एनसीआई@भरतपुर
जिले की भुसावर पंचायत समिति में 30 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार सहायक अभियंता गोविन्द प्रसाद के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई में अब बड़ी बरामदगी सामने आई है। ट्रेप कार्रवाई के बाद एसीबी ने आरोपी के रिहायशी मकान की तलाशी ली। इससे 43 लाख 38 हजार 500 रुपए नकद और करीब 20 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां बरामद हुई हैं। इसके अलावा तलाशी में कई सम्पत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।
भरतपुर एसीबी चौकी की टीम ने 14 सितम्बर 2026 को गोविन्द प्रसाद, हाल सहायक अभियंता, पंचायत समिति भुसावर को परिवादी से 30 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। ट्रेप के बाद आरोपी के रिहायशी मकान की तलाशी ली गई। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने बताया कि तलाशी पुलिस उप महानिरीक्षक, एसीबी रेंज भरतपुर ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में ली गई। इस दौरान घर से 43 लाख 38 हजार 500 रुपए बरामद हुए। साथ ही करीब 20 किलो चांदी की सिल्लियां भी मिलीं।

हिंडौन में दो दुकानों और जयपुर के मकान के दस्तावेज
तलाशी के दौरान एसीबी को केवल रुपए और चांदी ही नहीं मिली, बल्कि आरोपी की सम्पत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। इनमें कस्बा हिंडौन में दो दुकानें, जयपुर के मानसरोवर में हाउसिंग बोर्ड का एक मकान तथा अन्य भू-सम्पत्तियों से सम्बंधित दस्तावेज शामिल हैं।
दस्तावेज की जांच
एसीबी अब बरामद नकदी और चांदी के साथ इन सम्पत्तियों के दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि बरामद नकदी और चांदी का स्रोत क्या है?. इन पर वास्तविक स्वामित्व किसका है और क्या ये आरोपी की ज्ञात आय के स्रोतों से मेल खाते हैं?
एसीबी के सामने चुनौती
एएसपी अमित सिंह ने बताया कि तलाशी रिपोर्ट और प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर मामले में आगे का अनुसंधान किया जाएगा तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसी के सामने यह पता लगाना चुनौती है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और चांदी कहां से आई तथा बरामद सम्पत्तियों का उसके आय के ज्ञात स्रोतों से क्या सम्बंध है? इन सवालों के जवाब एसीबी की आगामी जांच में सामने आएंगे।
