बूंदी: नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास, जुर्माना भी लगाया
एनसीआई@बूंदी
पॉक्सो कोर्ट के न्यायधीश बालकृष्ण मिश्र ने मंगलवार को एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 49 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। करीब दो साल पुराने इस मामले में पीड़िता घर से स्कूल में किताब जमा कराने के लिए निकली थी। इस बीच आरोपी उसे भगाकर जयपुर ले गया और कई बार दुष्कर्म किया।
विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर प्रसाद मेघवाल ने बताया कि जुलाई 2022 को पीड़िता के पिता ने नैनवां थाने में इस सम्बन्ध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि उसकी नाबालिग बेटी घर से स्कूल के लिए निकली थी। उसने उसकी छोटी बहन को बताया था कि वह नैनवां स्कूल में किताबें जमा करने जा रही है। इसके बाद उसने वापसी में नैनवा में बड़े भाई के गांव जाने के लिए कहा था, लेकिन वह घर नहीं पहुंची तो परिजनों को चिंता हुई। इस पर उन्होंने उसे तलाशा, मगर कोई सुराग नहीं मिला।
इस पर नैनवां थाने में गुमशुदगी दर्ज कर ली गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर नाबालिग को जयपुर से बरामद किया। अपने बयान में उसने बताया कि उसे करवर निवासी अशोक कुमार पुत्र राजा राम जयपुर ले गया था। वहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की जांच कर न्यायालय में चालान पेश किया। इस मामले में पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश बालकृष्ण मिश्र ने आरोपी अशोक कुमार सजा सुनाई।
इसी के साथ कोर्ट ने फैसले की एक प्रति एसपी बूंदी को भेजकर कर आदेश दिया कि नाबालिग पीड़िता का विवाह करने वाले, कराने वाले और उसमें किसी न किसी प्रकार से सहयोग करने वालों के सम्बन्ध में इसी एफआईआर में पुख्ता जांच कर नतीजे से इस कोर्ट को अवगत कराया जाए। इस प्रकरण में विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर प्रसाद मेघवाल ने राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए 19 गवाह और 28 दस्तावेज पेश किए थे।
