Budget 2024 Live: क्या सस्ता, क्या महंगा: सोना, चांदी, मोबाइल, कैंसर की दवाइयां हुईं सस्ती, रोजगार और किसानों पर भी रहा खास फोकस
मोदी 3.0 का पहला बजट पेश कर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) का वित्त मंत्री के रूप में ये लगातार सातवां बजट है। बजट में अलग-अलग सेक्टरों के लिए कई घोषणाएं की गई हैं।
एनसीआई@नई दिल्ली
मोदी 3.0 का पहला आम बजट (Union Budget 2024) पेश हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे संसद में पेश किया, वित्त मंत्री के रूप में उनका ये लगातार सातवां बजट है। बजट में अलग-अलग सेक्टरों के लिए कई घोषणाएं की गई हैं, लेकिन आम आदमी की जेब पर किस चीज का बोझ बढ़ा है और किस ऐलान ने उन्हें राहत दी है तो बता दें सरकार ने कई चीजों पर कस्टम ड्यूटी घटाई है। इनमें प्रमुख तौर पर कैंसर की दवाइयों को शुल्क मुक्त कर दिया है। बड़ी बात यह है कि रोजगार और किसानों पर भी खास ध्यान दिया गया है। आइए जानते हैं कि क्या हुआ महंगा और क्या सस्ता…
ये हुए सस्ते
•सोना-चांदी
•इंपोर्टेड ज्वैलरी
•प्लेटिनम पर कस्टम ड्यूटी घटी
•कैंसर की दवाएं
•मोबाइल-चार्जर
•मछली का भोजन
•चमड़े से बनी वस्तुएं
•रसायन पेट्रोकेमिकल
•पीवीसी फ्लेक्स बैनर
केन्द्रीय बजट 2024-25 की मुख्य बातें
बजट अनुमान 2024-25:
• उधार के अलावा कुल प्राप्तियां: 32.07 लाख करोड़ रुपए।
• कुल व्यय: 48.21 लाख करोड़ रुपए।
• शुद्ध कर प्राप्ति: 25.83 लाख करोड़ रुपए।
• राजकोषीय घाटा: सकल घरेलू उत्पाद का 4.9 प्रतिशत।
• सरकार का लक्ष्य अगले वर्ष घाटा 4.5 प्रतिशत से नीचे लाना है।
• मुद्रास्फीति कम, स्थिर बनी हुई है तथा 4% के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है,कोर मुद्रास्फीति (गैर-खाद्य, गैर-ईंधन) 3.1% पर है।
• बजट का फोकस रोजगार, कौशल, एमएसएमई और मध्यम वर्ग पर है ।
•रोजगार और कौशल विकास के लिए प्रधानमंत्री की पांच योजनाओं का पैकेज।
•प्रधानमंत्री द्वारा 5 वर्ष की अवधि में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल एवं अन्य अवसरों के लिए 5 योजनाओं एवं पहलों का पैकेज।
योजना ए – पहली बार नौकरी करने वाले: ईपीएफओ में पंजीकृत पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपए तक का एक माह का वेतन 3 किश्तों में प्रदान किया जाएगा।
योजना बी – विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन: रोजगार के प्रथम 4 वर्षों में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को उनके ईपीएफओ अंशदान के सम्बंध में निर्दिष्ट स्तर पर सीधे प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।
योजना सी – नियोक्ताओं को सहायता: सरकार प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए नियोक्ताओं के ईपीएफओ अंशदान के लिए 2 वर्षों तक 3,000 रुपए प्रति माह तक की प्रतिपूर्ति करेगी।
कौशल विकास के लिए नई केन्द्र प्रायोजित योजना
•पांच वर्ष की अवधि में 20 लाख युवाओं को कुशल बनाया जाएगा।
•1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को हब और स्पोक व्यवस्था में उन्नत किया जाएगा।
• 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को 500 शीर्ष कम्पनियों में इंटर्नशिप की नई योजना
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नौ बजट प्राथमिकताएं:
√कृषि में उत्पादकता और लचीलापन
√रोजगार एवं कौशल
√समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय
√विनिर्माण और सेवाएं
•शहरी विकास
•ऊर्जा सुरक्षा
•आधारभूत संरचना
