जयपुर और कोटा में इनकम टेक्स डिपार्टमेंट की बड़ी कार्रवाई, रियल एस्टेट और पान मसाला ग्रुप के 18 ठिकानों पर रेड
छापेमारी के बाद, आयकर विभाग जब्त किए गए दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर विस्तृत जांच करेगा। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो इन कम्पनियों और इनके मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
एनसीआई@जयपुर/कोटा
राजस्थान में आयकर विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रदेश के रियल एस्टेट ट और पान मसाला ग्रुप से जुड़े 18 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। यह छापेमारी जयपुर और कोटा में की गई। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर कैश लेनदेन और टेक्स चोरी से जुड़े मामलों को लेकर की गई है
इन ग्रुप्स पर हुई कार्रवाई
आयकर विभाग की टीमों ने जयपुर और कोटा में अलग-अलग ग्रुप्स के ठिकानों पर छापा मारा। यह कार्रवाई मुख्य रूप से तीन बड़े ग्रुप्स पर केन्द्रित है।
हाई फ्लाई रियल एस्टेट ग्रुप, जयपुर
इस रियल एस्टेट ग्रुप के 8 ठिकानों पर छापेमारी की गई है। यह ग्रुप प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में बड़े पैमाने पर कैश लेनदेन को लेकर संदेह के घेरे में है।
सिद्धेश्वर गम्स (सिग्नेचर पान मसाला), कोटा
इस कम्पनी के 3 ठिकानों पर छापे मारे गए। आयकर विभाग इस कम्पनी के वित्तीय लेन-देन और टेक्स रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
गोकुल कृपा ग्रुप (बीआरबी डेवलपर्स), जयपुर
इस ग्रुप के 6 ठिकानों पर भी टीम ने छापा मारा है। यह ग्रुप भी रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़ा है और इसके लेनदेन भी जांच के दायरे में हैं।
इसलिए हो रही है यह छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग को इन ग्रुप्स के खिलाफ बड़े पैमाने पर टेक्स चोरी और अघोषित आय की शिकायतें मिलीं थीं। खासतौर पर रियल एस्टेट सेक्टर में प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में काले धन का इस्तेमाल होने की खबरें थीं। माना जा रहा है कि इन छापों से भारी मात्रा में कैश, अघोषित सम्पत्ति और फर्जी दस्तावेजों का खुलासा हो सकता है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने फिलहाल इस कार्रवाई के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। टीमें सभी ठिकानों पर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगालने में लगी रहीं।
