एनसीआई@बूंदी
राजस्थान समान नागरिक संहिता (UCC) 2026 के प्रारूप और क्रियान्वयन को लेकर राज्य स्तर से नियुक्त समिति के सदस्य ने बुधवार को कोटा संभाग मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई की। इसमें जनप्रतिनिधियों, धर्म गुरुओं, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने भाग लिया।
जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट हरफूल सिंह यादव ने वीसी से जुड़े सभी अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों का स्वागत करते हुए बताया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य यूसीसी पर प्रबुद्ध नागरिकों से रचनात्मक सुझाव लेना है।

इस जनसुनवाई में बाल कल्याण समिति, बूंदी की अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने सुझाव दिया कि विवाह का पंजीयन वैध जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर डिजिटल होना अनिवार्य किया जाए। इससे बहु-विवाह पर लगाम कसी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन हो। ग्रामीण अंचलों में बाल विवाह की कुरीति पर पूर्ण रोक लगे। पुराणाचार्य पं. ज्योतिशंकर और गुढ़ानाथवतान के समाजसेवी बलराज सिंह ने सुझाव दिया कि कानून लागू करते समय सभी धर्मों की विशिष्टताओं और धार्मिक स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखा जाना चाहिए। बहु-विवाह जैसी कुप्रथाओं पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। विवाह की आयु सीमा पूर्ववत (महिला 18 व पुरुष 21 वर्ष) ही रहनी चाहिए।
अभिभाषक परिषद के सचिव एडवोकेट पंकज दाधीच ने यूसीसी को देश में धर्मनिरपेक्षता को सुदृढ़ करने और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक कदम बताया। रोटेरियन चंद्र प्रकाश सेठी ने कहा कि इससे समाज में व्याप्त पारम्परिक कुरीतियां समाप्त होंगी और महिलाओं के उत्तराधिकार से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण होगा। सिख समाज के प्रधान सुखजिन्द्र सिंह ने भी अलग-अलग समाजों के लिए अलग कानून की जगह एक समान कानून की वकालत करते हुए इसे राज्य सरकार की सराहनीय पहल बताया।
जन सुनवाई में भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व जिलाध्यक्ष कुंज बिहारी बिल्या व सुरेश अग्रवाल ने पूरे देश और राज्य में बिना किसी विलम्ब के यूसीसी लागू करने की मांग की, ताकि समाज का समग्र उत्थान हो सके। पूर्व विधायक ओम प्रकाश शर्मा ने स्थानीय परम्पराओं, जातियों और धर्मों की संवेदनशीलता का ध्यान रखते हुए कानून लागू करने की बात कही। अरविन्द्र सिंह ने सुझाव दिया कि कानून लागू करने से पूर्व सभी सामाजिक संगठनों और धर्म गुरुओं से व्यापक सुझाव लिए जाने चाहिए। वन्य जीव प्रेमी विट्ठल सनाढ्य ने भी यूसीसी कानून को जल्द लागू करने के सम्बंध में अपने सुझाव रखे।
जनसुनवाई में नगर परिषद की पूर्व सभापति सरोज अग्रवाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर एचडी सिंह सहित कई जनप्रतिनिधित्व व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
