राजस्थान के तीन कांग्रेस सांसदों के फंड से हरियाणा के कैथल में विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि की सिफारिश का आरोप, भाजपा ने घेरा, कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी करार दिया
एनसीआई@नई दिल्ली/जयपुर
राजस्थान के तीन कांग्रेस सांसदों की तरफ से हरियाणा के कैथल विधानसभा क्षेत्र में अपने सांसद फंड से विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि की सिफारिश करने की बात सामने आने से मामला बुरी तरह गर्मा गया है। सवाल उठ रहा है कि इन सांसदों ने अपने संसदीय क्षेत्र में विकास को वरीयता नहीं देकर कैथल की चिंता क्यों की? भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इसे लेकर कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कांग्रेस को सबसे बड़ी धोखेबाज पार्टी करार दिया।
अमित मालवीय ने अपने एक्स हेंडल पर लिखा है, “कांग्रेस से बड़ी कोई धोखेबाज पार्टी नहीं हो सकती। इस बार निशाने पर राजस्थान के लोग हैं।”
मालवीय ने आगे लिखा, “राजस्थान के करदाताओं के पैसे का खुला दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस के तीन सांसद-संजना जाटव (भरतपुर), राहुल कसवां (चूरू) और बृजेंद्र सिंह ओला (झुंझुनू) ने अपने एमपीएलएडी फंड हरियाणा के कैथल विधानसभा क्षेत्र में खर्च करने की सिफारिश की है, जो कि कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बेटे (आदित्य सुरजेवाला) का निर्वाचन क्षेत्र है।”

राजस्थान का पैसा हरियाणा में क्यों दिया जा रहा?
मालवीय ने कहा कि यह सब कुछ सिर्फ पिछले 3-4 महीनों के भीतर हुआ है। यह विकास नहीं, वंशवाद और जनता के पैसे की खुली लूट है। उन्होंने सवाल किया कि राजस्थान के लोगों का पैसा सुरजेवाला जूनियर को हरियाणा में क्यों दिया जा रहा है? उन्होंने कैथल विधानसभा क्षेत्र में राजस्थान कांग्रेस के तीनों सांसदों की ओर से सिफारिश की गई राशि का ब्यौरा भी सार्वजनिक किया है। आरोप है कि तीनों कांग्रेस सांसदों के क्षेत्रों के विकास कार्य अधूरे हैं, इसके बावजूद वह अपनी सांसद निधि का बड़ा हिस्सा हरियाणा के कैथल जिले में भेज रहे हैं।
आरोपों पर यह बोले नेता प्रतिपक्ष जूली
वहीं, मामले पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो केन्द्र में बीजेपी की सरकार है और अधिकारी भी उनके ही हैं। इसकी जांच की जानी चाहिए।
1 करोड़ 20 लाख से अधिक के विकास कार्यों की सिफारिश
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला के बेटे आदित्य सुरजेवाला हरियाणा की कैथल विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं। इस इलाके में राजस्थान के सांसदों के सांसद फंड ( MPLADS) से विकास कार्यों की सिफारिश की गई है। इनमें राहुल कस्वां ने 50 लाख रुपए के 7 कार्यों की सिफारिश की है। वहीं, बृजेंद्र ओला ने 24.71 लाख रुपए के 4 कार्यों की और संजना जाटव ने 45.55 लाख रुपए के 6 कामों की सिफारिश की है। इस प्रकार इन तीनों सांसदों ने कैथल में कुल 1 करोड़ 20 लाख 26 हजार रुपए के विकास कार्यों की सिफारिश की है। MPLADS 1993 में शुरू हुई केन्द्र सरकार की योजना है।
एमपीलेड की गाइड लाइन के अनुसार लोकसभा सांसद देश के किसी भी इलाके में साल में एक बार 25 लाख रुपए तक के विकास कार्यों की सिफारिश कर सकता है। आपदा की स्थिति में यह राशि 1 करोड़ रुपए हो सकती है। एमपीलेड के तहत अभी 5 करोड़ रुपए सालाना के विकास काम करवाए जा सकते हैं। एमपीलेड की गाइड लाइन के हिसाब से ही पैसा रिलीज होता है।
गाइड लाइन के खिलाफ होने पर सांसद की सिफारिश रद्द भी हो सकती है। अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर लोकसभा सांसद सालाना 25 लाख रुपए के काम करवाने की सिफारिश कर सकते हैं। वहीं, राज्यसभा सांसद के लिए कोई सीमा नहीं है, वे देश भर में कहीं भी विकास कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं।

