बूंदी के एक बुजुर्ग का कोटा में बड़ा ऑपरेशन: गॉल ब्लेडर से निकाले 6 हजार से ज्यादा स्टोन, पेट दर्द से था परेशान, बढ़ गई थी गॉल ब्लेडर की साइज
प्रतीकात्मक फोटो
एनसीआई@कोटा
कोटा के एक निजी अस्पताल के चिकित्सक ने बूंदी जिले के एक 70 वर्षीय मरीज का ऑपरेशन कर उसके गॉल ब्लेडर (पित्ताशय) से 6 हजार से ज्यादा स्टोन (पथरी) निकाले।यह बुजुर्ग करीब डेढ़ साल से पेट दर्द और उल्टी की समस्या से परेशान था। इस पर डॉक्टर ने उसकी सोनोग्राफी करवाई तो उसके गॉल ब्लेडर की साइज काफी अधिक 12×4 मिली। इसके अलावा बड़ी बात यह थी कि यह पूरा पथरी से भरा हुआ था।
मरीज की जांच पूरी होने के बाद डॉक्टर ने दूरबीन से ऑपरेशन कर बुजुर्ग के पेट से राई, मूंग की दाल, चने की दाल के आकार और उससे भी बड़ी साइज की पथरी निकाली। मरीज के शरीर से निकले स्टोन के ढेर को गिनने में ही करीब ढाई घंटे लग गए।

पेट दर्द, उल्टी की समस्या से था परेशान
डॉ. दिनेश जिंदल ने बताया- बूंदी जिले के पदमपुरा का रहने वाला बुजुर्ग मरीज पिछले 18 महीने से परेशान था। उसे पेट दर्द, गैस, पेट में भारीपन और उल्टी की समस्या थी। मरीज ने पहले कोटा में किसी अन्य निजी हॉस्पिटल में इलाज करवाया था। जहां उसे ओपन सर्जरी की सलाह दी गई थी।
डॉ. जिंदल आगे बताते हैं, 6 सितम्बर को मरीज हमारे हॉस्पिटल में आया। उसकी सोनोग्राफी की गई तो पित्ताशय की साइज 12×4 सेमी नजर आई। इसमें पित्त की कोई मात्रा नहीं थी, थैली सिर्फ स्टोन से भरी हुई थी। स्टोन के कारण पित्त की थैली लम्बी हो गई थी। इस वजह से मरीज ज्यादा परेशान था।
सामान्यतया यह रहना चाहिए आकार
डॉ. जिंदल ने बताया- सामान्य तौर पर पित्ताशय की साइज 7×4 सेमी होती है। मगर पित्ताशय की ऐसी स्थिति अर्थात आकार अधिक बड़ा हो तो दूरबीन से ऑपरेशन करना बहुत कठिन होता है। ऑपरेशन के दौरान थैली के पंचर होने से स्टोन के बिखरने का खतरा था। अगर पेट में पथरी बिखर जाती तो संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। डॉ. अंकुर जैन (एनेस्थीसिया) की मदद से उस मरीज का ऑपरेशन किया गया।

इस तरह हुआ ऑपरेशन
डॉ. जिंदल ने बताया- हमने सावधानी से दूरबीन से पूरे पित्ताशय को अलग करके एंडोबैग में रखकर निकाला। इस प्रोसेस में 30 से 40 मिनट का समय लगा। बाहर निकालने के बाद पित्ताशय को खोला। इसमें राई, मूंग की दाल, चने की दाल के आकार और उससे भी बड़ी साइज के बहुत सारे स्टोन दिखे। इसके बाद औजारों की मदद से सभी स्टोन निकाले। जब इन स्टोन की गिनती की गई तो यह 6 हजार 110 निकले। ऑपरेशन के दूसरे दिन ही मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया।
डॉ. जिंदल ने बताया- इससे पहले भी एक 45 वर्षीय मरीज के पित्ताशय से 5070 स्टोन निकाले थे। इसके अलावा 70 साल के एक मरीज के पित्ताशय से 8×4 सेमी की पथरी निकाली थी।
पित्त की पथरी से पीलिया का खतरा
पित्त की पथरी के कारण सबसे बड़ा खतरा पीलिया का रहता है। उत्तर भारत में लम्बे समय से पित्त की पथरी रहने से केंसर के मामले भी सामने आए हैं।
