April 28, 2026

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नेपाल को फिर से हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग ने पकड़ा जोर, वापस राजतंत्र की भी मांग, सड़कों पर उतरा सैलाब

नेपाल को फिर से हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग ने पकड़ा जोर, वापस राजतंत्र की भी मांग, सड़कों पर उतरा सैलाब

नेपाल को फिर से हिन्दू राष्ट्र बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। बड़ी संख्या में पूरे नेपाल से आए लोगों ने राजधानी काठमांडू की सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हिन्दू राष्ट्र के साथ ही फिर से राजशाही स्थापित करने की मांग भी की गई है।

एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क/काठमांडू

भारत का पड़ोसी देश नेपाल अपनी हिन्दूवादी संस्कृति के लिए दुनिया भर में विख्यात है। लम्बे समय तक हिन्दू राष्ट्र का तमगा हासिल किए रहने वाले नेपाल में बड़ी संख्या में हिन्दू रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में मधेशी लोगों की संख्या है। हालांकि हाल के समय में नेपाल से हिन्दू राष्ट्र का तमगा छिन गया है। नेपाल में लम्बे समय तक राजतंत्र भी रहा है। इन सबके बीच नेपाल में फिर से राजशाही और देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर बीते गुरुवार, 23 नवम्बर को नेपाल के लोग सड़कों पर उतर आए।

सड़कों पर नेपाल के लोगों ने उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इनके हाथों में झंडे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात थे। इन लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर ​मांग रखी कि नेपाल में फिर से राजशाही ​स्थापित की जाए और इसे हिन्दू राष्ट्र घोषित किया जाए।

साल 2008 में खत्म हुई थी राजशाही

नेपाल में साल 2008 में राजशाही खत्म हो गई थी। इस राजशाही की वापसी की मांग करने के लिए पूर्व नेपाल नरेश ज्ञानेन्द्र के समर्थक पूरे देश से नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे। हिन्दू राष्ट्र बनाने को लेकर लोगों में इतना जबरदस्त उत्साह था कि पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए भारी मशक्कत करना पड़ी। सड़कों पर उतरे इस जनसैलाब को ति​तर-बितर करने के लिए लाठियों और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने जताई राजशाही स्थापित करने की मंशा

प्रदर्शनकारियों ने नेपाल की सरकार और अन्य राजनीतिक दलों पर भ्रष्टाचार और शासन की विफलता का आरोप लगाया। इन लोगों की मांग के पीछे राजशाही को वापस स्थापित करने की मंशा साफ नजर आ रही थी। इसके अलावा नेपालभर से राजधानी काठमांडू आए लोगों ने नेपाल को वापस हिन्दू राष्ट्र बनाए जाने की भी जोरदार वकालत की।

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