वे भी इस बैठक में मौजूद थे। हालांकि, उन्होंने कहा था कि बैठक में पहलवानों ने बृजभूषण को गिरफ्तार करने की मांग उठाई थी, लेकिन ये बैठक बेनतीजा रही। उन्होंने बताया कि हमें गृह मंत्री से जो प्रतिक्रिया चाहिए थी वह नहीं मिली, इसलिए हम बैठक से बाहर आ गए। सत्यव्रत ने कहा कि हम विरोध के लिए आगे की रणनीति बना रहे हैं। हम पीछे नहीं हटेंगे, हम आगे की कार्रवाई की योजना बना रहे हैं।
साक्षी मलिक के केरियर पर एक नजर
साक्षी मलिक ने रियो ओलम्पिक 2016 में ओलम्पिक पदक जीता था। वर्ष 2014 में हुए ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों में 58 किग्रा वर्ग में साक्षी ने रजत पदक जीता था। साक्षी ने इसके बाद साल 2015 में दोहा में हुई सीनियर एशियन रेसलिंग चेम्पियनशिप में 60 किग्रा में कांस्य पदक जीता था।
ओलंपिक – रियो ओलम्पिक 2016 (58 किलो) में ब्रॉन्ज जीता।
कॉमनवेल्थ गेम्स – बर्मिंघम 2022 (62 किलो) में गोल्ड, ग्लास्गो 2014 (58 किलो) में सिल्वर, गोल्ड कोस्ट 2018 (62 किलो) में ब्रॉन्ज जीता।
एशियन चेम्पियनशिप – दोहा 2015 (60 किलो) में ब्रॉन्ज, नई दिल्ली 2017 (60 किलो) में सिल्वर, बिशेक 2018 (62 किलो) में ब्रॉन्ज, शियान 2019 (62 किलो) में ब्रॉन्ज अपने नाम किया।
कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप – जोहान्सबर्ग 2013 (63 किलो) में ब्रॉन्ज, जोहान्सबर्ग 2016 (62 किलो) में गोल्ड जीता।