•नवाचार, अनुसंधान एवं विकास और
•अगली पीढ़ी के सुधार
प्राथमिकता 1: कृषि में उत्पादकता और लचीलापन
•कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपए का आवंटन।
•किसानों द्वारा खेती के लिए 32 खेत और बागवानी फसलों की 109 नई उच्च उपज वाली और जलवायु-लचीली किस्में जारी की जाएंगी।
•अगले 2 वर्षों में देश भर में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती की शुरुआत कराई जाएगी, साथ ही प्रमाणीकरण और ब्रांडिंग भी की जाएगी।
•प्राकृतिक खेती के लिए 10,000 आवश्यकता-आधारित जैव-इनपुट संसाधन केन्द्र स्थापित किए जाएंगे।
•किसानों और उनकी भूमि को कवर करने के लिए कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) को 3 वर्षों में लागू किया जाएगा।
प्राथमिकता 2: रोजगार और कौशल
•प्रधानमंत्री के पैकेज के हिस्से के रूप में, ‘रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन’ के लिए 3 योजनाएं लागू की जाएंगी – योजना ए – पहली बार रोजगार पाने वालों के लिए; योजना बी – विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन; योजना सी – नियोक्ताओं को सहायता।
•कार्यबल में महिलाओं की अधिक भागीदारी को सुगम बनाने के लिए, औद्योगिक सहयोग से कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास और क्रेच स्थापित किए जाएंगे
•महिलाओं के लिए विशेष कौशल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे
•महिला स्वयं सहायता समूह उद्यमों के लिए बाजार पहुंच को बढ़ावा दिया जाएगा
कौशल विकास
•प्रधानमंत्री पैकेज के अंतर्गत 5 वर्ष की अवधि में 20 लाख युवाओं के लिए कौशल विकास के लिए नई केन्द्र प्रायोजित योजना।
•आदर्श कौशल ऋण योजना को 7.5 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा के लिए संशोधित किया जाएगा ।
•घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपए तक के ऋण के लिए वित्तीय सहायता उन युवाओं को प्रदान की जाएगी, जो सरकारी योजनाओं और नीतियों के तहत किसी भी लाभ के लिए पात्र नहीं हैं।
प्राथमिकता 3: समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय
पूर्वोदय
•अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे के साथ गया में औद्योगिक नोड विकसित किया जाएगा।
•पीरपैंती में 2400 मेगावाट के नए विद्युत संयंत्र सहित विद्युत परियोजनाएं 21,400 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की जाएंगी।
आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम
•चालू वित्त वर्ष में बहुपक्षीय विकास एजेंसियों के माध्यम से 15,000 करोड़ रुपए की विशेष वित्तीय सहायता।
•विशाखापट्टनम-चेन्नई औद्योगिक गलियारे के साथ कोप्पार्थी में तथा हैदराबाद-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे के साथ ओर्वाकल में औद्योगिक नोड।
महिलाओं के नेतृत्व में विकास
•महिलाओं और बालिकाओं को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए कुल 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक का आवंटन।
प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान
जनजातीय बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में जनजातीय परिवारों का सामाजिक-आर्थिक विकास, 63,000 गांवों को कवर करना जिससे 5 करोड़ जनजातीय लोगों को लाभ मिलेगा।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में बैंक शाखाएं
पूर्वोत्तर क्षेत्र में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की 100 शाखाएं स्थापित की जाएंगी।
प्राथमिकता 4: विनिर्माण और सेवाएं
