April 22, 2026

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और अब ‘चिट्ठी’ पंकज उधास को अपने साथ ले गई, 72 साल की उम्र में ली आख‍िरी सांस

और अब ‘चिट्ठी’ पंकज उधास को अपने साथ ले गई, 72 साल की उम्र में ली आख‍िरी सांस

लेजेंडरी सिंगर पंकज उधास का निधन हो गया है। 72 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। पंकज की बेटी नायाब उधास ने उनकी मौत की खबर शेयर की‌। हर कोई सोशल मीडिया पर नम आंखों से पंकज उधास को आखिरी श्रद्धांजलि दे रहा है।

एनसीआई@नई दिल्ली

एंटरटेनमेंट जगत से बुरी खबर सामने आई है। लेजेंडरी सिंगर पंकज उधास का निधन हो गया है। 72 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। पंकज की बेटी नायाब उधास ने उनकी मौत की खबर शेयर की। पोस्ट में उन्होंने लिखा- बहुत दुख के साथ हमें ये आपको बताना पड़ रहा है कि पद्मश्री पंकज उधास का 26 फरवरी 2024 को निधन हो गया है। वो लम्बे समय से बीमार थे। वो उम्र सम्बन्धी बीमारियों से जूझ रहे थे। 10 दिन पहले अस्पताल में भर्ती हुए थे। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा।

पंकज उधास के पीआर ने बताया कि उनका निधन 26 फरवरी की सुबह करीबन 11 बजे ब्रीच केंडी अस्पताल में हुआ। वो लम्बे समय से बीमार थे। पंकज उधास के निधन की खबर पता चलने के बाद म्युजिक जगत में मातम पसरा हुआ है। पंकज जैसे गजल गायक का यूं दुनिया छोड़ जाना फेंस को गमगीन कर गया। हर कोई सोशल मीडिया पर नम आंखों से पंकज उधास को आखिरी श्रद्धांजलि दे रहा है।

पंकज उधास के निधन से सेलेब्स दुखी हैं। सिंगर और म्युजिक कम्पोजर शंकर महादेवन सदमे में हैं। उनके मुताबिक, पंकज का जाना म्युजिक जगत के लिए बड़ा नुकसान है, जिसकी कभी भरपाई नहीं हो सकती। सोनू निगम ने भी पंकज उधास के निधन पर इमोशनल पोस्ट लिखा है।

बचपन से शुरू हुआ था म्युजिकल केरियर 

पंकज के म्युजिकल केरियर की शुरुआत 6 साल की उम्र से हो गई थी। उनके घर में संगीत का माहौल था। इसी को देखते हुए वो भी संगीत की दुनिया में आए और हमेशा से लिए उसके होकर रह गए थे। पंकज उधास ने बताया कि संगीत का पहला एक्सपोजर स्कूल में प्रार्थना करने से शुरू हुआ। उनके संगीत की शुरुआत स्कूल में होने वाली प्रेयर से हुई थी। संगीत का पहला एक्सपोजर स्कूल में प्रार्थना करने से शुरू हुआ।

1980 में उनका पहला एल्बम ‘आहट’ आया था। इसमें कई गजलें उन्होंने गाईं थीं। पंकज उधास अपनी गजल गायिकी के लिए फेमस हुए। उनके फेमस गानों में ‘जिएं तो जिएं कैसे बिन आपके…’, ‘चिट्ठी आई है…’, ‘चांदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल…’, ‘ना कजरे की धार, ना मोतियों के हार…’ शामिल हैं।

पंकज उधास का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के जीतपुर में हुआ था। उनके पिता  किसान थे। दोनों भाई भी सिंगर थे। पंकज बहुत सिम्पल लाइफ जीते थे। साल 2006 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। पर्सनल लाइफ की बात करें तो, पंकज ने फरीदा से प्रेम विवाह किया था। उनकी दो बेटियां हैं, नायाब और रिया उधास।

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