बूंदी: पत्नी की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या करने का आरोपी पति गिरफ्तार, बेटी ने दर्ज कराया था मामला
एनसीआई@बूंदी
बूंदी पुलिस ने तालेड़ा थाना क्षेत्र के रामी बाई हत्याकांड का खुलासा करते हुए गुरुवार को मुख्य आरोपी पति हेमराज मेघवाल को गिरफ्तार कर लिया। एसपी अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और बेहतर पुलिस समन्वय से यह सफलता मिली है। मंगलवार आधी रात के करीब यह वारदात हुई थी।
मृतका की 22 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी ने अपनी छोटी बहन के साथ थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि 28 अप्रेल 2026 की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उनके पिता हेमराज मेघवाल (42) ने मां रामी बाई (40) की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। रिपोर्ट में पिता सहित 9 जनों को आरोपी बनाया गया है।

पुत्री लक्ष्मी ने आरोप लगाया है कि उसके ताऊ रमेश व जगदीश, ताई लाड़बाई व चंद्रकला, ताऊ के लड़के देवराज व रामपाल, दादा दुर्गाशंकर और दादी भूली बाई ने आपराधिक साजिश रचकर उसके पिता को मां की हत्या के लिए उकसाया। इसके बाद वारदात को अंजाम दे पिता हेमराज फरार हो गया था। बेटी ने यह भी बताया कि 23 साल पहले उसके माता-पिता की शादी हुई थी। तीन लड़कियां होने के बावजूद लड़का पैदा नहीं होने से उसके पिता और पूरा परिवार उसकी मां को परेशान करता था। इसके अलावा पुश्तैनी जमीन का विवाद भी झगड़े की वजह था। उसके पिता छोटी-छोटी बातों पर मां से मारपीट करते थे और जान से मारने की धमकी देते थे। पिछले दो साल से उसके पिता, ताऊ रमेश और जगदीश के साथ रह रहे थे। इसलिए मां ही अलग रहकर मेहनत-मजदूरी कर उन्हें पाल रही थी। पिता हेमराज कुछ भी नहीं देता था।
यह रहा था घटनाक्रम
घटना वाले दिन सुबह करीब 10 बजे दूध वाले के आने पर उसकी दोनों छोटी बहनों आरती और भारती के बीच दूध लाने की बात पर कहासुनी हो गई थी। इसी बात पर पिता हेमराज बहन आरती से मारपीट करने लगा। जब मां रामी बाई ने पिता को रोकने की कोशिश की तो हेमराज आगबबूला हो गया और बोला, “तू कौन होती है मुझे रोकने वाली। तुझे तो जान से मारूंगा।” हेमराज उसकी पत्नी को आए दिन ऐसी धमकियां देता था, इसलिए किसी ने उसे गम्भीरता से नहीं लिया। दिनभर घर पर रहने के बाद हेमराज शाम को उसके भाईयों के घर चला गया था। रात दस बजे करीब मां रामीबाई दोनों छोटी बेटियों को लेकर सो गई। रात साढ़े ग्यारह बजे हेमराज कुल्हाड़ी लेकर वापस घर लौटा और सोती हुई रामीबाई के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। मां की चीख सुनकर दोनों बेटियों की नींद खुल गई तो वे भी मां की हालत देख चीखने लगीं। इस पर हेमराज भाग गया। रातभर बेटियां खून से सनी हुई मां की लाश के पास बैठ कर रोती रहीं, लेकिन कोई पड़ोसी तक उन्हें संभालने नहीं आया। सुबह पुलिस को बड़ी बेटी लक्ष्मी ने ही सूचना दी। तब पुलिस पहुंची।
