TMC को तगड़ा झटका, बंगाल में काउंटिंग में केंद्रीय कर्मियों की तैनाती के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किया इनकार
एनसीआई@नई दिल्ली
केंद्र सरकार और केंद्रीय कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची टीएमसी को तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे नियमानुसार बताते हुए दखल देने से इनकार कर दिया। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी गुरुवार को राहत देने से इनकार कर दिया था। याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। इस पर वकील कपिल सिब्बल के सभी तर्क धरे रह गए।
‘चुनाव आयोग को कहां से आशंका हो गई?’
चुनाव आयोग के PSU कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने के फैसले के खिलाफ टीएमसी की ओर से कपिल सिब्बल ने ममता सरकार का पक्ष रखा। तृणमूल कांग्रेस के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसी चीजें पहले नहीं हुईं। चुनाव आयोग को कहां से आशंका हो गई? कपिल सिब्बल ने कहा कि सर्कुलर में खुद ही कहा गया है कि राज्य सरकार के नोमिनी होने चाहिए, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। सिब्बल ने कहा कि इस बात की आशंका है कि आयोग के इस कदम से चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होगी।
‘डर है कि हर एक बूथ में दिक्कत होगी….’
कपिल सिब्बल ने कहा कि यह सर्कुलर DEO को जारी किया गया है और हमें 29 अप्रेल को पता चला। इसके उलट, पहले से नोटिस दिया गया है। उन्हें डर है कि हर एक बूथ में दिक्कत होगी। एक सेंट्रल गवर्नमेंट नॉमिनी है और अब उन्हें एक और चाहिए। सर्कुलर में कहा गया है कि स्टेट गवर्नमेंट नॉमिनी की जरूरत है, लेकिन वे उसे अपॉइंट नहीं करेंगे। आर्टिकल 324 इस बारे में नहीं है कि आप जो चाहें और जैसा चाहें करें।
