मॉस्को में बड़ा आतंकी हमला, भारत सहित विश्वभर के लिए चेतावनी, आईएसआईएस ने ली हमले की जिम्मेदारी, अब तक 60 मौतें और 145 घायल, सामने आईं आतंकियों की तस्वीरें
रूसी मीडिया ने आतंकवादियों की तस्वीरें प्रकाशित की हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में आतंकी हमले के चश्मदीदों के हवाले से बताया गया है कि हमलावर ‘एशियाई और कॉकेशियाई’ लोगों जैसे दिखते थे और रूसी नहीं, बल्कि विदेशी भाषा में बातचीत कर रहे थे। रूसी मीडिया का दावा है कि आतंकी इन्गुशेतिया के मूल निवासी हैं।
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क/ मॉस्को
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक (ISIS) ने शुक्रवार रात को मॉस्को के क्रोकस कॉन्सर्ट हॉल में हुई गोलीबारी और बम विस्फोट की जिम्मेदारी ली है। इस भीषण आतंकी हमले में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई और 145 घायल हो गए। आईएसआईएस (ISIS) ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक बयान जारी कर कहा, ‘हमारे लड़ाकों ने रूस की राजधानी मास्को के बाहरी इलाके में स्थित क्रोकस कॉन्सर्ट हॉल में हमला किया।’ आईएसआईएस के बयान में यह भी कहा गया है कि हमलावर ‘सुरक्षित रूप से अपने ठिकानों पर लौट आए हैं।’

इस बीच रूसी मीडिया ने आतंकवादियों की तस्वीरें प्रकाशित की हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में आतंकी हमले के चश्मदीदों के हवाले से बताया है कि हमलावर ‘एशियाई और कॉकेशियाई’ लोगों जैसे दिखते थे और रूसी नहीं, बल्कि विदेशी भाषा में बातचीत कर रहे थे। रूसी मीडिया का दावा है कि आतंकी इन्गुशेतिया के मूल निवासी हैं। घटना के अनुसार सैन्य वर्दी पहने हुए 5 आतंकियों ने इमारत में प्रवेश किया और गोलीबारी शुरू कर दी। सामने जो भी दिखा उसे गोलियों से भून दिया। इसके बाद विस्फोट किया, जिससे कॉन्सर्ट हॉल में आग लग गई।
कॉन्सर्ट हॉल में मौजूद थे 6, 200 लोग
जब हमला हुआ उस वक्त क्रोकस सिटी हॉल में सोवियत काल के प्रसिद्ध म्यूजिक बैंड ‘पिकनिक’ का परफॉर्मेंस चल रहा था। इस म्यूजिक कॉन्सर्ट में 6,200 लोग मौजूद थे। रूसी अधिकारियों ने कहा कि हम इस आतंकवादी हमले की जांच कर रहे हैं और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लगातार अपडेट किया जा रहा है। रूसी विदेश मंत्रालय ने इसे आतंकवादी हमला बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घृणित अपराध की निंदा करने की अपील की है। यह आतंकी हमला ऐसे समय में हुआ है जब व्लादिमीर पुतिन ने हाल में सम्पन्न राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की है और रूस के राष्ट्रपति के रूप में लगातार 5वां कार्यकाल सम्भालने जा रहे हैं। दूसरी ओर रूस बीते दो साल से यूक्रेन के साथ युद्ध लड़ रहा है।

मॉस्को के पास कॉन्सर्ट हॉल में हुए आतंकी हमले पर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन किर्बी ने कहा, ‘इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता…हम अधिक जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। तस्वीरें बहुत भयानक हैं और उन्हें देखना कठिन है। हमारी संवेदनाएं इस भयानक गोलीबारी हमले के पीड़ितों के साथ हैं। मॉस्को में हमारे दूतावास ने अमेरिकियों को एडवाइजरी जारी करके किसी भी बड़े समारोह, म्यूजिक कॉन्सर्ट और शॉपिंग मॉल में जाने से बचने की सलाह दी है। इस समय इस बात का कोई संकेत नहीं है कि गोलीबारी में यूक्रेन या यूक्रेनियन शामिल थे।’
आईएसआई बोला- ईसाइयों की बड़ी सभा पर हमला किया
आतंकी संगठन आईएसआईएस ने आमाक न्यूज एजेंसी के जरिए बयान जारी किया। कहा, ”इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों ने रूस की राजधानी मॉस्को के बाहरी इलाके क्रास्नोगोर्स्क शहर में ईसाइयों की एक बड़ी सभा पर हमला किया, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और घायल हो गए। उनके सुरक्षित रूप से अपने ठिकानों पर लौटने से पहले उस जगह पर भारी तबाही हुई। हमला करने के बाद हमारे लड़ाके मौके से भाग निकले।”

आईएसआई ने रूस में हमला क्यों किया…
बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स के हवाले से लिखा- हमला आईएसआईएस की खुरासान विंग यानी ISIS-K ने किया। ISIS-K का नाम उत्तरपूर्वी ईरान, दक्षिणी तुर्कमेनिस्तान और उत्तरी अफगानिस्तान में आने वाले क्षेत्र के नाम पर रखा गया है।
यह संगठन सबसे पहले 2014 में पूर्वी अफगानिस्तान में एक्टिव हुआ। तब रूस के उग्रवादी समूहों के कई लड़ाके इसमें शामिल होने सीरिया पहुंच गए।
ये पुतिन और उनके प्रोपागेंडा का विरोध करते हैं। इनका कहना है कि पुतिन की सरकार चेचन्या और सीरिया में हमले कर मुसलमानों पर अत्याचार करती है। अफगानिस्तान ने मुसलमानों पर इसी तरह के अत्याचार रूस ने सोवियत काल के दौरान किए थे।
पुतिन 18 मार्च को 5वीं बार रूस के राष्ट्रपति बने। 5 दिन बाद यह बड़ा आतंकी हमला हुआ। फिलहाल पुतिन ने हमले पर कोई बयान नहीं दिया है।
मॉस्को हमले के पीछे हम नहीं, युद्ध के मैदान में लड़ाई लड़ेंगे: यूक्रेन
मॉस्को आतंकी हमले पर यूक्रेन की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के वरिष्ठ सलाहकार, मिखाइल पोडोल्याक ने कहा, ‘हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यूक्रेन का इन हमले से कोई लेना-देना नहीं है। रूस की सेना और एक देश के रूप में रूसी संघ के साथ हमारा पूर्ण पैमाने पर, चौतरफा युद्ध चल रहा है और किसी चीज की परवाह किए बिना, यूक्रेन युद्ध के मैदान में अपनी लड़ाई लड़ेगा।’

अमेरिका किसी को क्लीन चिट देने की बजाय हमें जानकारी दे: रूस
रूस ने हमले के बाद तुरंत बाद अमेरिका द्वारा यूक्रेन को क्लीन चिट देने पर सवाल उठाए। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा, ‘इस त्रासदी के बीच वाशिंगटन में बैठे अधिकारी किस आधार पर किसी की बेगुनाही के बारे में निष्कर्ष निकाल रहे हैं? यदि संयुक्त राज्य अमेरिका के पास इस सम्बन्ध में कोई विश्वसनीय जानकारी थी या है, तो इसे तुरंत रूसी पक्ष को हस्तांतरित किया जाना चाहिए और अगर ऐसी कोई जानकारी नहीं है तो व्हाइट हाउस को किसी को क्लीन चिट देने का कोई अधिकार नहीं है। रूस यह पता लगाएगा कि इस हमले के पीछे कौन हैं।’
