कांग्रेस के राज्य प्रभारी के सामने हारे हुए उम्मीदवारों का हंगामा, बोले: निर्दलीयों ने खुली लूट मचा रखी है, सीएमओ की धमकी देते हैं
एनसीआई@जयपुर
कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा के सामने निर्दलीय और बसपा विधायकों की सीटों पर हारे हुए कांग्रेस उम्मीदवारों ने निर्दलीय विधायकों को सीमा से बाहर जाकर तवज्जो दिए जाने, वहीं उनकी पूरी तरह उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। बाद में महिला कांग्रेस के नेताओं ने भी ऐसा ही रुख अपनाया। इससे रंधावा हतप्रभ रह गए। उन्हें इस प्रकार के आक्रोश की बिल्कुल भी आशंका नहीं थी। इस दौरान यहां तक आरोप लगाए गए कि निर्दलीय विधायकों के सामने कांग्रेस के नेताओं को शक्तिहीन कर दिया गया। सरकार और संगठन के द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। दरअसल कांग्रेस के हारे हुए विधायक उम्मीदवारों व महिला नेताओं को गुरुवार को अस्पताल रोड पर कांग्रेस वार रूम में फीडबैक के लिए बुलाया गया था।
कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा इस वार रूम में फीडबैक ले रहे हैं। 13 निर्दलीय विधायकों और 6 बसपा मूल के विधायकों वाली सीटों पर हारे हुए कांग्रेस उम्मीदवारों ने आते ही उनकी अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए जमकर हंगामा कर दिया। बाद में इन्हें शांत किया गया।
जिन्होंने लाठियां खाईं, वे राज में भी पीड़ित
इस क्रम में शाहपुरा से कांग्रेस के हारे हुए उम्मीदवार मनीष यादव, नदबई से हिमांशु कटारा, खंडेला से सुभाष मील, बहरोड़ से आरसी यादव सहित हारे हुए कांग्रेस उम्मीदवारों ने प्रभारी और प्रदेशाध्यक्ष को जमकर खरी-खरी सुनाई। हारे हुए उम्मीदवारों ने कहा- निर्दलीयों ने हर डिपार्टमेंट में लूट मचा रखी है। वे हर बात में सीएमओ की धमकी देते हैं। उनके सारे काम होते हैं। हमने विपक्ष में रहते हुए भी संघर्ष किया। अब कांग्रेस का राज होते हुए भी हम पीड़ित हैं। जिस कार्यकर्ता ने विपक्ष में रहकर लाठियां खाईं, खून पसीना बहाया, वे आज राज में भी पीड़ित हैं। आगे पार्टी के साथ कौन खड़ा होगा। निर्दलीयों के तांडव का कांग्रेस को नुकसान होगा।
मनीष बोले: रंधावा से की है शिकायत
शाहपुरा से कांग्रेस के टिकट पर हारे हुए उम्मीदवार मनीष यादव ने कहा- निर्दलीयों ने लूट मचा रखी है। उसकी शिकायत हमने रंधावा से की है। हम मजबूती से इन लोगों का सामना कर रहे हैं। निर्दलीयों ने जमकर भ्रष्टाचार किया है। आप शाहपुरा, खंडेला सहित निर्दलीयों वाले किसी भी क्षेत्र में जाकर देख लीजिए। चाहे नगरपालिका ईओ हो या कोई ऑफिस हो, ऐसा भ्रष्टाचार कभी नहीं देखा। राज चलाने का मतलब यह नहीं होता कि कार्यकर्ता को मरने दिया जाए। चार साल तक जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी के खिलाफ काम किया, सारी शिकायतें रंधावा से की हैं। उन्होंने जिस तरह सुना है। लगता है जल्द फैसला होगा। सरकार के चार साल में जिस तरह कांग्रेस और कांग्रेस कार्यकर्ता को खत्म करने की मंशा से काम किया है। उसके बारे में प्रभारी को बताया है।
कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ न्याय नहीं हुआ
यादव ने कहा- सचिन पायलट ने हम नौजवान लोगों को चुनाव लड़ने का अवसर दिया। आज जिस तरह का वातावरण बना हुआ है। जिस प्रकार चार साल में हमारे कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया। हमें दर्द यही है कि हमें पार्टी ने उम्मीदवार बनाया, लेकिन संगठन और स्थानीय चुनावों के टिकटों में हमारी राय नहीं ली गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ न्याय होना चाहिए था। चार साल में कार्यकर्ता के साथ न्याय नहीं हुआ। उन विधानसभाओं में हमें चुनावों में भारी नुकसान होगा। क्योंकि निर्दलीयों और उनके परिजनों ने लूट मचा रखी है। उसके बारे में कोई बता देगा। राज चलाने के नाम पर भ्रष्टाचार किया कि राजस्थान में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सुभाष मील बोले: सीएमओ के नाम पर धमकी
खंडेला से हारे हुए उम्मीदवार सुभाष मील ने कहा-जिन लोगों ने कांग्रेस को वोट दिया, उन लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। निर्दलीयों की सहायता से सरकार चलाने के नाम पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित नहीं करना चाहिए। खुली लूट मचा रखी है, उसका जवाब जनता दे देगी। हमारी मुख्य मांग है कि संगठन में हमें मौका मिलना चाहिए था। हमें संगठन में वरीयता नहीं दी गई। आज सरकार चलाने के नाम पर लूट मचा रखी है। सीएमओ के नाम पर कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है। निर्दलीय हर बात में सीएमओ को लाते हैं। जनता देख रही है। उसका जनता जवाब दे देगी। हमने मांग रखी है कि हमें संगठन में वरीयता दी जाए। प्रभारी ने हमारी बात सुनी है और अब हमें उम्मीद है कि समाधान होगा।
डोटासरा ने कहा: अब ध्यान रखेंगे
हारे हुए उम्मीदवारों का कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी पक्ष लिया। डोटासरा ने प्रभारी के सामने नाराज उम्मीदवारों का पक्ष लेते हुए कहा कि हम इनके साथ न्याय नहीं कर पाए। इन्हें संगठन में पद नहीं मिले और तवज्जो भी नहीं मिली, लेकिन अब ध्यान रखा जाएगा। 19 विधानसभा क्षेत्रों में हमारे उम्मीदवारों के साथ हम कुछ नहीं कर पाए।
रामेश्वर डूडी बोले: नाराजगी सही है
पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा कि 19 विधानसभा क्षेत्रों में हमारे कांग्रेस के उम्मीदवारों की शिकायतों को दूर किया जाना चाहिए। उनकी बात सही है। चुनाव से पहले अब इनके गिले-शिकवे हैं, उन्हें दूर करना होगा।
महिला कांग्रेस की नेताओं का भी हंगामा
कांग्रेस प्रभारी रंधावा ने महिला कांग्रेस की नेताओं से भी फीडबैक लिया। फीडबैक बैठक के दौरान कई महिला नेताओं ने तवज्जो नहीं मिलने को लेकर जमकर हंगामा किया । बाद में रंधावा और डोटासरा ने समझाइश से हंगामा कर रही महिलाओं को समझाया। महिला नेताओं का कहना था कि कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद उन्हें किसी भी तरह की तवज्जो नहीं दी जाती। महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं को दोयम दर्जे का समझा जाता है, इसका आने वाले चुनाव में नुकसान होगा। महिला बड़ा वोट बैंक है, अगर इस तरह की उपेक्षा उनके साथ हुई तो पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। महिला कांग्रेस को केवल नाम का बनाकर रख दिया, जब सरकार और विपक्ष में कोई फर्क ही नहीं रह जाएगा तो मनोबल कैसे बना रहेगा
