सगे भाइयों से ब्याही गईं दो सगी बहनों सहित उनके दो बच्चों के शव एक कमरे में मिले, पति सऊदी अरब में करते हैं नौकरी, सात आरोपी हिरासत में
डीडवाना (नागौर)
नुवां के मौलासर इलाके में सगे भाइयों से ब्याही गईं सीकर जिले की दो सगी बहनों सहित उनके दो बच्चों के शव संदिग्ध अवस्था में एक ही कमरे में मिलने से सनसनी फैल गई है। इनमें से एक महिला और उसकी बेटी और बेटे के शव तो बेड पर मिले, वहीं दूसरी महिला का शव फर्श पर पड़ा मिला। बड़ी बात यह है कि घटना वाले कमरे में चार फंदे भी मिले हैं, जो कटे हुए थे। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे की वीडियोग्राफी कराई।

इन महिलाओं के पति सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। ये दोनों पति अपनी पत्नियों को तलाक देने पर अड़े हुए थे। एक बार फोन पर तीन तलाक भी दे चुके थे। इसके बाद तलाक का नोटिस भी दिया था। इनके पीहर पक्ष की रिपोर्ट पर पुलिस ने ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप दर्ज कर इन्हें हिरासत में ले लिया है।
पुलिस ने यह दी जानकारी
डीडवाना डीएसपी धर्मपाल पूनिया ने बताया कि थाना इलाके के गांव नुवां में नाजिया (32) पत्नी सलाउद्दीन व साजिया बानो (30) पत्नी लियाकत अली अपनी बेटी कनिष्का बानो (7) व बेटे अबीर (4) के साथ रहती थी। इनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों सगी बहनों का पीहर सीकर जिले के सिंगरावट गांव में है।
वर्ष 2015 में इनकी शादी नागौर जिले के नुवां के एक ही परिवार में सगे भाइयों से हुई थी। बाद में अपने पतियों से चल रहे विवाद के कारण दोनों बहनें ससुराल में ही अलग मकान में रह रहीं थीं। इनके पति सलाउद्दीन और लियाकत सऊदी अरब में काम करते हैं।
आरोपियों में ये हैं शामिल
मृतकाओं के पिता सीकर के सिंगरावट निवासी पूर्व सैनिक समंदर खान (58) ने मौलासर थाने में ससुराल पक्ष के जिन 7 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है, उनमें सास मंगेज बानो, ननदोई शौकत खान, मामा ससुर अलादीन खान, मौसा ससुर ताज मोहम्मद, गोविंद मेघवाल, ननद जमीला बानो व अन्य रिश्तेदार अयूब खान शामिल है। पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया है। घटना के समय दोनों महिलाओं के सास-ससुर मौके पर ही थे। आरोपी सास पड़ोस के मकान में छिपी हुई थी। वहीं महिलाओं के पतियों को सऊदी अरब से बुलाया गया है।
रिपोर्ट में कही है यह बड़ी बात
समंदर खान ने रिपोर्ट में बताया है कि- शादी के कुछ समय तक तो सब ठीक था। इसके बाद दोनों बेटियों के पति, उनकी मां, ननद और अन्य रिश्तेदार उन्हें कम दहेज देने के ताने देने लगे। कहते थे कि कार नहीं दी, समाज में हमारी नाक कटवा दी।
इसके बाद सास मंगेज बानो को 50 हजार रुपए दिए, तब भी वह खुश नहीं हुई। फिर दोनों दामाद विदेश में नौकरी करने चले गए। वहीं से दोनों ने बेटियों को फोन पर तीन तलाक बोला और पीहर जाने को कह दिया, लेकिन बेटियां ससुराल में ही रहीं। इसके बाद वे बेटियों को फोन पर धमकियां देने लगे कि हमारा घर छोड़ दो, वरना तुम्हें मरवा देंगे। उनके रिश्तेदार भी बेटियों को तंग करने लगे और बेटियों को घर से निकाल दिया।
ससुराल आईं तो जिंदा नहीं लौटेंगी
समंदर खान के अनुसार, दस महीने पहले मैंने मौलासर पुलिस की मदद से राजीनामा कर दोनों बेटियों को ससुराल भेजा। इसके बाद बेटियों को उनके पति ने डाक से तलाक के नोटिस भिजवा दिए। बेटियों की सास ने हम पर मामला भी दर्ज कराया। फिर भी बेटियां ससुराल में ही रहीं थीं। बेटियों की सास मंगेज बानो, ससुर ताजु खां सरदारपुरा, मामा ससुर अल्लादीन खां झाडोद, ननदोई शौकत खान व ननद जमीला बेटियों के पतियों को उकसाते थे कि ये दहेज की मांग पूरी नहीं कर रहे हैं, इनका जीना हराम कर दो।
इसके बाद ससुराल वालों ने बेटियों को घर से निकाला तो तीन दिन पहले 17 जनवरी को सीकर के धोद थाने में मामला दर्ज कराया था। इस पर धोद थाने में दोनों पक्षों को बुलाया गया। ननदोई शौकत खान और मामा ससुर अल्लादीन खां ने थाने में ही साफ कहा कि दोनों लड़कियां अगर अब ससुराल आईं तो सही सलामत वापस नहीं लौटेंगी।
जेठानियों ने कहा, जान से मार दो
पिता ने बताया- धोद थाने में समझाइश के बाद बेटे अशफाक (22) ने दोनों बहनों को ससुराल नुवां छोड़ दिया था। अगले दिन 18 जनवरी की शाम बेटियों से फोन पर बात हुई थी। बेटियों ने बताया कि ससुराल के लोग घर आए हैं। कुछ प्लानिंग कर रहे हैं। जेठानी रुकसाना बानो, अफसाना बानो व नसीम बानो कह रही थी कि इन्हें जान से मार दो। फिर 19 जनवरी को बेटियों को फोन किया, लेकिन बात नहीं हो पाई। इसके बाद बेटा अशफाक नुवां गया। वहां से उसने फोन कर बेटियों और दो बच्चों की मौत की सूचना दी। इसके बाद मौलासर पुलिस को सूचना दी गई। रात 11 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की 44 सेकंड की वीडियोग्राफी में एक छोटे से कमरे में बेड पर तीन शव नजर आए।
मृतक नाजिया, साजिया 6 भाई बहन थे। दोनों के भाई अजरुद्दीन (26), अशफाक (22) हैं। इसके अलावा बहन खेरून्निसा (35) और अनिशा (23) हैं। भाई अजरुद्दीन आर्मी में है और अशफाक ड्राइवर है। पिता समंदर खान (58) व मां इस्लाम बनो (55) सीकर के धोद थाना इलाके के सिंगरावट गांव में रहते हैं।
परिजनों का धरना, शव लेने से इनकार
पुलिस ने चारों शवों को डीडवाना के बांगड़ हॉस्पिटल में पहुंचा दिया था। शनिवार को वहां सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर पीहर पक्ष और समाज के लोगों ने धरना दिया। साथ ही शव लेने और पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई से इनकार कर दिया। बाद में आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद घरवाले शवों के पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए।
