राजस्थान: जेजेएम घोटाले में पूर्व मंत्री से पूछताछ सम्भव, गिरफ्तार आरोपियों से फिर पूछताछ करेगी ईडी, हो सकती है बड़ी कार्रवाई
एनसीआई@जयपुर
जल जीवन मिशन (जेजेएम) भ्रष्टाचार के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) जल्द एक बड़ा एक्शन लेने वाली है। इस मामले में ईडी ने पीएचईडी ठेकेदार और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल के संचालक पदमचंद जैन को रिमांड पर ले रखा है। रिमांड के दौरान जैन ने ईडी को कई अहम जानकारियां दी हैं। इसके बाद जल्द पूर्व मंत्री महेश जोशी को जयपुर ईडी मुख्यालय बुलाकर पूछताछ कर सकती है।
इस सम्बन्ध में ईडी मुख्यालय ने तैयारी करनी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि ईडी इस मामले में एसीबी की ओर से गिरफ्तार किए गए आरोपियों से भी दोबारा पूछताछ कर सकती है।

यह है पूरा मामला
राजस्थान जलदाय विभाग (PHED) में अलवर के बहरोड़ में पोस्टेड एक्सईएन मायालाल सैनी व नीमराणा में पोस्टेड जेईएन प्रदीप के साथ रिश्वत देने वाले ठेकेदार पदमचंद जैन और कम्पनी के सुपरवाइजर मलकेत सिंह को एसीबी टीम ने 7 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इनके साथ एक दलाल प्रवीण कुमार को भी पकड़ा गया था।
एसीबी ने इनके पास से 2.90 लाख रुपए जब्त किए थे। सभी बहरोड़ से जयपुर के होटल पोलो विक्ट्री पहुंचे थे। वहां से ये घूस का पैसा लेकर जाने लगे तो पीछा कर चौमूं पुलिया के पास घेर कर पकड़ लिया। कार में बैठे बहरोड़ एईएन राकेश चौहान की भूमिका सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया था।
ठेकेदार पदमचंद जैन की फर्म श्याम ट्यूबवेल कम्पनी है और महेश मित्तल की फर्म गणपति ट्यूबवेल है। पदमचंद जैन और महेश मित्तल आपस में जीजा-साला हैं। जल जीवन मिशन (जेजेएम) में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र व आय प्रमाण पत्र लगा कर दोनों कम्पनियों पर जयपुर रीजन प्रथम व द्वितीय के इंजीनियरों से मिलीभगत कर 900 करोड़ रुपए के टेंडर लेने का आरोप है। सितम्बर-2023 में एसीबी ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर टेंडर हासिल करने के आरोप में श्याम ट्यूबवेल, गणपति ट्यूबवेल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
इस मामले में तत्कालीन सांसद किरोड़ी लाल मीना ने 20 हजार करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े के आरोप लगा कर सनसनी मचा दी थी।
बाप-बेटे से होगी आमने-सामने पूछताछ
इसी मामले को लेकर ईडी ने 17 जनवरी को राजस्थान में 8 जगहों पर छापे मारने की कार्रवाई की थी। पदमचंद जैन की 11.42 करोड़ रुपए की सम्पत्ति ईडी ने जब्त की थी। ईडी ने कार्रवाई कर 29 फरवरी को पदमचंद जैन के बेटे पीयूष जैन को अरेस्ट किया था। पूछताछ के बाद पीयूष को जेल भेज दिया गया था।
पदमचंद जैन पर आरोप है कि जेजेएम योजना के टेंडर प्राप्त करने के लिए काम पूरे होने के फर्जी सर्टिफिकेट लगाए। हरियाणा से चोरी किए गए सामान को भी नया बता कर योजना के काम में लगाया गया। माना जा रहा है कि पदमचंद जैन के पास जल जीवन मिशन योजना में हुए भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में कई अहम जानकारियां हैं।
