एनसीआई@भोपाल
मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन हुआ है। सनवर पटेल को फिर से इसका अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, पहली बार वक्फ बोर्ड में दो हिन्दू सदस्यों को भी जगह मिली है। ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।इस पर कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने तीखा प्रहार किया।
वक्फ की जमीन मुल्ला-मौलवी की नहीं
इस विरोध पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीन तो हिन्दुस्तान की है। सब लोग गंगा-जमुनी तहजीब की बात करते हैं, यह देश की संस्कृति में है। वह गरीबों को दी जाने वाली भूमि है। वक्फ की जमीनें किसी मुल्ला और मौलवी के नाम नहीं की गई हैं। सरकार गरीबी रेखा कार्ड बना रही है। आयुष्मान कार्ड बना रही है। वक्फ संसोधन बिल के बाद उसमें दो हिन्दू सदस्य बने हैं।
मुसलमानों को परेशान होने की बात नहीं
विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वक्फ के हिन्दू सदस्यों का दृष्टिकोण भी गरीबों का भला करने के लिए होगा, इसलिए उनको वहां रखा गया है। इससे मुसलमानों को कोई तकलीफ की बात नहीं है। हां, इससे उनको तकलीफ जरूर होगी, जो वक्फ की सम्पत्ति को खा रहे थे।
इन दो हिन्दुओं को मिली वक्फ बोर्ड में जगह
मध्य प्रदेश के नवगठित वक्फ बोर्ड में जिन दो हिन्दू सदस्यों को जगह मिली है, उनमें इंदौर के मनोज मालपानी और गुना जिले के राघवगढ़ के अनिमेश भार्गव शामिल हैं। मध्य प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है, जब वक्फ बोर्ड में हिन्दू सदस्यों को जगह मिली है। इसके खिलाफ पूर्व में मुस्लिम संगठनों ने विरोध भी किया था। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पास अरबों की सम्पत्तियां हैं। वक्फ पोर्टल पर कुल 23 हजार 118 सम्पत्तियां दर्ज हैं। इनमें मस्जिदें, कब्रिस्तान, ईदगाह, दरगाह, मदरसे आदि शामिल हैं। सबसे अधिक 4 हजार 475 सम्पत्तियां भोपाल में दर्ज हैं। इन सम्पत्तियों से वक्फ बोर्ड को करोड़ों रुपए की कमाई होती है।
