फायरिंग के 3 आरोपियों को 7-7 साल की सजा, डकैती की योजना बनाते समय पकड़ने गई पुलिस टीम पर किया था हमला, तत्कालीन एसएचओ हुए थे घायल
एनसीआई@कोटा
पुलिस पर फायरिंग करने के करीब 9 साल पुराने मामले में अपर जिला जज क्रम 5 (एडीजे-5) ने तीन आरोपियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी अनवर, शेरू व बसारत को 7-7 साल के कारावास व 40-40 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। वहीं, 7 अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अपर लोक अभियोजक अख्तर खान अकेला ने बताया कि 14 नवम्बर 2014 को धनराज मीणा थानाधिकारी देवली ने पुलिस थाना कुन्हाड़ी शिकायत दी थी। इसमें बताया गया था कि देवली मांझी थाने में दर्ज एफआईआर के वांछित आरोपियों के कोटा के कुन्हाड़ी इलाके में होने की सूचना मिली है। इस पर तत्कालीन कुन्हाड़ी थाना एसएचओ राजेश सोनी टीम के साथ आरोपियों की तलाश में निकले। इस दौरान निर्माणाधीन मोहन लाल सुखाड़िया आवासीय योजना स्थित एक मकान के कमरे में 5-6 लोग डकैती की योजना बनाते मिले। जैसे ही टीम ने दबिश दी, आरोपियों ने पुलिस पर हमला कर दिया। एक बदमाश ने एसएचओ राजेश सोनी की जांघ में गोली मार दी।
इस मामले में अनवर हुसैन, शेरू उर्फ शेर अली, बसारत, शाहबुद्दीन, मोहनलाल, मुख्तार पठान, सुजान सिंह, राजा राम व महेश सिंह के खिलाफ कुन्हाड़ी थाने के तत्कालीन थानाधिकारी राजेश सोनी पर गोली चलाकर घायल करने सहित डकैती की योजना बनाने का मुकदमा कुन्हाड़ी थाने में दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 31 गवाहों के बयान करवाए गए व 56 दस्तावेज पेश किए।
