राजस्थान: खाप पंचायत से परेशान व्यक्ति ने जहर खाया
एनसीआई@भरतपुर
जिले के कुम्हेर थाने के गांव भटावली में एक व्यक्ति ने पंचायत के दबाब के चलते जहर खाकर सुसाइड करने का प्रयास किया। उसका जिला अस्पताल के आईसीयू में इलाज जारी है। आरोप है कि गांव के पंचों ने पीड़ित पर एक मुकदमे में राजीनामा करने के लिए दबाव बनाया और ऐसा नहीं करने पर हुक्का पानी बन्द करने का फरमान सुना दिया। इससे आहत होकर पीड़ित ने आत्महत्या का प्रयास किया।
कुम्हेर थाना इलाके के गांव भटावली के रहने वाली महावीर सिंह ने जहरीला पदार्थ खाकर जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की। उसने इससे पहले जिला पुलिस अधीक्षक के नाम सुसाइड नोट भी लिखा।
दरअसल, महावीर सिंह के बेटे पुष्पेन्द्र सिंह को 22 नवम्बर को गांव के रहने वाले रतिराम ने अपने बेटों के साथ मिलकर मारने का प्रयास किया। इसका कुम्हेर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पंचायत इस मुकदमे को बापस लेने के लिए पीड़ित पर दबाव बना रही थी। पुष्पेंद्र रायपुर में नौकरी करता है जो घर आया हुआ था। घटना का मामला दर्ज होने के बाद महावीर के परिवार पर राजीनामे का दबाब डाला जा रहा था। 22 दिसम्बर को गांव में पंचायत बुलाई और मारपीट के मामले में राजीनामे का दबाब बनाया जा रहा था।
जहर खाने से पहले महावीर ने सुसाइड नोट में लिखा कि 3 नवम्बर को रतिराम और उसके बेटों ने मेरे बेटे पुष्पेंद्र के गले में फांसी का फंदा डालकर जान से मारने की कोशिश की थी। इसकी एफआईआर कुम्हेर थाने में दर्ज करवाई गई थी। 22 दिसम्बर को ऊदल ने गांव के दबंगों से सांठगांठ करके महावीर के घर पंचायत बुलाई और मुकदमा वापस लेने के लिए मुझ पर दबाव डाला जा रहा था। पूरे समाज के सामने उसका बहुत अपमान किया। दबंग बीजेपी नेता लक्ष्मण सिंह, विजय सिंह, समय पाल, रामवीर सिंह और रत्तीराम उसके घर आकर बार-बार धमकी दे रहे हैं कि राजीनामा नहीं किया तो तेरे परिवार के लोगों को 376 के झूठे मुकदमे में फंसा देंगे। गांव से तेरा हुक्का पानी बंद कराकर समाज से निष्कासित करवा देंगे। राजीनामा करने के एवज में 1 लाख 50 हजार का दंड देना होगा।
यह कहना है पुलिस का
अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक अनिल मीणा ने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा जहर खाने की सूचना मिली थी। लेकिन फिलहाल पीड़ित पक्ष की तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है। गांव में दो पक्षों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद है, जिसे लेकर पंचायत बुलाई गयी थी, लेकिन पीड़ित पंचायत में ही नहीं पहुंचा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
