146 सांसदों के निलम्बन पर कांग्रेसियों ने दिया धरना, संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का लगाया आरोप, कहा-तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे
एनसीआई@कोटा
विपक्षी दलों के 146 सांसदों के निलम्बन के खिलाफ शुक्रवार को देशव्यापी आह्वान के तहत कोटा में भी कांग्रेसी सड़कों पर उतरे। साथ ही जिला कलक्ट्रेट के बहार धरना दिया। इस धरने में शहर व देहात कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरने को सम्बोधित करते हुए कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। सदन में आवाज उठाने पर विपक्ष के 146 सांसदों को निलम्बित किया गया है। यह लोकतंत्र की हत्या है। देश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेंगी। सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे।
शहर अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने लोकतंत्र की हत्या की है। आजादी के बाद देश के इतिहास में पहली बार लोकसभा व राज्यसभा के 146 सांसदों का निलम्बन हुआ है। यह तानाशाही प्रवृति है। लोकसभा की सुरक्षा में सेंध लगाई गई तो विपक्षी गठबंधन ने इस मामले में सरकार से सदन में जवाब मांगा था। इसके उत्तर में विपक्ष के सांसद निलम्बित कर दिए गए। विपक्ष की मौजूदगी के बिना सदन चला। विधेयक पास हुए। ये कौनसा लोकतंत्र है? विपक्षी दल इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। सारी संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है। उन्हें मुठ्ठी में ले रखा है। हम लोग मिलकर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। सरकार को झुकना पड़ेगा।
वहीं, देहात अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा कि विपक्ष के सांसदों के निष्कासन के विरोध में I N D I A गठबंधन की तरफ से यह धरना दिया गया है। देश में लोकतंत्र की रक्षा जरूरी है। आगे पीसीसी के निर्देश पर और आंदोलन किया जाएगा।
