राजस्थान: महामंडलेश्वर के 5 विदेशी शिष्यों के खिलाफ आश्रम-ट्रस्ट के कामों में हस्तक्षेप करने और बिना वीजा भारत में रहने का आरोप, मामला दर्ज
एनसीआई@पाली
पाली का ओम आश्रम ट्रस्ट (जाडन) एक बार फिर विवादों में आ गया है। दरअसल, महामंडलेश्वर स्वामी महेश्वरानंद के शिष्य ने आश्रम में रह रहे 5 विदेशी शिष्यों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि पांचों ने ट्रस्ट के कामों में हस्तक्षेप किया है। इनमें से अधिकांश आरोपी वीजा की शर्तों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं और भारत में अवैध रूप से रहे हैं। इस दौरान एक सेविका पर परिवादी से मारपीट करने का भी आरोप है।
आश्रम के ही संत फूलपुरी ने 17 जनवरी को शिवपुरा थाने में यह मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। मुख्यतौर पर यह आश्रम से जुड़ी सम्पत्तियों से जुड़ा विवाद है। यहां गौरतलब है कि इससे पूर्व एक आरोपी की ओर से परिवादी व एक अन्य के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

महामंडलेश्वर की जान को खतरे में डालने का आरोप
शिवपुरा थानाधिकारी ओमप्रकाश विश्नोई ने बताया कि आश्रम के संत फूलपुरी ने 17 जनवरी को रिपोर्ट दी है। इसके अनुसार ज्ञानेश्वर पुरी (क्रोएशियन नागरिक), प्रेमानंद (ऑस्ट्रियाई नागरिक), इरा रैंडिक टोमासिक उर्फ अग्नि देवी (क्रोएशियन नागरिक), उमा पुरी (ऑस्ट्रिया नागरिक) और निरंजन (इंगेरियन नागरिक) अवैध रूप से आश्रम और ट्रस्ट के प्रशासन में हस्तक्षेप कर रहे हैं। सभी आश्रम में निवास कर रहे हैं।
आरोप है कि सभी ने मिलकर महामंडलेश्वर स्वामी महेश्वरानंद के जीवन और स्वास्थ्य को खतरे में डाला है। शिकायतकर्ता फूल पुरी ने इन आरोपियों पर खुद के साथ मारपीट करने व धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
रिपोर्ट में मारपीट और हमला करने का आरोप
रिपोर्ट में कहा गया है कि- 11 जनवरी 2026 को महामंडलेश्वर स्वामी महेश्वरानंद द्वारा नियुक्त विधिवत समिति ने एक वैध प्रस्ताव पारित किया था। इसके तहत ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन के लिए स्वामी अवतार पुरी और उन्हें (स्वामी फूलपुरी) को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नामित करने का निर्णय हुआ था। इस प्रस्ताव की पालना में आवश्यक दस्तावेज एक वकील द्वारा स्वामीजी के हस्ताक्षर के लिए नेमीचंद चौपड़ा के निवास पर लाए गए थे, क्योंकि स्वामी महेश्वरानंद भी भोजन के लिए उनके निवास पर गए हुए थे।
इसकी जानकारी मिलने पर चौपड़ा के घर पर स्वामी जी के साथ मौजूद उमा पुरी और निरंजन ने उनसे अभद्र व्यवहार किया। ट्रस्ट के कार्यों में बाधा उत्पन्न की और उन्हें धमकाया। जब वहां से आश्रम लौटे तो इरा रैंडिक टोमासिक उर्फ अग्नि देवी ने मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सेविका ने पहले दर्ज करवाया था मामला
वहीं दूसरी ओर, 13 जनवरी को महामंडलेश्वर की सेविका उमापुरी ने शहर के कोतवाली थाने में नेमीचंद चौपड़ा और संत फूलपुरी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि संत महेश्वरानंद बीमार हैं, वे कई धर्मार्थ ट्रस्टों के संरक्षक हैं। रिपोर्ट में बताया कि दोनों आरोपियों ने षड्यंत्र रचकर संत महेश्वरानंद को खाने पर बुलाकर आश्रम की सम्पत्तियों के डॉक्यूमेंट पर अंगूठा लगवाया था।
