दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में फायरिंग से युवक की मौत के दूसरे दिन भारी हिंसा, इंटरनेट बंद, गाड़ियों के शो रूम, अस्पताल, घरों-दुकानों को फूंका
एनसीआई@बहराइच
उत्तर प्रदेश के बहराइच में सोमवार को दिनभर हालात बेहद डरावने और बेकाबू रहे। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने एक प्राइवेट अस्पताल में आग लगा दी। कई शोरूम-दुकानों, घरों को फूंक दिया। भीड़ की आक्रामकता देखकर पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा। मौके पर आसपास के 6 जिलों से फोर्स और पीएसी बुलाई गई है। एसटीएफ चीफ और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश को मैदान में उतरना पड़ा। उन्होंने आगजनी कर रही भीड़ को पहले रोकने की कोशिश की, मगर इसमें सफलता नहीं मिली तो हाथ में पिस्टल लेकर खदेड़ा। हिंसा प्रभावित इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। इस हिंसा में गम्भीर घायल एक अन्य युवक को लखनऊ रेफर कर दिया गया था। इसकी हालत भी नाजुक बनी हुई है।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले रविवार को हरदी इलाके में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान अब्दुल हमीद नामक व्यक्ति के घर पर खड़े हुए लोगों ने डीजे बजाने पर आपत्ति जताई। ये सब अब्दुल हमीद के परिवारजन ही थे। इनमें उसके बेटे भी शामिल थे। इसी के साथ शोभायात्रा पर पथराव किया जाने लगा। इससे माता की प्रतिमा खंडित हो गई। इससे आक्रोशित 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा मकान की छत पर जा चढ़ा और वहां लगे हुए हरे झंडे को हटाकर भगवा झंडा लगाने लगा। इसके बाद मकान पर खड़े लोगों ने रामगोपाल को खींच लिया और इस पर गोलियां दाग दीं। इससे इसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसके शरीर पर चाकू के घाव भी मिले हैं। इस बीच भारी हिंसा भड़क चुकी थी। पथराव और आगजनी के साथ 20 राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई। इस मामले में पुलिस ने अब्दुल हमीद, रिंकू उर्फ सरफराज, फहीम, राजा उर्फ साहिर खान, ननकऊ, मारुफ अली और 4 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सरकार ने 6 जिलों से पीएसी को बहराइच भेजा है। पूरा इलाका छावनी बना हुआ है।

शव घर पहुंचा तो हजारों की भीड़ जमा हो गई
वहीं, पोस्टमॉर्टम के बाद आज सोमवार सुबह राम गोपाल का शव घर पहुंचा तो वहां 5-6 हजार लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने शव को लेकर करीब 5 किमी तक यात्रा निकाली। पुलिस ने समझाया तो परिवार शव घर ले गया, लेकिन लोग वहां से नहीं हटे। इसके बाद भीड़ ने आगजनी शुरू कर दी। बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा- दोनों पक्षों के लोग आएं और बैठकर बात करें, तभी समाधान निकलेगा। काफी समझाने पर सोमवार देर शाम राम गोपाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में फोर्स मौजूद रही। बड़ी संख्या में भीड़ लाठी-डंडे लेकर अंतिम संस्कार में शामिल हुई। इस दौरान रास्ता भी जाम करने की कोशिश की गई।

पुलिस व प्रशासन के अफसरों पर एक्शन सम्भव
बहराइच हिंसा में रामगोपाल मिश्रा की हत्या के बाद उत्पन्न जनाक्रोश को जिला प्रशासन और पुलिस भांप नहीं सकी। पुलिस और प्रशासन के साथ खुफिया महकमे (एलआईयू) से हुई चूक के कारण ही मामला इतना बढ़ गया। शासन स्तर पर बहराइच में हुई हिंसा की प्रारम्भिक समीक्षा में यही सामने आया है। इसके बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन और पुलिस के आला अफसरों को मौके के लिए रवाना किया। सूत्रों के मुताबिक मामला शांत होने के बाद बहराइच में पुलिस व प्रशासन के कुछ अन्य अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
ऐसा बवाल पहली बार हुआ
स्थानीय लोगों का कहना है कि हमारे इलाके में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था। ऐसा बवाल पहली बार ही हुआ है। इसकी एक वजह यह है कि वो पूरे प्लान के साथ तैयार थे। जब रामगोपाल अकेला घर की छत पर चढ़ा तो उसे वो लोग खींचकर ले गए। पेचकस से उसके शरीर को गोद दिया, फिर गोली मार दी। उसके नाखून उखाड़ लिए। इसी के चलते पूरे इलाके में प्रदर्शन हो रहा है। हम चाहते हैं कि इलाके में शांति हो। आरोपियों को कड़ी सजा मिले।
ग्रामीण बोले-आरोपियों को फांसी हो
क्षेत्रीय निवासियों ने कहा- आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस संवेदनशील एरिया में अगर पुलिस तैनात होती तो ऐसी घटना नहीं होती। हम किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं। हम चाहते हैं आरोपी को फांसी हो।

