भीलवाड़ा गैंगरेप-भट्टी कांड: 7 आरोपी बरी, 2 भाई दोषी करार, सजा पर फैसला बाद में, जानें क्या था मामला
एनसीआई@शाहपुरा
राजस्थान के शाहपुरा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग से गैंगरेप कर भट्ठी में जलाने के मामले में भीलवाड़ा कोर्ट ने कुल 9 आरोपियों में से 2 भाइयों को ही दोषी करार दिया है। मगर इन दोनों भाइयों को भी अभी सजा नहीं सुनाकर फैसला सुरक्षित रख लिया है। बाकी 7 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। भीलवाड़ा जिले का हिस्सा रहे शाहपुरा को भी निवर्तमान अशोक गहलोत सरकार ने अपने अंतिम दिनों में कई अन्य नए जिलों के साथ जिला घोषित कर दिया था।
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फैसले की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक महावीर किसनावत ने बताया कि नाबालिग लड़की को गैंगरेप के बाद कोयले की भट्ठी में जिंदा जला दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने एक महीने के भीतर ही जांच कर 473 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। कोर्ट ने भी इस हत्याकांड को जघन्य अपराध माना है।
भंवरी देवी हत्याकांड की करनी पड़ी स्टडी
भीलवाड़ा के शाहपुरा के कोटड़ी थाना इलाके के एक गांव में ये वारदात हुई थी। लड़की 14 साल की थी। उसके पिता ने वारदात से 4 महीने पहले कान्हा और कालू नामक भाइयों को अपना खेत किराए पर दिया था। वे खेत से एक किलोमीटर दूर कोयला भट्टी के पास झोपड़ी बनाकर रहने लगे थे।
वारदात के दो महीने पहले से ही दोनों भाइयों की लड़की पर नजर थी। 2 अगस्त 2023 को लड़की का परिवार किसी रिश्तेदार के यहां गया हुआ था, मगर लड़की उनके साथ नहीं गई थी। वह सुबह 9 बजे करीब तीन बकरियों को चराने निकली। ऐसे में दोनों भाइयों को मौका मिल गया। वे दोनों उसका मुंह दबाकर भट्टी के पीछे ले गए और 4 घंटे तक दुष्कर्म किया।
इस दौरान दोनों की पत्नियों सहित उनकी मां, बहन और एक नाबालिग को इस वारदात का पता चल गया। इन सभी ने चर्चा की कि मामला खुल गया तो वे फंस जाएंगे।
इसके बाद दोपहर 2 बजे करीब आरोपियों ने लड़की के सिर पर डंडा मारकर बेहोश कर दिया और जिंदा ही भट्ठी में डाल दिया। इसके बाद शरीर के अधजले टुकड़ाें को बोरों में भरकर तालाब में फेंक दिया। यह तालाब लड़की के खेत में ही था। लड़की शाम तक घर नहीं लौटी तो मां ने उसे तलाश किया। इस दौरान आरोपियों से भी पूछा, मगर सभी अनजान बने रहे।

वहीं, रात 10 बजे जब तक भी कोयला भट्टी जलती दिखी तो ग्रामीणों को शक हुआ। इस पर लड़की के परिजनों ने दोनों भाइयों और एक नाबालिग को दबोच लिया। दूसरी ओर सूचना मिलने के बाद पुलिस भी लकड़ी की खोजबीन में लग गई थी। पुलिस को अगले दिन भट्टी में लड़की का हाथ और चांदी का कड़ा मिल गया। आरोपियों में कान्हा व कालू के अलावा इन दोनों की पत्नियां, मां, बहन और नाबालिग के अलावा संजय (20) और पप्पू (35) भी शामिल थे। बाकी आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने में मदद की थी। पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए राजस्थान से लेकर देशभर में सनसनी फैला देने वाले भंवरी कांड की स्टडी की थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों की पत्नियों ने लड़की को आग में डालने के लिए भट्टी का दरवाजा खोला था।
हाईकोर्ट में अपील करेंगे
सरकारी वकील महावीर किसनावत ने फैसले पर कहा-सोमवार को दोनों भाइयों की सजा के बिंदुओं पर सुनवाई होगी और कोर्ट फैसला सुनाएगा। वहीं ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद इस बात का विश्लेषण करेंगे कि आखिर 7 आरोपियों को बरी क्यों किया गया। आरोपियों को बरी करने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
