दी कोटा को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लि. की बोर्ड बैठक में सहकारिता विकास पर हुई चर्चा, किसानों को ऑर्गेनिक फॉर्मिंग के लिए प्रोत्साहित करेंगे, फल-सब्जी मंडी में खुलेगा नया सरस पार्लर
एनसीआई@कोटा
दी कोटा को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लि.कोटा की बोर्ड बैठक संस्था अध्यक्ष निहाल सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में वर्षभर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। राठौड़ ने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से सहकारिता विभाग और सहकारी संस्थाओं की सकारात्मक छवि जनमानस में स्थापित की जानी चाहिए।
बैठक में चैन सिंह राठौड़ अध्यक्ष, कोटा-बूंदी जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. कोटा, उपाध्यक्ष चेतन कुमार मालव, राजेश कुमार मीणा, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां कोटा, संचालक भंवर सिंह, राकेश कुमार नागर, श्रीकृष्ण मालव, संदीप नंदवाना, रूप कंवर, प्रेमशंकर मेघवाल, मनीष कुमार आदि सदस्य मौजूद रहे।
संस्था के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
संस्था अध्यक्ष निहाल सिंह राठौड़ ने घोषणा की कि फल-सब्जी मंडी स्थित 2-बी दुकान पर सरस पार्लर का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे आमजन को सरस डेयरी के उत्पाद डिस्ट्रिब्यूटर दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, गैस एजेंसी के समीप स्थित खाली भूखंड पर नियमानुसार दुकानों का निर्माण शीघ्र कराया जाएगा।
राठौड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत सोसायटी में हर माह सहकारिता से सम्बंधित भव्य आयोजन होंगे। पैक्स विहिन ग्राम पंचायतों में पैक्स का गठन, निष्क्रिय समितियों को पुनः क्रियाशील बनाना, विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें बाजार उपलब्ध करवाना, जुलाई माह में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस का आयोजन, कृषकों को ऑर्गेनिक फॉर्मिंग करने के लिए प्रोत्साहित करना व ग्रामीण स्तर सहकारिता प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
किसानों के हित में कार्य करने का आह्वान
संस्था के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने सभी कर्मचारियों और पदाधिकारियों को बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह संस्था किसानों के हित में सदैव कार्यरत रहेगी। साथ ही समय-समय पर किसानों के हित में बोर्ड बैठक आयोजित कर अधिक से अधिक लाभकारी योजनाएं लागू करने की बात भी कही।
बैठक में डिजिटल को-ऑपरेटिव पर भी चर्चा हुई। इसमें महाप्रबंधक मृगांक सिंह ने बताया कि सहकारिता का मुख्य उद्देश्य कमजोर वर्ग, किसानों, शिल्पकारों, महिलाओं और युवाओं को सहकारिता के माध्यम से रोजगार से जोड़कर विकास सुनिश्चित करना है।
