राजस्थान: रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को अब मिलेगी 150 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली, घरेलू बिजली उपभोक्ता अब खुद बनेंगे ऊर्जादाता
• मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को दी सौगात
• नगरीय निकायों में बेहतर सीवरेज सिस्टम के लिए नीति में संशोधन
• शहरी क्षेत्रों में लगेंगी 2 लाख स्ट्रीट लाइटें, राजसेस महाविद्यालयों में होंगी 4, 724 भर्तियां
एनसीआई@जयपुर/बूंदी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के लाभार्थियों को सौर ऊर्जा से जोड़कर 150 यूनिट निःशुल्क बिजली देने, प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में सुव्यवस्थित सीवरेज सिस्टम बनाने के लिए सीवरेज एवं अपशिष्ट जल नीति-2016 में संशोधन, राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म सम्परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 लाने, राजसेस महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए शीघ्र भर्तियां करने सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल व खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती एवं सुलभ सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जादाता बनाने की दिशा में एक अनूठी पहल की है। प्रदेश में जल्द ही पीएम सूर्यघर 150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना लागू की जाएगी। घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाने की दिशा में देश के किसी भी राज्य में अपनी तरह की यह महत्वाकांक्षी योजना है।
गोदारा ने बताया कि इस निर्णय का लाभ 1 करोड़ 4 लाख घरेलू श्रेणी के रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को होगा। वे सौर ऊर्जा से जुड़कर प्रतिमाह 100 यूनिट के स्थान पर अब 150 यूनिट तक निःशुल्क बिजली का लाभ उठा पाएंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के रजिस्टर्ड लाभार्थियों को और अधिक लाभ देने की मंशा के साथ पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को लीवरेज करते हुए रूफ टॉप सोलर पैनल लगाकर 150 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण घोषणा की थी। साथ ही, ऐसे परिवारों, जिनके घर में सोलर प्लांट लगाने के लिए पर्याप्त छत नहीं है, उनके लिए सामुदायिक सोलर संयंत्र लगाने की घोषणा भी बजट में की गई थी।
इस तरह से मिलेगी यह सुविधा
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना में पंजीकृत 27 लाख लाभार्थी परिवारों, जिनका औसत मासिक उपभोग 150 यूनिट से अधिक है, उनके घर की छत पर इस योजना में 1.1 किलोवाट क्षमता के निःशुल्क सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके लिए ऐसे प्रत्येक उपभोक्ता को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत भारत सरकार से प्रति संयंत्र 33,000 रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी। वहीं राज्य सरकार द्वारा 17,000 रुपए प्रति संयंत्र की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे 1.1 किलोवाट क्षमता का पैनल पूरी तरह निःशुल्क हो जाएगा और 150 यूनिट तक मासिक खपत पर उपभोक्ता का मासिक बिजली बिल शून्य हो जाएगा। वहीं करीब 27 लाख परिवारों के रूफ टॉप संयंत्र लगने से 3,000 मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता सृजित होगी।
राजसेस महाविद्यालयों में भर्तियों से विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर शिक्षा
उप मुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने बताया कि प्रदेश में राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसाइटी (राजसेस) का गठन गत सरकार के समय 2020 में किया गया था। इसके तहत 374 महाविद्यालय संचालित हैं। राजसेस के तहत संचालित इन महाविद्यालयों में कुल 10,594 पद हैं, जिनमें 5,299 शैक्षिक तथा 5, 295 अशैक्षिक पद हैं। ये सभी पद वर्तमान में रिक्त हैं तथा शिक्षण कार्य विद्या सम्बल द्वारा करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजसेस महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 4,724 शैक्षिक एवं गैर शैक्षिक संविदा पदों पर भर्ती की जाएगी। 3,540 शैक्षिक पदों पर यूजीसी मापदंडों के अनुरूप योग्य अभ्यर्थियों का नेट/स्लेट/सेट/पीएचडी के माध्यम से भर्ती करने पर विचार किया जा रहा है। इन सभी पदों पर भर्ती के माध्यम से हायर किए जाने वाले कार्मिकों का सेवाकाल 5 वर्ष रहेगा। इन पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा पैटर्न तय करने एवं भर्ती एजेंसी के निर्धारण तथा राजसेस हायरिंग ऑफ मैनपावर रूल्स 2023 में संशोधन की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
150 यूनिट से कम औसत मासिक उपभोग वाले उपभोक्ताओं के लिए यह होगा नियम
उन्होंने बताया कि 150 यूनिट से कम औसत मासिक उपभोग वाली श्रेणी के तहत प्रथम कैटेगरी में मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के ऐसे 11 लाख लाभार्थी परिवार, जिनके पास अपने घर की छत पर निःशुल्क रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए छत उपलब्ध है, उनके लिए वितरण कम्पनियों द्वारा अपने चयनित वेंडर्स के माध्यम से निःशुल्क 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे। द्वितीय कैटेगरी में ऐसे रजिस्टर्ड शेष उपभोक्ता जिनके रूफ टॉप संयंत्र लगाने के लिए छत उपलब्ध नहीं है, के लिए डिस्कॉम्स समुदायिक सोलर संयंत्र लगाएंगे। साथ ही, इन संयंत्रों पर वर्चुअल नेट मीटरिंग के माध्यम से ऐसे उपभोक्ताओं को इन सामुदायिक सोलर संयंत्रों से मिलने वाली बिजली के रूप में 150 यूनिट निःशुल्क बिजली प्रतिमाह उपलब्ध होगी। सामुदायिक सोलर संयंत्रों की स्थापना में होने वाला सम्पूर्ण व्यय डिस्कॉम्स वहन करेंगे। इससे उन लोगों को भी निःशुल्क बिजली योजना का लाभ मिलेगा, जिनके पास स्वयं की छत उपलब्ध नहीं है।
प्रथम 10 लाख उपभोक्ताओं को डिस्कॉम्स देंगे 1100-1100 रुपए
उन्होंने बताया कि शून्य कार्बन उत्सर्जन की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को हासिल करने में राजस्थान सरकार की यह योजना प्रेरक पहल एवं मील का पत्थर सबित होगी। इस समाजिक एवं राष्ट्रीय सरोकार में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रथम 5-5 लाख विद्युत उपभोक्ताओं (150 यूनिट से अधिक तथा इससे कम औसत मासिक उपभोग, दोनों श्रेणियों में प्रथम 5-5 लाख उपभोक्ताओं) के बैंक खातों में डिस्कॉम्स डीबीटी के माध्यम से 1100 रुपए हस्तांतरित करेंगे।
नगरीय निकायों में 1 लाख के स्थान पर 2 लाख स्ट्रीट लाइटें
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आबादी बढ़ने के साथ-साथ आवासीय क्षेत्रों के विस्तार को देखते हुए सड़कों पर एक लाख एलईडी स्ट्रीट लाईटें लगाने की घोषणा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई थी। नगरीय निकायों की संख्या 282 से बढ़कर 312 हो जाने एवं कई नगरीय निकायों में पुरानी हो चुकी लाइटों के स्थान पर नवीन लाइटें लगाने की जरूरत के मद्देनजर अब एक लाख लाइटों के स्थान पर 2 लाख स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। संशोधित बजट घोषणा के तहत इस पर अनुमानित 160 करोड़ रुपए व्यय होंगे।
