नाबालिग भाई-बहन, इनकी सहपाठी सहित एक युवती की डूबने से मौत
एनसीआई@उदयपुर
जंगल में बकरियां चराने गए नाबालिग भाई-बहिन व उनकी नाबालिग पड़ोसी सहेली सहित एक विवाहित युवती की एनिकट में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा कुराबड़ ब्लॉक के बेमला गांव में आज शनिवार दोपहर करीब एक बजे हुआ।
इनमें से तीनों बच्चे पहले तैरते हुए गहरे पानी में गए और डूबने लगे। इनका शोर सुनकर वहां मौजूद युवती उन्हें बचाने के लिए पानी में उतर गई। मगर तैरना नहीं आने से वह भी डूब गई। बचाव दल को इस हादसे की देरी से सूचना मिली। इससे पहले डेढ़ घंटे में ग्रामीणों ने चारों शवों को बाहर निकाल लिया था।

यह है पूरा मामला
बेमला पंचायत के सरपंच भरत मीणा ने बताया-मृतकों में सुरों का गुड़ा निवासी राजू (15) पुत्र नानजी, इसकी बहन तारा (13) व पार्वती (15) पुत्री धन्ना तथा भूरी (20) पुत्री शंकरलाल शामिल हैं। उन्होंने बताया- राजू और तारा भाई-बहन थे, वहीं पार्वती इनके पड़ोस में रहती थी। ये तीनों छठी कक्षा में पढ़ते थे। भूरी की शादी हो चुकी थी।
सरपंच मीणा ने बताया- पहले राजू, तारा और पार्वती नहाने के लिए एनिकट में उतरे। वहीं भूरी बाहर ही रही। तीनों बच्चे डूबने लगे तो इन्होंने शोर मचाया। इस पर वहां खड़ी हुई भूरी इन्हें बचाने के लिए दौड़ी। इनमें से किसी को भी तैरना नहीं आता था। भूरी ने सम्भवतया यह सोचा होगा कि एनिकट में पानी कम है तो वह बच्चों को निकाल लेगी, मगर ऐसा नहीं हो सका। दूसरी ओर वहीं बकरियां चरा रहीं दो अन्य लड़कियों ने भाग कर गांव में इस हादसे की सूचना राजू और तारा के पिता नानजी को दी।

रास्ते में से ही लौटी सिविल डिफेंस टीम
बेमला पंचायत के सरपंच भरत मीणा ने बताया-घटना के बाद कुराबड़ पुलिस को सूचना दी थी। उन्होंने उदयपुर में सिविल डिफेंस टीम को जानकारी दी। मगर उनके पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने पानी में से चारों के शव बाहर निकाल लिए थे। परिजनों ने बच्चों के शवों के पेट से पानी निकालने का प्रयास किया गया। इधर, शवों को बाहर निकाल लिए जाने की जानकारी मिलते ही मौके पर आ रही सिविल डिफेंस की टीम रास्ते में से ही वापस लौट गई।