•विनिर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी योजना
•मशीनरी और उपकरणों की खरीद के लिए एमएसएमई को सावधि ऋण में संपार्श्विक या तीसरे पक्ष की गारंटी के बिना ऋण गारंटी योजना।
•तनाव की अवधि के दौरान एमएसएमई को ऋण सहायता
•एमएसएमई को संकट की अवधि के दौरान बैंक ऋण जारी रखने की सुविधा के लिए नई व्यवस्था।
मुद्रा ऋण
•’तरुण’ श्रेणी के अंतर्गत मुद्रा ऋण की सीमा उन लोगों के लिए 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की जाएगी जिन्होंने पिछले ऋणों का सफलतापूर्वक भुगतान कर दिया है।
•टीआरईडीएस में अनिवार्य ऑनबोर्डिंग का दायरा बढ़ाया गया
•टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य ऑनबोर्डिंग के लिए खरीदारों की टर्नओवर सीमा 500 करोड़ रुपए से घटाकर 250 करोड़ रुपए की जाएगी।
•खाद्य विकिरण, गुणवत्ता और सुरक्षा परीक्षण के लिए एमएसएमई इकाइयां
•एमएसएमई क्षेत्र में 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयां स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता।
ई-कॉमर्स निर्यात केन्द्र
एमएसएमई और पारम्परिक कारीगरों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने उत्पाद बेचने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत ई-कॉमर्स निर्यात केन्द्र स्थापित किए जाएंगे।
महत्वपूर्ण खनिज मिशन
घरेलू उत्पादन, महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण और महत्वपूर्ण खनिज परिसम्पत्तियों के विदेश में अधिग्रहण के लिए महत्वपूर्ण खनिज मिशन की स्थापना की जाएगी।
खनिजों का अपतटीय खनन
खनन के लिए अपतटीय ब्लॉकों की पहली खेप की नीलामी, जो पहले से किए गए अन्वेषण पर आधारित होगी।
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) अनुप्रयोग
ऋण, ई-कॉमर्स, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून और न्याय, लॉजिस्टिक्स, एमएसएमई, सेवा वितरण और शहरी शासन के क्षेत्रों में डीपीआई अनुप्रयोगों का विकास।
प्राथमिकता 5: शहरी विकास
पारगमन उन्मुख विकास
30 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 14 बड़े शहरों के कार्यान्वयन और वित्तपोषण के लिए पारगमन उन्मुख विकास योजनाओं और रणनीतियों का निर्माण।
शहरी आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत अगले 5 वर्षों में 2.2 लाख करोड़ रुपए की केन्द्रीय सहायता सहित 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव, 1 करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए।
सड़क बाजार
चुनिंदा शहरों में अगले 5 वर्षों तक हर साल 100 साप्ताहिक ‘हाट’ या स्ट्रीट फूड हब के विकास को समर्थन देने के लिए नई योजना।
प्राथमिकता 6: ऊर्जा सुरक्षा
ऊर्जा संक्रमण
रोजगार, विकास और पर्यावरणीय स्थिरता की अनिवार्यताओं में संतुलन स्थापित करने के लिए ‘ऊर्जा संक्रमण पथ’ पर नीति दस्तावेज लाया जाएगा।
पम्प स्टोरेज नीति
•बिजली भंडारण के लिए पम्प स्टोरेज परियोजनाओं को बढ़ावा देने की नीति बनाई जाएगी।
•छोटे और मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टरों का अनुसंधान और विकास
•सरकार भारत लघु मॉड्यूलर रिएक्टर तथा परमाणु ऊर्जा के लिए नई प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान एवं विकास के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी करेगी तथा भारत लघु रिएक्टरों की स्थापना करेगी।
•उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट
•उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (एयूएससी) प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए 800 मेगावाट का पूर्ण व्यावसायिक संयंत्र स्थापित करने के लिए एनटीपीसी और बीएचईएल के बीच संयुक्त उद्यम का प्रस्ताव।
•’कठिन निवारण’ उद्योगों के लिए रोडमैप
•’कठिन’ उद्योगों को वर्तमान ‘प्रदर्शन, उपलब्धि और व्यापार’ मोड से ‘भारतीय कार्बन बाजार’ मोड में स्थानांतरित करने के लिए उपयुक्त विनियमन लागू किए जाएंगे।
प्राथमिकता 7: बुनियादी ढांचा
•केन्द्र सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे में निवेश
•पूंजीगत व्यय के लिए 11,11,111 करोड़ रुपए (जीडीपी का 3.4%) उपलब्ध कराए जाएंगे।
•राज्य सरकारों द्वारा बुनियादी ढांचे में निवेश
•बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए राज्यों को सहायता देने के लिए दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण हेतु 1.5 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)
25,000 ग्रामीण बस्तियों को सभी मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए पीएमजीएसवाई के चरण IV का शुभारम्भ।
सिंचाई और बाढ़ शमन
•बिहार में कोसी-मेची अंतर-राज्यीय सम्पर्क और अन्य योजनाओं के लिए 11,500 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता।
•सरकार असम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम को बाढ़, भूस्खलन और अन्य संबंधित परियोजनाओं के लिए सहायता प्रदान करेगी।
पर्यटन
•विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर, महाबोधि मंदिर कॉरिडोर और राजगीर का व्यापक विकास।
•ओडिशा के मंदिरों, स्मारकों, शिल्पकला, वन्यजीव अभयारण्यों, प्राकृतिक परिदृश्यों और प्राचीन समुद्र तटों के विकास के लिए सहायता।
प्राथमिकता 8: नवाचार, अनुसंधान और विकास
• बुनियादी अनुसंधान और प्रोटोटाइप विकास के लिए अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान कोष का संचालन किया जाएगा।
• वाणिज्यिक स्तर पर निजी क्षेत्र द्वारा संचालित अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का वित्तपोषण पूल।
अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था
अगले 10 वर्षों में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को 5 गुना बढ़ाने के लिए 1,000 करोड़ रुपए का उद्यम पूंजी कोष स्थापित किया जाएगा।
प्राथमिकता 9: अगली पीढ़ी के सुधार
ग्रामीण भूमि सम्बंधी कार्यवाहियां
• सभी भूमियों के लिए विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या (ULPIN) या भू-आधार
• भूकर मानचित्रों का डिजिटलीकरण
•वर्तमान स्वामित्व के अनुसार मानचित्र उप-विभागों का सर्वेक्षण
•भूमि रजिस्ट्री की स्थापना
•किसानों की रजिस्ट्री से जोड़ना
शहरी भूमि सम्बंधी कार्यवाहियां
शहरी क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों को जीआईएस मेपिंग के साथ डिजिटल किया जाएगा।
श्रमिकों के लिए सेवाएं
•ऐसे वन-स्टॉप समाधान की सुविधा के लिए ई-श्रम पोर्टल को अन्य पोर्टलों के साथ एकीकृत किया जाएगा।
•तेजी से बदलते श्रम बाजार, कौशल आवश्यकताओं और उपलब्ध नौकरी भूमिकाओं के लिए ओपन आर्किटेक्चर डेटाबेस।
•नौकरी के इच्छुक लोगों को सम्भावित नियोक्ताओं और कौशल प्रदाताओं से जोड़ने की व्यवस्था।
एनपीएस वात्सल्य
एनपीएस-वात्सल्य, नाबालिगों के लिए माता-पिता और अभिभावकों द्वारा अंशदान की एक योजना है।
भाग बी
अप्रत्यक्ष कर जीएसटी
जीएसटी की सफलता से उत्साहित होकर, शेष क्षेत्रों में भी जीएसटी का विस्तार करने के लिए कर ढांचे को सरल और युक्तिसंगत बनाया जाएगा।
