आश्रम में दो बहनों ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में 4 कर्मचारियों पर लगाए गम्भीर आरोप, लिखा-योगी जी इन आरोपियों को आसाराम बापू की तरह उम्र कैद की सजा दिलाना
एनसीआई@आगरा
जिले के जगनेर स्थित ब्रह्मकुमारी आश्रम में शुक्रवार रात सगी बहनों एकता और शिखा ने आत्महत्या कर ली। दोनों बहनों ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट आश्रम के ग्रुप में भेजे थे। इसे देखकर इन लड़कियों के परिजन बदहाल हालत में रात को ही आश्रम पहुंचे, वहां दोनों बहनों के शव छत पर लगे पंखों के हुक से साड़ी के फंदे पर लटके मिले। बहनों ने सुसाइड नोट में आश्रम के चार कर्मचारियों को उनकी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सुसाइड नोट में दोनों बहनों ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से आरोपियों को आसाराम की तरह उम्र कैद की सजा दिलाने की गुहार की है। उन्होंने लिखा है,’योगी जी इन आरोपियों को आसाराम बापू की तरह उम्र कैद की सजा दिलाना.’
4 वर्ष से रह रहीं थीं ब्रह्माकुमारी आश्रम में
जगनेर कस्बे की ही रहने वाली 37 वर्षीय एकता और उनकी छोटी बहन शिखा (34 वर्ष) वर्ष 2005 में ब्रह्मकुमारी आश्रम से जुड़ीं थीं। चार वर्ष पहले जगनेर में बसई रोड पर ब्रह्मकुमारी आश्रम बनने के बाद से वह यहां रहने लगीं थीं। आश्रम में उनके साथ एक अन्य युवती भी रहती है।
एकता के भाई सोनू ने बताया कि शुक्रवार रात 11.18 बजे उनके वाट्सएप पर रूपवास ब्रह्मकुमारी आश्रम की बहन ने सुसाइड नोट भेजा। फोन करके एकता और शिखा द्वारा भेजे गए सुसाइड नोट की जानकारी दी। इस पर वह भागकर घर से 13 किलोमीटर दूर आश्रम में पहुंचे। यहां दोनों बहनों को फंदे से लटका पाया।
कर्मचारियों पर लगे गम्भीर आरोप
ब्रह्मकुमारी आश्रम में दो बहनों के द्वारा आत्महत्या करने की जानकारी मिलने पर डीसीपी सोनम कुमार मौके पर पहुंचे। भाई सोनू ने पुलिस को बताया कि वह दो दिन पहले आश्रम में दोनों बहनों से मिलने आए थे। उस समय उनकी बातचीत से ऐसा कुछ नहीं लगा था कि वह इस तरह का कोई कदम उठा सकती हैं।
डीसीपी ने यह बताया
डीसीपी सोनम कुमार ने बताया एकता और शिखा ने सुसाइड नोट में आश्रम के कुछ कर्मचारियाें पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट और और परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
