कोटा की होटल में मिला बारां निवासी छात्रा का शव पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंपा, फंदे पर लटका मिला था शव, परिजनों ने गम्भीर सवाल उठाते हुए लगाया हत्या का आरोप
एनसीआई@कोटा
बारां निवासी 12 वीं कक्षा की एक छात्रा का शव शनिवार को नयापुरा इलाके की एक होटल के कमरे में फंदे पर लटका मिला था। रविवार को उसके शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान उसके परिवार वालों ने प्रदर्शन करते हुए छात्रा की हत्या व बारां पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इनका कहना था कि पुलिस समय पर सक्रिय हो जाती तो उनकी बेटी का जान बच जाती।

बारां जिले के केलवाड़ा की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा प्रीति 10 अक्टूबर, शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी। मगर उसी दिन शाम करीब पौने पांच बजे वह केलवाड़ा से 120 किमी दूर कोटा के नयापुरा बस स्टेंड के पास स्थित आरएम हवेली (RM HAWELI ) होटल पहुंच गई। 11 अक्टूबर, शनिवार शाम इसी होटल के कमरे में उसका शव मिला।
आईडी के लिए जनाधार कार्ड दिया था
नयापुरा थाने के एएसआई कृष्ण गोपाल ने बताया कि आरएम हवेली होटल में प्रीति ने 112 नम्बर का कमरा लिया। रूम लेने के लिए आईडी के रूप में उसने अपना जनाधार कार्ड दिया था। उसे अगले दिन 11 अक्टूबर की दोपहर 12 बजे चेक आउट करना था। मगर प्रीति ने दरवाजा नहीं खोला तो होटल के स्टाफ ने दरवाजा खटखटाया। काफी आवाजें लगाने के बावजूद भी दरवाजा नहीं खुला तो रोशनदान से अंदर देखा। वहां प्रीति को फंदे पर लटका पाया। इस पर होटल स्टाफ ने पुलिस को खबर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कमरे का दरवाजा तोड़ छात्रा के शव को फंदे से उतारा। कमरे में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल 12वीं क्लास का आई कार्ड मिला है।

होटल मैनेजर दिनेश ने पुलिस को बताया कि छात्रा ने जनाधार कार्ड दिखाकर कमरा लिया था। वह अकेली थी। उससे कमरे में मिलने भी कोई नहीं आया था। उससे पुलिस ने शनिवार शाम को छात्रा के परिवार को सूचना दे दी थी।
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
मृतक छात्रा के चाचा रामराज उर्फ रवि ने बताया कि उनके बड़े भाई अर्थात प्रीति के पिता की 8 महीने पहले मौत हो चुकी है। उन्होंने भतीजी की हत्या का आरोप लगाया। इससे पहले 10 अक्टूबर, शुक्रवार को शाम साढ़े चार बजे तक प्रीति घर नहीं पहुंची तो परिवार वाले केलवाड़ा थाने गए और उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।

चाचा रामराज उर्फ रवि ने बताया कि स्कूल शाम 4 बजे तक का है, मगर वह 4.30 बजे तक भी घर नहीं पहुंची तो हमें चिंता होने लगी थी। इसके बाद हमने केलवाड़ा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। मगर पुलिस ने इसे लेकर गम्भीरता नहीं दिखाई, इसी से उसकी जान गई। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए नयापुरा पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है। इधर रविवार को एमबीएस अस्पताल में जब छात्रा के शव का पोस्टमार्टम होने लगा तो परिवार वालों ने पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
चाचा ने उठाए गम्भीर सवाल
मृतक छात्रा के चाचा का कहना है कि गांव से स्कूल की दूरी करीब 3 किलोमीटर है। घर में मां और छोटा भाई हैं। चाचा का आरोप है कि उनकी बेटी कभी केलवाड़ा से बाहर नहीं गई। ऐसे में वह बस में बैठ 120 किलोमीटर दूर कोटा कैसे चली गई? अगर होटल के कमरे का दरवाजा अंदर से लॉक था तो सबूत चाहिए, मगर पुलिस और होटल के पास इसका कोई सबूत नहीं है। होटल के सीसीटीवी कैमरे बंद हैं। प्रीति के पास जो पैसे थे, वह भी मिल गए तो होटल का कमरा लेने के लिए 400 रुपए किसने जमा करवाए?
