बद्रीनाथ के पास माणा गांव में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही, बर्फ में फंसे 57 मजदूर, रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 33 बचाए गए
उत्तराखंड के चमोली में एवलांच आने के कारण 57 मजदूर बर्फ में फंस गए। हालांकि, इनमें से 33 को रेस्क्यू कर लिया गया है, लेकिन बाकी मजदूर अब भी फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि यहां बड़ी तादाद में मजदूर काम कर रहे थे, तभी अचानक ग्लेशियर टूटने से कई मजदूर दब गए।
एनसीआई@देहरादून
उत्तराखंड के चमोली में एक बड़ी दुर्घटना हो गई है। यहां बद्रीनाथ के पास स्थित माणा गांव में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही मच गई है। जिसकी चपेट में आने से 57 मजदूर बर्फ में फंस गए। रेस्क्यू ऑपरेशन में इनमें से 33 को बचा कर निकाल लिया गया है, बाकी की तलाश जारी है। हादसे के बाद मौके पर प्रशासन और बीआरओ (बॉर्डर रेस्क्यू ऑपरेशन) की टीम रवाना हो गई थी। फिलहाल आईटीबीपी और गढ़वाल स्काउट की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है।
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त घटनास्थल पर बड़ी तादाद में प्राइवेट ठेकेदार के मजदूर काम कर रहे थे। सभी बीआरओ के कॉन्ट्रेक्ट में काम कर रहे ठेकेदार के मजदूर थे। एवलांच आने पर सभी इधर-उधर भागने लगे। इनमें से कुछ बचने में कामयाब हो गए। वहीं, 57 मजदूर बर्फ की चपेट में आ गए।
जिलाधिकारी ने यह दी जानकारी
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने आईआरएस से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए रेस्क्यू कार्य करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि माणा गांव और माणा पास के मध्य सीमा सड़क संगठन के नजदीक हिमस्खलन की सूचना मिली है। यहां सेना की आवाजाही के लिए सड़क से बर्फ हटाने वाले 57 मजदूरों के घटना स्थल के नजदीक होने की जानकारी मिली है। अभी तक घटना में किसी प्रकार की मानवीय क्षति की जानकारी नहीं मिली है। सेना के साथ ही आईटीबीपी, एनडीआरफ, एसडीआरफ की रेस्क्यू टीम को मौके के लिए रवाना कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने दुख जताया
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर इस हादसे पर दुख जताया है। सीएम ने खुद कहा है कि फंसे हुए मजदूरों में से 33 को बचा लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘जनपद चमोली में माणा गांव के निकट बीआरओ द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। आईटीबीपी, बीआरओ और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है। भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।’
आर्मी अस्पताल में चल रहा इलाज
बीआरओ टीम के सीआर मीना ने बताया,’सुबह हमें 11 बजे के करीब इनपुट मिला कि एवलांच आया है। रोड साइड में हमारे किसी कॉन्ट्रेक्टर के बंदे वहां पर थे, जिनमें से 57 दब गए। 11.30 बजे तक मिले इनपुट के मुताबिक करीब 15 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया, जिनमें से 3 घायल हैं। उनका आर्मी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हमने एम्बुलेंस भी भेज दी है, लेकिन भारी बर्फबारी की वजह से माणा पास और बद्रीनाथ के बीच जगह-जगह रोड ब्लॉक है। टीम उसे क्लियर करते हुए जा रही है। हमारी आखिरी बातचीत आर्मी के जरिए 11.30 बजे हुई थी, इसके बाद कम्युनिकेशन नहीं हो पा रहा है।’
हिमाचल प्रदेश में भी भारी तबाही
उल्लेखनीय है कि दो दिन से पहाड़ों में मौसम काफी खराब है। उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के भी कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। कहीं, नदियां उफान पर हैं तो कहीं नालों में गाड़ियां बह रही हैं।

भीषण बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तबाही मच गई है। प्रदेश के कुल्लू जिले से तो तबाही की हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. यहां बारिश ने ऐसा कहर ढाया है कि नदी-नाले उफान पर आ गए हैं।
आज (28 फरवरी) ही हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिले से भी तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं। मंडी जिले के ओट इलाके में लेंडस्लाइड के बाद चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद हो गया है तो वहीं कुल्लू में नालों में बारिश के पानी के कारण आए ओवरफ्लो में गाड़ियां बह जाने का मामला सामने आया है। हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
