यूडीएच मंत्री खर्रा ने कहा: कोटा के विकास की जितनी चर्चा, उतनी ही यहां के भ्रष्टाचार की भी, चम्बल रिवर फ्रंट दुर्घटना लापरवाही का नतीजा
एनसीआई@कोटा
स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि कोटा की जितनी चर्चा विकास को लेकर है, उतनी ही चर्चा भ्रष्टाचार को लेकर भी है। चम्बल रिवर फ्रंट में जो दुर्घटना हुई, वो भी एक लापरवाही का नतीजा थी। इस मसले पर बहुत सी जानकारियां मांगी हैं। विरोधाभास पाए जाने पर गलत सूचना देने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
खर्रा ने बुधवार को कोटा जिला परिषद के सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक लेने के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा- विकास होना अच्छी बात है, लेकिन उसमें भ्रष्टाचार हो तो सबसे गलत बात है। उन्होंने रिवर फ्रंट पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पूर्व यूडीएच मंत्री सहित अन्य की मूर्ति लगाने के सवाल पर कहा कि मैं जब तक सम्पूर्ण विषय का अध्ययन करके पूरी जानकारी इकट्ठी नहीं कर लूं, उससे पहले किसी भी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं समझता।
कार्मिकों की सूची मांगी
स्वायत्त शासन मंत्री खर्रा ने रिवर फ्रंट पर घंटा लगाने के दौरान हुई दुर्घटना को लापरवाही का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि यूआईटी अधिकारी को तीन घंटे में टेंडर से जुड़ी जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने यूआईटी व दोनों नगर निगमों में प्रतिनियुक्ति पर लगे कार्मिकों की सूची भी मांगी है।
गोशाला में सुधार करेंगे
स्वायत्त शासन मंत्री खर्रा ने कहा कि रिवर फ्रंट के सेकंड फेज के कामों में जो खामियां थीं, उन्हें दुरुस्त करने के बाद ही काम शुरू होंगे। इसके अलावा उन्होंने गौशाला में गायों की मौत पर आवश्यक सुधार करने के साथ ही जिम्मेदारों की जिम्मेदारी तय करने का भी आश्वासन दिया।
अधिकारियों को फटकार लगाई
बैठक में खर्रा ने फर्जी पट्टों, नगर निगम की सफाई व्यवस्था, आरयूआईडीपी, रिवर फ्रंट निर्माण सहित कई मुद्दों पर अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति दफ्तर में फरियाद लेकर आता है तो उसे ध्यानपूर्वक सुनें। उसे संतोषजनक जवाब दें और नियम कायदे से काम होने वाला हो तो उसे समय बताएं। जो समय देंवे, उस तय समय में व्यक्ति का काम करें। बैठक में विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी और जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
