April 22, 2026

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राजस्थान : युवक की हत्या कर ड्रम में शव छुपाने वाली पत्नी, बॉयफ्रेंड सहित गिरफ्तार, वारदात के बाद हो गए थे फरार

राजस्थान : युवक की हत्या कर ड्रम में शव छुपाने वाली पत्नी, बॉयफ्रेंड सहित गिरफ्तार, वारदात के बाद हो गए थे फरार

एनसीआई@खैरथल (राजस्थान)

खैरथल-तिजारा की आदर्श नगर कॉलोनी में किरायेदार युवक की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छुपाने की वारदात का खुलासा हो गया। पुलिस ने इस मामले में युवक की पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि लक्ष्मी देवी उर्फ सुनीता और उसके बॉयफ्रेंड जितेन्द्र शर्मा (35) को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें राजस्थान और यूपी में अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रहीं थीं। आरोपियों से पूछताछ के बाद घटनाक्रम का पूरा खुलासा किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि रविवार, 17 अगस्त को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के नवादिया नवाजपुर निवासी हंसराम उर्फ सूरज की लाश मिली थी। मकान से बदबू आने पर मकान मालिक राजेश शर्मा की पत्नी मिथलेश ने पुलिस को कॉल किया था। पुलिस पहुंची तो छत पर बने कमरे में नीले ड्रम में शव पड़ा मिला था। जिस पर नमक डाल रखा था। युवक का धारदार हथियार से गला काटा गया था।

इस मकान में हंसराम परिवार के साथ किराये से रहता था। वह डेढ़ महीने पहले ही इस मकान में पत्नी और तीन बच्चों के साथ शिफ्ट हुआ था। वह किशनगढ़बास में ईंट-भट्टे पर काम करता था।

मकान मालकिन के बेटे जितेन्द्र ने ही खुद के घर में हंसराम को किराये पर कमरा दिया था। हंसराम और जितेन्द्र अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। शनिवार से ही हंसराम की पत्नी सुनीता और उसके तीनों बच्चे गायब थे। जितेन्द्र भी उसी दिन से गायब था। उसकी पत्नी की 12 साल पहले मौत हो गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार डेढ़ महीने पहले मकान मालिक का बेटा जितेन्द्र ही इस परिवार को अपने यहां किराये पर रहने के लिए लेकर आया था।

जितेन्द्र ने अपने पिता राजेश शर्मा को हंसराम और उसकी पत्नी का नाम गलत बताया था। उसने हंसराम का नाम सूरज बताया, जबकि उसकी पत्नी लक्ष्मी का नाम सुनीता बताया था। घर वालों को आज भी इनके नाम सूरज और सुनीता ही पता है।मामले की जांच के दौरान पुलिस को हंसराम का आधार कार्ड मिला, जिससे हकीकत सामने आई।

मकान मालकिन ने बताया- किराये पर रहती थी, 7 दिन पहले मुझसे ही ड्रम लेकर गई थी

सात-आठ दिन पहले हंसराम (मृतक) की पत्नी मेरे पास आई और नीला ड्रम मांगा। मैंने पूछा क्यों चाहिए। उसने कहा- तीन दिन में पानी आता है, इसलिए स्टोर करने के लिए चाहिए। मेरे घर में बहुत सारे ड्रम थे। मैंने दे दिया। भला मुझे क्या पता था कि मेरे घर में किसी के मर्डर की साजिश रची जा रही है। इतना कहते हुए 60 वर्षीय मकान मालकिन मिथिलेश शर्मा की आंखें भर आती हैं।

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डीएसपी राजेन्द्र सिंह निर्वाण ने बताया कि रविवार, 17 अगस्त को मकान की छत से बदबू आने पर मकान मालिक राजेश शर्मा की पत्नी मिथलेश ने पुलिस को कॉल किया था। मौके पर पहुंचे तो छत पर बने कमरे में नीला ड्रम रखा हुआ था। इसमें शव पड़ा मिला। शव पर नमक डाल रखा था। हंसराम का धारदार हथियार से गला काटा गया था।

