दाल को पकाने से पहले भिगोना सही है या गलत? जानिए कहीं अनजाने में आप भी तो नहीं कर रहे हैं गलती
दाल हमारे भोजन का अहम हिस्सा है, लेकिन इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों का सही तरीके से लाभ उठाने के लिए उसे सही तरीके से पकाने का तरीका आना चाहिए।
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
दालें हमारे आहार का एक अहम हिस्सा हैं। इनसे हमें प्रोटीन के साथ-साथ कई अन्य पोषक भी मिलते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दाल से मिलने वाले पोषक तत्वों के लिए उसे किस तरह से पकाया जाए? आयुर्वेद में भी इसे लेकर कुछ खास बातें कही गई हैं। इन्हीं में से एक है दाल को पकाने से पहले इसे कुछ देर के लिए भिगोना।
दरअसल, कई लोग दाल को धोकर ही पकने के लिए गैस पर चढ़ा देते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसारदाल को पकाने से पहले कुछ देर के लिए पानी में भिगोना (soaking pulses) जरूर चाहिए। चलिए जानते हैं कि दाल को पकाने से पहले कुछ देर भिगोने के क्या क्या फायदे होते हैं।
इसलिए बहुत जरूरी है दाल को पहले भिगोना
• आयुर्वेद में कहा गया है कि किसी भी दाल को पकाने से पहले भिगोना चाहिए, ताकि दाल से शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले फाइटिक एसिड और टैनिन निकल जाएं। इन दोनों ही तत्वों की वजह से दाल का पूरा फायदा शरीर को नहीं मिल पाता है। वहीं, इसे पकाने से पहले भिगोने से दाल को पचाना और उसके सभी पोषक तत्व हासिल करना आसान हो जाता है। जो लोग दाल को पकाने से पहले नहीं भिगोते, उन्हें ऐसी दाल को खाने के बाद पेट में देर तक भारीपन महसूस होता है, क्योंकि इनमें मौजूद फाइटिक एसिड और टैनिन की वजह से दाल पचने में देर करती है।
• दाल को पकाने से पहले भिगोने का दूसरा कारण है दाल की ऊपरी परत पर स्थित ओलिगोसैकेराइड। दाल को भिगोने से पहले कॉम्पलेक्स शुगर का ये तत्व पानी में घुल कर बाहर निकल जाता है। इस तत्व को अगर ना हटाया जाए तो यह दाल के साथ पेट में जाकर पेट में सूजन का भी कारण बनता है। इसलिए अगर आपको दाल का सही और ज्यादा फायदा उठाना है तो उसे पकाने से चार से पांच घंटा पहले जरूर भिगोकर रखना चाहिए, ताकि दाल में मौजूद पोषक तत्व आपके शरीर में जाकर फायदा कर सकें।
