उपराष्ट्रपति ने कहा-कुछ लोग देश तोड़ने वालों के साथ बैठते हैं, इतने हिस्सों में मत बंटो कि हमारे लिए कुछ नहीं बचे, साध्वी ऋतम्भरा बोलीं-लालच में धर्म परिवर्तन हो रहे
एनसीआई@जयपुर
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा- मुझे चिंता होती है कुछ लोग विदेश में देश को तोड़ने वालों के साथ बैठते हैं। वे नासमझी से उत्साहित हैं। एक नेरेटिव चला रहे हैं। जब पड़ोस के देश में कुछ हुआ, तब के संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति कहता है कि हमारे देश में ऐसा हो सकता है। उपराष्ट्रपति ने कहा- इतने हिस्सों में भी मत बंटो कि बाद में याद आए कि हमारे हिस्से में कुछ नहीं बचा है।
उपराष्ट्रपति धनखड़ गुरुवार को यहां चौथे हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। 5 दिन चलने वाले इस हिन्दू मेले में देशभर के संत शामिल हुए हैं। इस दौरान साध्वी ऋतम्भरा ने कहा- मुझे चित्तोड़ की धरती को प्रणाम करना है, जहां देवियों ने लाशों के साथ दुष्कर्म करने वालों के खिलाफ अग्नि स्नान कर जौहर किया। जब वह लोग अपने प्राण को त्याग सकते हैं तो हम भय और लालच के लिए अपना धर्म क्यों त्यागे?

वहीं, अपने सम्बोधन में स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा- भारत ही पूरी दुनिया को नई दृष्टि दे सकता है। एआई के जमाने में मुझे लगता है, भारत दुनिया को आरआई यानि ऋषि इंटेलिजेंस देगा, ताकि लोग अध्यात्म से जुड़ें। उन्होंने कहा- भारत के पास एनआई इंटेलिजेंस भी है। ये नेचर इंटेलिजेंस और ऋषि इंटेलिजेंस ही भारत का मान दुनिया में बढ़ाएगी।
बोले- मत चूके चौहान
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा-भारत को खंडित करने के लिए कुछ लोग ऐसे लगे हुए हैं, जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं। जब पड़ोस के देश में कुछ हुआ, तब देश का एक वकील देश में डर पैदा करता है कि हमारे यहां भी ऐसा माहौल हो सकता है।
कोलकाता में एक महिला डॉक्टर के साथ दर्दनाक घटना हुई। अस्पताल में ड्यूटी के दौरान उसकी मौत हुई उसके साथ जघन्य अपराध हुआ।
सनातन धर्म में नारी शक्ति को, शक्ति केन्द्र माना गया है। सनातन भूमि आज विश्व का केन्द्र बनी हुई है। हमारे देश की 8% एनुअल ग्रोथ हुई है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि मत चूके चौहान। आप सक्षम हैं, अपनी शक्ति को पहचानिए।
वहीं, अपने सम्बोधन में स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा- भारत ही पूरी दुनिया को नई दृष्टि दे सकता है। एआई के जमाने में मुझे लगता है, भारत दुनिया को आरआई यानि ऋषि इंटेलिजेंस देगा, ताकि लोग अध्यात्म से जुड़ें। उन्होंने कहा- भारत के पास एनआई इंटेलिजेंस भी है। ये नेचर इंटेलिजेंस और ऋषि इंटेलिजेंस ही भारत का मान दुनिया में बढ़ाएगी।
आजादी के बाद देश पर काफी संकट आए थे।आपातकाल उसी संकट में से एक था। इंदिरा गांधी ने खुद की कुर्सी को बचाने के लिए आपातकाल लगाया था। तब कोई अधिकार हमारे पास नहीं रहे। आज मैं आपसे आह्वान करता हूं कि आप उस कालखंड को कभी मत भूलिएगा।
ये ताकतें आज भी देश को टुकड़ों में बांटने के लिए, सनातन को चुनौती देने के लिए जुटी हुई हैं। 25 जून संविधान हत्या दिवस है। जयपुर जानता है, जिन-जिन लोगों को उस वक्त जेल में डाला, वह प्रधानमंत्री-उपराष्ट्रपति बने हैं।
सनातन फिलॉसफी में जाएंगे तो…..
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारे सामने कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जो चुनौती पूर्ण है। जिनका समाधान दुनिया को सिर्फ भारत दे सकता है। क्लाइमेट चेंज एक बड़ी चुनौती है। हमारे पास धरती के अलावा रहने के लिए दूसरा प्लेनेट नहीं है।आप सनातन की फिलॉसफी में जाएंगे तो पता चलेगा कि हम तो कभी भी क्लाइमेट चेंज को आने ही नहीं देते। हम भारतीय है, राष्ट्रीय धर्म हमारा परम कर्तव्य है। निजी और राजनीतिक हित को राष्ट्रहित से ऊपर नहीं रख सकते हैं।
हमारी हजारों साल की संस्कृति है। 2047 में भारत को विकसित राज्य बनाना है। यह सपना देश के प्रधानमंत्री ने देखा है। यह सपना उन्होंने 2014 में नहीं देखा था, क्योंकि तब सपने देखने का वक्त नहीं था। बल्कि, देश के हालात सुधारने का वक्त था। 2019 में जब देश के हालात सही हुए, तब उन्होंने यह सपना देखा।
उपराष्ट्रपति बोले- हिस्सों में मत बंटो
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा- आज दुनिया के लोग भारत का अध्ययन करते हैं। वह कोशिश करते हैं कि हममें कुछ कमी निकाले। लेकिन भारत वह देश है, जहां दस में से चार लोग कार्य में सम्मिलित रहते हैं। वह दूसरों की सेवा में जुटे रहते हैं। जब मैं पश्चिम बंगाल का राज्यपाल था, तब मैंने देखा था, भारत के लोग खुद संकट में होकर दूसरों को संकट से निकलने का काम कर रहे थे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि इतने हिस्सों में भी मत बांटो कि बाद में याद आए कि हमारे हिस्से में कुछ नहीं बचा है। हमारी संस्कृति में तुलसी को जल चढ़ाना, चींटी को आटा देना। पहले रोटी गाय और अंतिम रोटी कुत्ते को देने के साथ नाग पंचमी पर नाग की पूजा करना, नवरात्रि में बालिकाओं की पूजा करना, हमारी संस्कृति में शामिल है। यह भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र को समझता है।
चिदानंद सरस्वती बोले- आरआई और एनआई देगा भारत
चिदानंद सरस्वती ने कहा- आज पूरे विश्व में सनातन के लिए सम्मान है, लेकिन भारत के कुछ लोग विदेश में जाकर सनातन पर सवाल उठाते हैं, जो पूरी तरह गलत है। सनातन तो सबको साथ लेकर चलता है।
हमारे देश में कोरोना के वक्त सभी देशों को फ्री वैक्सीन बांटी। आज अकेले चलने का समय नहीं है। आरएसएस इसी तर्ज पर काम कर रहा है।
