महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़ा उलटफेर : शरद पवार के साथ महा विकास अघाड़ी को लगा बहुत जोर का झटका….बहुत जोर से
एनसीपी@मुम्बई
महाराष्ट्र की राजनीति में आज रविवार, 2 जुलाई को फिर से एक बड़ा उलटफेर हो गया। इसने देशभर को हैरान कर दिया है। शरद पवार द्वारा सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के तीन हफ्ते बाद आज अजीत पवार कम से कम 29 विधायकों के समर्थन के साथ एकनाथ शिंदे और देवेन्द्र फड़नवीस की महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए।

अजित पवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में राजभवन में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। पवार के अलावा आठ अन्य एनसीपी विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें छगन भुजबल जैसे शरद पवार के खास और वरिष्ठ नेता सहित धर्मराव अत्राम, सुनील वलसाड, अदिति तटकरे, हसन मुशरीफ, धनंजय मुंडे, अनिल पाटिल व दिलीप वलसे पाटिल शामिल रहे। लेकिन ऐसा नहीं है कि ये उलटफेर अचानक या कुछ दिनों में हुआ है। इसकी भूमिका बहुत पहले से बननी शुरू हो गई थी।
अजीत पवार गुट ने अपने साथ एनसीपी के 53 में से 40 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है। इसके अलावा पार्टी के पांच में से तीन विधायक भी इनके साथ बताए गए हैं। इनमें से शरद पवार के खासम खास माने जाने वाले सांसद प्रफुल्ल पटेल तक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल रहे, अर्थात अजित पवार के गुट के साथ रहे।
गौरतलब है कि अजित पवार के विद्रोह की अटकलबाजियां महीनों से लगाई जा रहीं थीं। इस दौरान हर बार शरद पवार को हालात सुधारने की मशक्कत करते देखा गया। यह अलग बात है कि पार्टी में अजित पवार को धीरे-धीरे किनारे किए जाने से उनकी नाराजगी किसी से छिपी नहीं थी, हालांकि अजित पवार इन सभी अफवाहों को नकारते आ रहे थे।
एनसीपी में दरार आने की ऐसे हुई थी शुरुआत
अक्टूबर 2019: अजित पवार ने भाजपा को एनसीपी का समर्थन देते हुए उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। फड़नवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सरकार थोड़े समय के लिए ही चल पाई, क्योंकि एनसीपी, कांग्रेस और अविभाजित शिवसेना ने गठबंधन बनाकर सरकार बनाई।
2019 से 2022: शिंदे-फड़नवीस की सरकार बनने से पहले तक अजित पवार महा विकास अघाड़ी सरकार के उपमुख्यमंत्री बने रहे।
2022-2023: शिंदे और फड़नवीस की सरकार बनने के बाद अजित पवार विधानसभा में विपक्ष के नेता बने।
अप्रेल 2023 में अफवाहें फैलने लगीं कि अजित पवार भाजपा-शिंदे सेना को समर्थन देंगे। अजित पवार एनसीपी के कई कार्यक्रमों से दूर रहने लगे। इधर दूसरी ओर अजित पवार ने पीएम नरेन्द्र मोदी की तारीफ में कई बयान जारी किए, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वह कभी भी एनसीपी नहीं छोड़ेंगे।
मई 2023: शरद पवार ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे देने की घोषणा की। माना जा रहा था कि अजित पवार की नजर इस पद पर है, लेकिन कुछ दिन बाद शरद पवार ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
जून 2023: शरद पवार ने सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को पार्टी का संयुक्त कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। वहीं अजित पवार को पार्टी में कोई पद नहीं दिया गया। अजित पवार ने खुले तौर पर कहा कि वह पार्टी में पद चाहते हैं, विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका नहीं। इसके बाद से ही अजीत पवार पार्टी से नाराज रहने लगे।
जुलाई 2023: अजीत पवार ने महाराष्ट्र सरकार को समर्थन दिया और आज 2 जुलाई को संयुक्त डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ले ली।