आरोपी जितेन्द्र की मां मिथिलेश ने किए बड़े खुलासे

मिथिलेश ने कहा-हमारा पहले खैरथल-तिजारा जिले से 27 किलोमीटर दूर कोटकासिम कस्बे के पुर गांव में ईंट भट्‌टा था। उसे पति चलाते थे। वह कई साल पहले बंद हो गया था। उस भट्टे पर पानी रखने के लिए ऐसे बहुत सारे ड्रम थे। भट्टा बंद होने के बाद 10-15 नीले ड्रम हमने अपने घर पर रख लिए थे। सुनीता ने पानी स्टोरेज करने के बहाने से ड्रम मांगा तो मैंने दे दिया। मुझे नहीं पता था उसका क्या इरादा है।

मिथिलेश ने बताया कि उनका बेटा जितेन्द्र और हंसराम खैरथल-तिजारा से करीब 35 किलोमीटर दूर भिंडूसी गांव में एक ईंट भट्टे पर काम करते थे। जितेन्द्र वहां मुनीम था। हंसराम और उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी (सुनीता) वहीं पर मजदूरी करते थे। जितेन्द्र और हंसराम दोस्त की तरह रहते थे। दोनों अक्सर साथ खाते-पीते थे। कभी-कभी शराब भी पीते थे।

जून में बारिश होने की वजह से ईंट भट्टे का काम रुक गया था। इसलिए हंसराम और उसके परिवार को जितेन्द्र किराए पर रहने के लिए घर ले आया। वो घर की छत पर एक कमरे में रहते थे और 1500 रुपए किराया देते थे।

मिथिलेश ने बताया कि अक्सर हंसराम की पत्नी उनके पास आकर कहती थी कि उसका पति शराब का आदी है, उसने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। तब उन्होंने उससे मकान खाली करने को बोला था। वो मकान खाली भी करने वाले थे। उससे पहले ही ये सब हो गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जितेन्द्र और हंसराम की पत्नी लक्ष्मी के बीच ईंट भट्टे पर रहते हुए ही प्रेम-प्रसंग चल रहा था। जितेन्द्र ने हंसराम को शराब पिलाकर अपना दोस्त बना लिया। अक्सर दोनों शाम को शराब पीते थे। इसी बहाने जितेन्द्र बेरोक टोक सुनीता से मिलता रहता था। भट्टे पर काम रुक गया तो हंसराम अपने परिवार के साथ यूपी लौटने की तैयारी करने लगा। ऐसे में जितेन्द्र ने लक्ष्मी के साथ नजदीकियां रखने के लिए अपने घर पर किराये पर कमरा देने के लिए मना लिया। उसने हंसराम को वादा किया था कि कुछ दिनों में उसे कहीं और काम दिलवा देगा, लेकिन मन ही मन जितेन्द्र उसे ठिकाने लगाने के बारे में सोच रहा था।

जितेन्द्र की पत्नी की हो चुकी मौत

डीएसपी राजेन्द्र सिंह निर्वाण ने बताया- घर में राजेश का 14 साल का पोता अर्थात जितेन्द्र का बेटा और राजेश की पत्नी मिथिलेश मिली थीं। मिथिलेश ने बताया- जितेन्द्र की पत्नी की 12 साल पहले मौत हो गई थी। मिथिलेश के पति राजेश शर्मा प्रॉपर्टी कारोबारी है। वे 2-3 दिन में घर आते हैं।

16 अगस्त को जन्माष्टमी के चलते वह बाजार गईं थीं। इसके बाद लौटीं तो उन्हें घर में सुनीता और उसके बच्चे दिखाई नहीं दिए। शाम तक जितेन्द्र भी घर नहीं लौटा। अगले दिन रविवार सुबह जब बदबू आई तो उन्होंने 100 नम्बर पर कॉल किया। इसके बाद पुलिस की टीमें जांच में जुटीं। इन्हें सफलता मिल गई है।

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