क्षेत्र विशेष सीमा शुल्क प्रस्ताव
दवाइयां और चिकित्सा उपकरण
• तीन कैंसर दवाओं ट्रेस्टुजुमैबडेरक्सटेकन, ओसिमर्टिनिब और डुरवालुमैब को सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई।
• चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत मेडिकल एक्स-रे मशीनों में उपयोग के लिए एक्स-रे ट्यूबों और फ्लैट पैनल डिटेक्टरों पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) में परिवर्तन।
मोबाइल फोन और सम्बन्धित पार्ट्स
मोबाइल फोन, मोबाइल प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेम्बली (पीसीबीए) और मोबाइल चार्जर पर बीसीडी घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया।
कीमती धातु
सोने और चांदी पर सीमा शुल्क घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया तथा प्लेटिनम पर 6.4 प्रतिशत कर दिया गया।
अन्य धातुएं
•फेरो निकेल और ब्लिस्टर कॉपर पर बीसीडी हटा दिया गया।
•फेरस स्क्रेप और निकल कैथोड पर बीसीडी हटा दिया गया।
•तांबे के स्क्रेप पर 2.5 प्रतिशत की रियायती बीसीडी
इलेक्ट्रॉनिक्स
प्रतिरोधकों के विनिर्माण के लिए ऑक्सीजन मुक्त तांबे पर कुछ शर्तों के अधीन बीसीडी को हटा दिया गया।
रसायन और पेट्रोरसायन
अमोनियम नाइट्रेट पर बीसीडी 7.5 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई।
प्लास्टिक
पीवीसी फ्लेक्स बैनरों पर बीसीडी 10 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दी गई।
दूरसंचार उपकरण
निर्दिष्ट दूरसंचार उपकरणों के पीसीबीए पर बीसीडी 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई।
ट्रेड फेसिलिटेशन
•घरेलू विमानन तथा नाव एवं जहाज एमआरओ को बढ़ावा देने के लिए, मरम्मत के लिए आयातित माल के निर्यात की समयावधि छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष कर दी गई।
•वारंटी के अंतर्गत मरम्मत के लिए माल के पुनः आयात की समय-सीमा तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई।
महत्वपूर्ण खनिज
•25 महत्वपूर्ण खनिजों को सीमा शुल्क से पूर्ण छूट दी गई।
•दो महत्वपूर्ण खनिजों पर बीसीडी कम किया गया।
सौर ऊर्जा
सौर सेल और पैनलों के विनिर्माण में उपयोग के लिए पूंजीगत वस्तुओं को सीमा शुल्क से छूट दी गई।
समुद्री उत्पाद
•कुछ ब्रूडस्टॉक, पॉलीचेट वर्म्स, झींगा और मछली आहार पर बीसीडी को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया।
•झींगा और मछली आहार के विनिर्माण के लिए विभिन्न इनपुट को सीमा शुल्क से छूट दी गई।
चमड़ा और वस्त्र
•बत्तख या हंस से प्राप्त वास्तविक डाउन फिलिंग सामग्री पर बीसीडी कम हो गई।
•स्पेन्डेक्स यार्न के विनिर्माण के लिए मेथीलीन डाइफेनिल डायइसोसायनेट (एमडीआई) पर बीसीडी को शर्तों के अधीन 7.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया।
प्रत्यक्ष कर
•करों को सरल बनाने, करदाता सेवाओं में सुधार लाने, कर निश्चितता प्रदान करने तथा मुकदमेबाजी को कम करने के प्रयास जारी रखे जाएंगे।
•सरकार की विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण के लिए राजस्व में वृद्धि करना।
•वित्त वर्ष 23 में सरलीकृत कर व्यवस्था से कॉर्पोरेट कर का 58 प्रतिशत, वित्त वर्ष 24 में दो तिहाई से अधिक करदाताओं ने व्यक्तिगत आयकर के लिए सरलीकृत कर व्यवस्था का लाभ उठाया।
धर्मार्थ कार्यों और टीडीएस का सरलीकरण
•धर्मार्थ संस्थाओं के लिए दो कर छूट व्यवस्थाओं को एक में मिलाया जाएगा।
•कई भुगतानों पर 5 प्रतिशत टीडीएस दर को 2 प्रतिशत टीडीएस दर में विलय कर दिया गया।