घायल दूसरा युवक लखनऊ रेफर, हालत गम्भीर
हिंसा में घायल दूसरे युवक सत्यवान मिश्रा की हालत भी गम्भीर बनी हुई है। उसे बहराइच से लखनऊ रेफर कर दिया गया था। सत्यवान हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा को बचाने के लिए पहुंचा था। इस पर आरोपियों ने उससे भी बुरी तरह मारपीट की थी।
घायल युवक को ले जाते वक्त भी हुआ पथराव
हिंसा का एक वीडियो शनिवार को सामने आया था। यह उसी जगह का है, जहां से पथराव और आगजनी की शुरुआत हुई थी। इसमें दिख रहा है कि हिंसा में मारे गए युवक राम गोपाल मिश्रा को कुछ लोग पकड़कर छत से नीचे ले जा रहे हैं। इस दौरान भी कुछ लोग पथराव करते हुए नजर आ रहे हैं।
ये भी हुए घायल
मृतक और एक अन्य गम्भीर घायल के अलावा सुधाकर तिवारी (45), सत्यवान (40), अखिलेश वाजपेयी (55) विनोद मिश्रा (60), लाल विश्वकर्मा (55) सहित 12 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। अधिकांश लोग निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं।

20 किमी में जगह-जगह भीड़, आगजनी
बहराइच में करीब 15 से 20 किमी का इलाका हिंसा से प्रभावित है। जगह-जगह भीड़ है आगजनी कर रही है। पुलिस जहां ज्यादा है, लाठीचार्ज करके खदेड़ रही है। बाकी जगह पुलिस मूकदर्शक बनी रही। कबडिया टोला में उग्र भीड़ ने कई घरों में आग लगा दी। जब तक पुलिस पहुंची, तब तक भीड़ जा चुकी थी। भीड़ ने 2 ट्रेक्टर और कई बाइक को जला दिया।
सीएम योगी कर रहे मामले की निगरानी
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि बहराइच में पर्याप्त संख्या में फोर्स तैनात है। गृह सचिव को भी मौके के लिए रवाना किया गया था। मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम योगी खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, वह यूपी के पुलिस प्रमुख (DGP) से पूरे मामले पर अपडेट ले रहे हैं। यही नहीं, लखनऊ के अफसरों को निर्देश दिया गया है कि वह तुरंत बहराइच पहुंचे।
भीड़ और पुलिस में झड़प जैसे हालात
पुलिस ने बेकाबू भीड़ को कंट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन युवक रामगोपाल मिश्रा की मौत के बाद भीड़ इतनी आक्रोशित हो गई थी कि कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी। कभी भीड़ पुलिस को दौड़ाती तो कभी पुलिस भीड़ को।
हाथ में पिस्टल लेकर एडीजी अमिताभ यश उतरे
बहराइच में हिंसा बेकाबू होती जा रही है। आगजनी कर रही भीड़ जब नहीं मान रही थी तो डीजीआईजी अमिताभ यश खुद हाथ में पिस्टल लेकर दौड़ पड़े।

30 उपद्रवी हिरासत में लिए गए
बहराइच में रविवार रात से भड़की हिंसा के बाद अब सोमवार दोपहर तक पुलिस को तीन बार लाठीचार्ज करना पड़ा। सूत्रों ने बताया कि अब तक 30 उपद्रवी हिरासत में लिए गए हैं।
मृतक के भाई ने कहा-पुलिस पर कार्रवाई हो

मृतक गोपाल के भाई वैभव मिश्रा ने घटना के बारे में बताया कि-हम लोग मूर्ति लेकर जा रहे थे। इसी दौरान अब्दुल हमीद के घर से अचानक पथराव शुरू हो गया। वहां पुलिस थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की। हमारे बड़े भाई ने आगे बढ़कर उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन लोगों को धक्का देकर अंदर कर दिया। इस दौरान 15 से 20 गोलियां चलीं। पुलिस ने हम लोगों पर ही लाठीचार्ज कर दिया। हम चाहते हैं, थाना पुलिस पर कार्रवाई हो।
देवरिया विधायक बोले – ऐसी कार्रवाई होगी कि पीढ़ियां याद करेंगी
देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मामले को लेकर X पर पोस्ट किया। इसमें लिखा है, ये तब हुआ जब विसर्जन के दौरान इसी घर से अकारण मां दुर्गा प्रतिमा पर पथराव हुआ, मां भक्तों पर गोलियां दागी गईं। इसी घर से खींचकर रामगोपाल मिश्रा को बेरहमी से कई गोलियां मारीं गईं। एकतरफा वीडियो फैलाकर हत्यारों को कोई नहीं बचा पाएगा, ऐसी कार्रवाई होगी कि पीढ़ियां याद करेंगी।
10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें 6 नामजद और 4 अज्ञात हैं। नामजद आरोपियों में अब्दुल हमीद, रिंकू उर्फ सरफराज, फहीम, राजा उर्फ साहिर खान, ननकऊ, मारुफ अली शामिल हैं।

एसपी बोलीं- लाठीचार्ज के बाद भड़के लोग
एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया-विसर्जन यात्रा के दौरान पथराव की घटना का पूजा समिति के लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद वहां भगदड़ मच गई, इससे तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों से 25 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है।
दो अन्य जिलों में भी हिंसा
उत्तर प्रदेश के बहराइच के अलावा महाराजगंज व कौशाम्बी में भी धार्मिक शोभायात्राओं के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने भारी हिंसा की।
