बड़ी पदोन्नति: सीएम के संयुक्त सचिव व दीया कुमारी के एसए सहित 16 आरएसएस बने आईएएस
एनसीआई@जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संयुक्त सचिव और उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के एसए सहित राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के 16 अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नत किया गया है।

इस प्रकार राज्य को 16 आईएएस और मिल गए हैं। केंबद्रीय कार्मिक प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने 16 आरएएस को आईएएस में प्रमोट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अब डीओपीटी इन अफसरों को कैडर अलॉट करेगा। केन्द्र से अधिसूचना जारी होने के बाद कार्मिक विभाग इन अफसरों के नाम आरएएस से हटाकर आईएएस की सिविल लिस्ट में अपडेट करेगा।

पिछले दिनों दिल्ली में हुई बैठक में इन 16 अफसरों के नामों पर मुहर लगी थी। इन सभी 16 अफसरों को 2024 की वैकेंसी में आईएएस के पद पर पदोन्नत किया गया है।
ये 16 अफसर बने आरएएस से आईएएस
नवनीत कुमार, सुखवीर सैनी, हरफूल सिंह यादव, राजेश वर्मा, सुरेश चंद्र, महेंद्र कुमार खींची, अजीत सिंह राजावत, अवधेश सिंह, राकेश शर्मा, जगवीर सिंह, ब्रजेश कुमार चंदौलिया, डॉ. हरसहाय मीणा, जुगल किशोर मीणा, राकेश राजोरिया, ललित कुमार और डॉ. शिव प्रसाद सिंह।

फिलहाल मौजूदा पदों पर काम करेंगे आईएएस अफसर
आरएएस से आईएएस बने अफसर फिलहाल मौजूदा पदों पर ही काम करेंगे। फिलहाल इन्हें कैडर का साल अलॉट होगा, इसके बाद राज्य का कार्मिक विभाग आदेश जारी करेगा। इसके बाद इन्हें नई पोस्टिंग देनी होगी, ऐसे में आईएएस अफसरों की जल्द एक और तबादला सूची आएगी।

राजस्थान में नियमानुसार होने चाहिए 373 आईएएस, अभी कैडर 332 का
उल्लेखनीय है कि राजस्थान आईएएस अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां कैडर रिव्यू के दौरान पद बढ़ने की बजाय कम किए गए थे। पिछले 40 सालों में हुए कैडर रिव्यू पर नजर डालें तो ये बेहद कम नजर आता है। आईएएस कैडर रूल्स के अनुसार, हर पांच साल में राज्यों में कैडर रिव्यू होना चाहिए।

वहीं, प्रदेश का कैडर औसतन 5 प्रतिशत के हिसाब से भी नहीं बढ़ा है। साल 1991 से 2010 तक (20 साल में) कैडर बढ़ाने की बजाय कम हुआ। अगर कैडर रिव्यू का हर पांच साल में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का फॉर्मूला पूरी तरह से लागू किया जाता तो आज राजस्थान में आईएएस अफसरों का कैडर 373 हो जाता, लेकिन अभी यह कैडर 332 अफसरों का है। ऐसे में 16 आरएएस के आईएएस बनने के बाद राजस्थान को प्रशासनिक स्तर पर राहत मिलने की सम्भावना है।
