April 17, 2026

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शोध का निष्कर्ष: रोज चलें सिर्फ तीन कदम, समय से पहले छू नहीं पाएगी मौत, बीमारियां भी डर कर भागेंगी

शोध का निष्कर्ष: रोज चलें सिर्फ तीन कदम, समय से पहले छू नहीं पाएगी मौत, बीमारियां भी डर कर भागेंगी

ऐसा कौन सा तरीका है, जिससे समय से पहले होने वाली मौत को रोका जा सके। वैज्ञानिकों ने इसके टिप्स खोज लिए हैं‌। अच्छी बात यह है कि इसके लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत भी नहीं बल्कि हर कोई इसे कर सकता है।

हाईलाइट्स

•जो लोग कम व्यायाम करते हैं, उनके लिए लगभग 500 का प्रत्येक अतिरिक्त कदम उनके स्वास्थ्य में और सुधार कर सकता है।

•धीरे-धीरे चलने की तुलना में तेज गति से चलने का अतिरिक्त लाभ मिलता है।

एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क

हर इंसान की मौत तय है, पर यह कब आ जाए, कोई नहीं जानता। मगर इंसान अगर पूरी उम्र जीकर इस दुनिया से विदा ले तो यह सबके लिए अच्छा है। समय से पहले चला जाए तो अपने परिवार पर दुखों का पहाड़ छोड़ जाता है। हर कोई चाहता है कि वह इस दुनिया को तभी अलविदा कहे जब वह इसे पूरी तरह जी ले। लेकिन इसका कोई फॉर्मूला है क्या? इस गुत्थी को सुलझाने में ही कई वैज्ञानिक सालों से लगे हुए हैं। हाल ही के दिनों में इस मसले पर कई रिसर्च हुई हैं। कुछ में दावा किया गया है कि रोजाना 10 हजार कदम चलना व्यक्ति को समय से पहले हो जाने वाली मौत के जोखिम से बचाएगा। इसी क्रम में अब एक नई साइंटिफिक रिसर्च में दावा किया गया है कि 10 हजार कदम नहीं बल्कि 8 हजार कदम ही पर्याप्त है।

10 हजार कदम का वैज्ञानिक आधार नहीं

एक साइंस डेली (Science Daily) की एक रिपोर्ट ने इंटरनेशनल स्टडी का हवाला देते हुए लिखा है कि 8 हजार कदम समय पूर्व मौत के जोखिम से बचाने के लिए पर्याप्त हैं। अधिकतम लोगों को 8 हजार कदम से ही लाभ मिलेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पहले की रिसर्च में 10 हजार कदम चलने की बात का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। अध्ययन में कहा गया कि धीरे-धीरे चलने की तुलना में तेज चलना अपेक्षाकृत बेहतर है। आप जितनी तेजी से चलेंगे, समय पूर्व मौत का जोखिम उतना ही कम होगा। यह अध्ययन स्पेन में ग्रेनाडा यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में किया गया है। इसमें नीदरलैंड और अमेरिका के शोधकर्ता भी शामिल थे। इस अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने वैज्ञानिक रूप से निर्धारित किया है कि प्रत्येक दिन कितने कदम उठाने की आवश्यकता है, जिससे मौत का जोखिम कम हो सके। सम्बंधित पेपर अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के जर्नल में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन में कहा गया कि रोजाना 10 हजार कदम चलने सम्बंधी आइडिया पहली बार 1960 के आसपास जापान से आया था, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

चलने की स्पीड का बहुत अधिक महत्व

शोधकर्ताओं ने यह भी कहा है कि अगर हम हार्ट सम्बंधी बीमारियों से होने वाली मौत के जोखिम को कम करने पर ध्यान दें तो यह 7000 कदम भी पर्याप्त है। अगर हम ऑवरऑल हेल्थ की बात करें तो यह 800 कदम पर्याप्त है। शोधकर्ताओं ने 1.1 लाख से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करते हुए 12 अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के डेटा का विश्लेषण किया। रिसर्च के मुताबिक प्रतिदिन लगभग आठ हजार कदम चलने से शीघ्र मृत्यु का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है। इसमें एक कदम की माप पुरुषों के लिए 76 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है, जबकि महिलाओं के लिए 67 सेंटीमीटर का मानदंड रखा गया है। हालांकि इसमें आप कितनी स्पीड से चल रहे हैं, यह काफी मायने रखता है। धीरे-धीरे चलने की तुलना में तेज गति से चलने का अतिरिक्त लाभ मिलता है। अध्ययन के मुताबिक हर दिन आपके द्वारा उठाए जाने वाले कदमों की संख्या में थोड़ी सी वृद्धि करने से उल्लेखनीय लाभ हो सकते हैं। उदाहरण के लिए जो लोग कम व्यायाम करते हैं, उनके लिए लगभग 500 से आगे प्रत्येक अतिरिक्त कदम उनके स्वास्थ्य में और सुधार कर सकता है।

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