जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देश पर डॉ. सामर ने परखी 108 एम्बुलेंस की तैयारियां, ऑक्सीजन से लेकर जीवनरक्षक उपकरणों तक की गहन जांच की
एनसीआई@बूंदी
सड़क सुरक्षा एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देश पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी सामर ने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर संचालित 108 एम्बुलेंस का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एम्बुलेंस की व्यवस्थाओं को बारीकी से जांचते हुए आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की तैयारियों का जायजा लिया।

डॉ. सामर ने एम्बुलेंस में उपलब्ध ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक दवाइयां, फर्स्ट एड किट, नेबुलाइजर, ग्लूकोमीटर, बीपी मशीन, सक्शन मशीन, कैथेटर सहित मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने में उपयोग होने वाले अन्य आवश्यक उपकरणों की गहनता से जांच की। उन्होंने उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी स्थिति और उपयोगिता के बारे में भी जानकारी ली।
साफ-सफाई में कमी मिलने पर जताई नाराजगी
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान 108 एम्बुलेंस में साफ-सफाई की व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं मिलने पर सीएमएचओ डॉ. सामर ने नाराजगी जताई। उन्होंने एम्बुलेंस चालक को साफ-सफाई व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस स्वयं एक आपातकालीन चिकित्सा इकाई के रूप में कार्य करती है, इसलिए इसमें स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था बेहतर रहना बेहद जरूरी है।
डॉ. सामर ने एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर, सक्शन मशीन, कैथेटर, नेबुलाइजेशन से सम्बंधित उपकरणों तथा पानी की सप्लाई सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी जांचा। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को तत्काल दूर करने और सभी आवश्यक उपकरणों को बेहतर स्थिति में रखने के कड़े निर्देश दिए गए।
आपात स्थिति में हर समय तैयार रहे 108 एम्बुलेंस
सीएमएचओ डॉ. सामर ने कहा कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं अथवा अन्य आपात परिस्थितियों में 108 एम्बुलेंस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में एम्बुलेंस की तैयारियां निर्णायक साबित होती हैं। ऐसे में एम्बुलेंस में ऑक्सीजन, दवाइयां, फर्स्ट एड सामग्री और आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण हर समय उपलब्ध एवं उपयोग योग्य रहना जरूरी है।
सम्बंधित कार्मिकों को निर्देश दिए कि एम्बुलेंस की साफ-सफाई, उपकरणों की उपलब्धता, ऑक्सीजन व्यवस्था और अन्य आवश्यक संसाधनों की नियमित रूप से जांच की जाए। किसी भी उपकरण में कमी अथवा खराबी पाए जाने पर उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि आपात स्थिति में मरीज को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
नियमित रूप से जारी रहेगा निरीक्षण
डॉ. सामर ने कहा कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर सड़क सुरक्षा, सुरक्षित यातायात तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए 108 एम्बुलेंस का निरीक्षण आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। निरीक्षण का उद्देश्य कमियां निकालना मात्र नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाना और जरूरतमंद मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करना है।
सीएमएचओ ने कहा कि 108 एम्बुलेंस को हर समय आपातकालीन सेवा के लिए तैयार रखना चिकित्सा विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए एम्बुलेंस में उपलब्ध सभी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डीपीएम राहुल माथुर भी मौजूद रहे।

