डॉक्टर 11 लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार, बिल पास करने के लिए मांगे थे 14 लाख रुपए, आयुष्मान भारत योजना बंद करने की दे रहा था धमकी
एनसीआई@भीलवाड़ा
आयुष्मान भारत योजना के बिल पास करने की एवज में डॉक्टर ने एक प्राइवेट अस्पताल से 14 लाख रुपए की डिमांड की। यही नहीं, डॉक्टर ने यह राशि नहीं देने पर योजना बंद कर देने तक की धमकी दे दी। इस पर अस्पताल के मैनेजर ने अजमेर एसीबी में शिकायत की। इसके सत्यापन के बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर को 11 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामला भीलवाड़ा के भीमगंज थाना इलाके का है।
एसीबी के डीएसपी नरपत सिंह ने बताया-आयुष्मान भारत योजना में बिल पास करने के एवज में डॉ. पंकज छीपा ने एक प्राइवेट अस्पताल से 14 लाख रुपए मांगे थे। डॉ. पंकज ने अस्पताल के मैनेजर से सम्पर्क किया और उससे कहा कि आपने पोर्टल पर जो बिल डाले हैं, उनमें अनियमितताएं हैं।

डॉ. पंकज ने आगे कहा- मेरे साथी आयुष्मान भारत जांचकर्ता डॉ. कुलदीप जयपुर में बैठते हैं। अगर तुम हमें 14 लाख दोगे तो हम अनियमितताएं इग्नोर कर देंगे और बिल भी पास कर देंगे। बाद में डील 11 लाख रुपए में तय हुई। रिश्वत के यह 11 लाख रुपए लेने सोमवार शाम डॉ. पंकज छीपा (40) भीलवाड़ा आया। इधर, एसीबी ने अस्पताल के मैनेजर राकेश को 9 लाख रुपए के नकली नोट और 2 लाख के असली नोट देकर तिलक नगर रोड पर भेजा। यहां डॉ. पंकज उसका इंतजार कर रहा था। जैसे ही मैनेजर ने रिश्वत के रुपए डॉ. पंकज छीपा को दिए, एसीबी की टीम ने इशारा पाते ही डॉ. पंकज को गिरफ्तार कर लिया। डॉ. पंकज ने डॉ. कुलदीप को फोन कर बताया कि मैंने रुपए ले लिए हैं। हमारे पास उसके नम्बर भी है, जांच कर रहे हैं।
11 लाख रुपए में डील हुई थी
पीड़ित मैनेजर ने बताया-जयपुर के आयुष्मान भारत जांचकर्ता डॉ. कुलदीप ने योजना में फर्जीवाड़े की बात कहकर अस्पताल मैनेजमेंट को धमकाया था। कुलदीप महीनेभर से धमकी दे रहा था कि योजना आपके अस्पताल में बंद हो जाएगी। उसने 14 लाख रुपए रिश्वत मांगी थी। इसके बाद परेशान होकर हमने एसीबी को शिकायत की थी।