•म्यूचुअल फंड या यूटीआई द्वारा यूनिटों की पुनर्खरीद पर 20 प्रतिशत टीडीएस दर वापस ले ली गई।
•ई-कॉमर्स ऑपरेटरों पर टीडीएस की दर एक प्रतिशत से घटाकर 0.1 प्रतिशत कर दी गई।
•विवरण दाखिल करने की नियत तिथि तक टीडीएस के भुगतान में देरी को अपराधमुक्त किया गया।
पुनर्मूल्यांकन का सरलीकरण
•कर निर्धारण वर्ष की समाप्ति से तीन वर्ष से लेकर पांच वर्ष के बाद केवल तभी कर निर्धारण पुनः खोला जा सकता है, जब छूटी हुई आय 50 लाख रुपए या उससे अधिक हो।
•तलाशी के मामलों में, तलाशी के वर्ष से पूर्व समय सीमा दस वर्ष से घटाकर छह वर्ष कर दी गई।
पूंजीगत लाभ का सरलीकरण और युक्तिकरण
•कुछ वित्तीय परिसम्पत्तियों पर अल्पावधि लाभ पर 20 प्रतिशत की कर दर लागू होगी।
•सभी वित्तीय और गैर-वित्तीय परिसम्पत्तियों पर दीर्घकालिक लाभ पर 12.5 प्रतिशत की कर दर लागू होगी।
•कुछ वित्तीय परिसम्पत्तियों पर पूंजीगत लाभ की छूट सीमा बढ़ाकर ₹ 1.25 लाख प्रति वर्ष कर दी गई।
करदाता सेवाएं
सीमा शुल्क और आयकर की शेष सभी सेवाओं को, जिसमें सुधार और अपीलीय आदेशों को प्रभावी करने वाले आदेश भी शामिल हैं, अगले दो वर्षों में डिजिटल कर दिया जाएगा।
मुकदमेबाजी और अपील
•अपील में लम्बित आयकर विवादों के समाधान के लिए ‘विवाद से विश्वास योजना, 2024’।
•कर न्यायाधिकरणों, उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में प्रत्यक्ष कर, उत्पाद शुल्क और सेवा कर से सम्बंधित अपील दायर करने की मौद्रिक सीमा क्रमशः ₹60 लाख, ₹2 करोड़ और ₹5 करोड़ तक बढ़ा दी गई।
•मुकदमेबाजी को कम करने तथा अन्तरराष्ट्रीय कराधान में निश्चितता प्रदान करने के लिए सुरक्षित बंदरगाह नियमों का विस्तार किया गया।
रोजगार और निवेश
•स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को मजबूत करने के लिए सभी वर्ग के निवेशकों के लिए एंजल टेक्स समाप्त कर दिया गया।
•भारत में क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए घरेलू क्रूज परिचालन करने वाली विदेशी शिपिंग कम्पनियों के लिए सरल कर व्यवस्था।
•देश में कच्चे हीरे बेचने वाली विदेशी खनन कम्पनियों के लिए सुरक्षित बंदरगाह दरें।
•विदेशी कम्पनियों पर कॉर्पोरेट कर की दर 40 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत कर दी गई।
कर आधार को बढ़ाना
•प्रतिभूतियों के वायदा और विकल्प पर प्रतिभूति लेनदेन कर को बढ़ाकर क्रमशः 0.02 प्रतिशत और 0.1 प्रतिशत कर दिया गया।
•प्राप्तकर्ता के हाथों शेयरों की पुनः खरीद पर प्राप्त आय पर कर लगेगा।
सामाजिक सुरक्षा के लाभ
•एनपीएस के लिए नियोक्ताओं द्वारा व्यय की कटौती को कर्मचारी के वेतन के 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया जाएगा।
•20 लाख रुपए तक की छोटी चल विदेशी संपत्ति की सूचना न देने पर जुर्माना समाप्त कर दिया गया।
वित्त विधेयक में अन्य प्रमुख प्रस्ताव
•2 प्रतिशत का समतुल्यीकरण शुल्क वापस ले लिया गया
•नई कर व्यवस्था के तहत व्यक्तिगत आयकर में परिवर्तन
•वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए मानक कटौती ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दी गई।
•पेंशनभोगियों के लिए पारिवारिक पेंशन पर कटौती ₹15,000/- से बढ़ाकर ₹25,000/- की गई।
संशोधित कर दर संरचना:
√ 0-3 लाख रुपए-शून्य
√ 3-7 लाख रुपए-5 प्रतिशत
√ 7-10 लाख रुपए-10 प्रतिशत
√ 10-12 लाख रुपए-15 प्रतिशत
√ 12-15 लाख रुपए-20 प्रतिशत
√ 15 लाख रुपए से अधिक-30 प्रतिशत
√ नई कर व्यवस्था में वेतनभोगी कर्मचारी को आयकर में ₹ 17,500/- तक की बचत होगी।
