समान पात्रता परीक्षा सेकंडरी लेवल के अभ्यार्थियों को राज्य सरकार ने दी बहुत बड़ी राहत
एनसीआई@जयपुर
राज्य के 18 लाख से ज्यादा युवाओं को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। वह ऐसे कि आज शनिवार को लिए गए अहम फैसले के तहत समान पात्रता परीक्षा (CET) सेकंडरी लेवल के अभ्यर्थी अपना एडमिट कार्ड और आधार कार्ड दिखाकर परीक्षा शुरू होने से 2 दिन पहले और परीक्षा खत्म होने के 2 दिन बाद तक राज्य के किसी भी शहर, गांव या कस्बे से सरकारी बसों में फ्री में सफर कर सकेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी है। राज्य सरकार के इस फैसले से स्वभाविक है कि बसों में पूर्व की तरह भारी भीड़ नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री शर्मा ने इस पोस्ट में कहा है कि छात्रों के हितों और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने समान पात्रता परीक्षा सीनियर सेकंडरी लेवल सेट में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को परिवहन निगम की बसों में राज्य की सीमा के अंदर विशेष यात्रा सुविधा देने का फैसला किया है।यह सुविधा परीक्षा दिवस से 2 दिन पहले और परीक्षा खत्म होने के 2 दिन बाद तक उपलब्ध रहेगी। जिसके अंतर्गत परीक्षार्थी अपने निवास स्थान, कोचिंग संस्थान या फिर प्रदेश के किसी भी हिस्से से परिवहन निगम की बसों में अपने परीक्षा केन्द्र तक फ्री में सफर कर सकेगा।
सुविधा तो पहले भी थी, मगर….
वैसे तो राजस्थान में अभ्यार्थियों को इससे पहले भी भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने के दौरान सरकारी बसों में फ्री में सफर करने की सुविधा दी जाती थी, लेकिन अब तक यह सुविधा प्रतियोगी परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक यानी तीन दिन के लिए ही होती थी। इसके साथ ही अभ्यर्थी अपने गृह जिले से ही परीक्षा केन्द्र तक फ्री में सफर कर सकते थे। ऐसे में भजनलाल सरकार ने इस बाध्यता को हटाते हुए न सिर्फ अभ्यर्थी को भर्ती परीक्षा शुरू होने से 2 दिन पहले और 2 दिन बाद यानी कुल 5 दिन फ्री में सफर करने की सुविधा दी है, बल्कि, गृह जिले की बाध्यता को हटाते हुए राजस्थान सीमा में कहीं से भी इन्हें फ्री में सफर करने की छूट दी है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में वनपाल, छात्रावास अधीक्षक, कॉन्स्टेबल जैसी 12 भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने के लिए कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा समान पात्रता परीक्षा (CET) सेकंडरी लेवल का आयोजन 23 से 26 अक्टूबर तक, अर्थात तीन दिन 6 पारियों में किया जाएगा। इसके लिए प्रदेशभर के 18 लाख 65 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
अब सामान्य वर्ग के लिए 40% नम्बर लाना अनिवार्य
इस बार सीईटी ( CET) में अभ्यर्थियों को न्यूनतम 40% अंक लाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे कम अंक आने पर उन्हें अपात्र घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंकों में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
साल में एक बार होती है समान पात्रता परीक्षा
सीईटी सेकंडरी लेवल और सीईटी ग्रेजुएशन लेवल के लिए साल में एक बार परीक्षा होती है। समान योग्यता वाली भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों को एक ही परीक्षा देनी पड़ती है। इससे अभ्यर्थियों को अलग-अलग फॉर्म भरने और अलग-अलग तैयारी नहीं करनी पड़ती है।
