राजस्थान: कॉलेजों में प्रवेश की नीति में बड़ा बदलाव, छात्राओं को मिली बड़ी राहत, गरीबों और पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए भी अच्छी खबर, और क्या हैं बड़ी बातें, जानें
एनसीआई@जयपुर
राज्य सरकार ने इस बार से महाविद्यालयों (Colleges) में प्रवेश की नीति में बड़ा बदलाव कर दिया है। इसमें एक बड़ी बात यह है कि छात्राओं को 3% बोनस अंक दिए जाएंगे। साथ ही सेल्फ डिफेंस ब्लेक बेल्ट हासिल कर चुकी छात्राओं को 5% बोनस अंक मिलेंगे।
वहीं, टीएसपी क्षेत्र के महाविद्यालयों में न्यूनतम विद्यार्थियों की संख्या में 25% तक की छूट दे दी गई है। इसके साथ ही गरीब विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा देने का फैसला भी लिया गया है। वहीं पाक विस्थापितों को वरीयता के आधार पर प्रवेश देने के लिए स्पेशल कोटा भी बनाया गया है।
10 जून से शुरू होगी प्रवेश की प्रक्रिया
राजस्थान के सरकारी और निजी महाविद्यालयों में 10 जून से प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होगी। उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार 12वीं पास विद्यार्थी प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए 19 जून तक आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 28 जून को चयनित विद्यार्थियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। 1 जुलाई से प्रदेश के 556 से ज्यादा सरकारी और 1 हजार 850 से ज्यादा निजी महाविद्यालयों में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड पर पढ़ाई शुरू हो जाएगी।

प्रवेश नीति में यह हुए प्रमुख बदलाव
• छात्राओं को प्रवेश में में 3 % बोनस अंक दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें गैप एजुकेशन नियम में भी राहत दी गई है।
• पाक विस्थापित और दिव्यांग विद्यार्थियों को स्पेशल कोटे में प्रवेश दिया जाएगा।
• ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को केवल सहशिक्षा (को-एजुकेशन) महाविद्यालयों में न्यूनतम अंकों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
• खेलकूद के साथ समाज सेवा से सम्बन्धित गतिविधियों में उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बोनस अंकों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
• प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालयों में नि:शुल्क सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
• गरीब वर्ग के विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालयों में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की ओर से बुक बैंक की स्थापना की जाएगी।
राज्य पुलिसकर्मियों के बच्चों को भी जगह
अभी तक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए भारतीय सेना, केन्द्रीय सशस्त्र बल के कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों के बच्चों के लिए ही 3% सीटें आरक्षित थीं। इनमें अब राजस्थान पुलिसकर्मियों के बच्चों काे भी जगह मिलने लग जाएगी।
प्रदेश के महाविद्यालयों में कला और वाणिज्य वर्ग में प्रवेश के लिए 12 वीं कक्षा में कम से कम 45% और विज्ञान वर्ग के लिए कम से कम 48% नम्बर लाना अनिवार्य है।
मूल रूप से भारत के रहने वाले विदेशी बच्चों को भी राज्य के महाविद्यालयों में प्रवेश दिया जाएगा। जबकि मूल रूप से विदेशी छात्रों को इस बार प्रवेश नहीं मिल सकेगा।
काेराेना की वजह से जिन विद्यार्थियों के माता-पिता या फिर जिन छात्राओं के पति की माैत हुई है, उन्हें कम से कम अंक के आधार पर नि: शुल्क प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें छात्रावास की सुविधा भी नि:शुल्क मिलेगी।
UGC के नियमों के अनुसार जो महाविद्यालय ऑनलाइन शिक्षा के लिए माननीय नहीं हैं, उनकी डिग्रियों के आधार पर भी राजस्थान के महाविद्यालयों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
14 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को मिलेगा प्रवेश
राजस्थान में 556 से ज्यादा सरकारी महाविद्यालय हैं। इनमें 6 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को प्रतिशत के आधार प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, 1850 से ज्यादा निजी महाविद्यालय हैं। इनमें 8 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग की प्रवेश नीति के आधार पर प्रवेश मिलेगा।
