April 22, 2026

News Chakra India

Never Compromise

कोटा: पंचायती राज मंत्री दिलावर ने किया तीन ग्राम पंचायतों का दौरा, हर जगह गंदगी के ढेर मिले, जताई गहरी नाराजगी (वीडियो)

कोटा: पंचायती राज मंत्री दिलावर ने किया तीन ग्राम पंचायतों का दौरा, हर जगह गंदगी के ढेर मिले, जताई गहरी नाराजगी (वीडियो)

एनसीआई@कोटा

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर चार दिन से कोटा प्रवास पर हैं। अपने प्रवास के चौथे दिन रविवार को दिलावर ने जिले की तीन ग्राम पंचायतों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें भारी खामियां नजर आईं। इस पर उन्होंने खासी नाराजगी जताई। सरपंचों व ग्राम पंचायत अधिकारियों की जांच करवाने की बात कही।

ग्रामीण स्वच्छता को लेकर अति संवेदनशील पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने तीनों ही ग्राम पंचायतों में गंदगी के ढेर देखकर गहरी नाराजगी जताई। इस पर उन्होंने कहा कि तीनों ही ग्राम पंचायतों के सरपंचों व ग्राम विकास अधिकारियों की जांच कराई जाएगी। यदि सफाई का ठेका हो गया है तो ठेका जिस फर्म को हुआ है, उसने अभी तक काम शुरू नहीं किया है तो उसे ब्लेक लिस्ट किया जाएगा। यदि सफाई का ठेका नहीं हुआ है तो सरपंच और ग्राम विकास अधिकारियों से स्टेट फाइनेंस कमिशन तथा फिफ्थ फाइनेंस कमिशन के पैसों की वसूली की जाएगी।स्वीकृति जारी करने वाले सहायक अभियंता से भी पैसे वसूले जाएंगे।

सबसे पहले इस पंचायत में पहुंच काफिला

पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का काफिला पहले ग्राम पंचायत मुंडला के नयागांव अहिरान पहुंचा। मंत्री ने गांव की एक-एक गली का निरीक्षण किया। जाम नालियों और कचरे के ढेर देख मंत्री नाराज हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि रोज सफाई नहीं होती है। झाड़ू लगाने के लिए पंचायत की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं है। मुंडला ग्राम पंचायत की सरपंच पूजा नागर एवं ग्राम विकास अधिकारी लवीश शर्मा हैं। मंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि एक लाख रुपए प्रति माह केवल सफाई के लिए सरकार प्रत्येक पंचायत को दे रही है, फिर भी सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी सफाई नहीं करवा रहे त६ पैसा जा कहां रहा है। मंत्री ने साथ चल रहे जिला परिषद कोटा के सहायक अभियंता मयंक शर्मा को एक-एक चीज नोट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

व्यापारी खुद के पैसे से करवाते हैं सफाई

इसके बाद दिलावर ग्राम पंचायत दीगोद पहुंचे। मुख्य चौराहे पर व्यापारियों ने बताया कि सभी दुकानदार खुद पैसे देकर सफाई करवाते हैं। पंचायत की तरफ से रोज सफाई की व्यवस्था नहीं है। गांव मे कचरा उठाने भी कोई नहीं आता है। इस ग्राम पंचायत के सरपंच कपिल मीणा और ग्राम विकास अधिकारी वेद प्रकाश राठौर हैं। पूरे दीगोद का निरीक्षण करने के बाद मंत्री दिलावर निमोदा हरीजी पहुंचे। इस पंचायत के सरपंच नंद लाल मीणा और ग्राम विकास अधिकारी अरुण शर्मा हैं। पूरे गांव का दौरा करने के बाद मंत्री पंचायत कार्यालय पहुंचे। इसकी क्ष दुर्दशा देख कर भी वह भड़क गए।

पंचायत कार्यालय में गंदगी के ढेर, शौचालय मार रहा था सड़ांध

पंचायत कार्यालय भवन में गंदगी और मलबे के ढेर लगे मिले। शौचालय सडांध मार रहे थे। ऐसा लगा जैसे कार्यालय परिसर में सालों से झाड़ू भी नहीं लगा। सब तरफ झाड़- झंकाड़ और मलबा पड़ा था। देख कर लग रहा था मानो यह कोई खंडहर हो। पंचायती राज मंत्री ने सहायक अभियंता से इसकी फोटो लेने और रिपोर्ट बनाने के लिए बोला।

पंचायत की सम्पत्ति सरपंच ने बेच दी

निमोदा हरिजी ग्राम पंचायत के निवासियों ने मंत्री मदन दिलावर को बताया कि सरपंच नंद लाल मीणा ने पंचायत की सम्पत्ति बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के बेच दी। आपत्ति करने पर सरपंच ने धमकाया कि, जिसे भी शिकायत करनी है कर दो, कुछ नहीं होगा। मंत्री मदन दिलावर ने मौके पर मौजूद पंचायत के नरेगा सहायक ओम प्रकाश को इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजने को कहा।

हर पंचायत को मिलते हैं 12 लाख रुपए वार्षिक

उल्लेखनीय है कि हर पंचायत को सफाई व्यवस्था के लिए हर साल 12 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। इन रुपयों का उपयोग कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई के लिए किया जाना चाहिए, जबकि पंचायत ने इन पैसों को अन्य मदों पर खर्च करना बताया। गांव की सफाई के साथ-साथ पंचायत भवनों तक की सफाई नहीं हो रही है। पंचायत भवन गांव का आइना होता है। इससे पूरे गांव की हालत समझी जा सकती है। दीगोद पंचायत में बीडीओ को फोन कर मंत्री ने पिंक टॉयलेट नहीं बनाए जाने पर गहरी नाराजगी जताई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.